दत्तकग्रहण से संबंधी सामाजिक मुद्दे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 02, 2013

गोद लेने के मामले में सबसे कठिन स्थिति तब आती है जब आपके पास पहले से हीं आपकी कोई संतान हो। आपके लिए अपने सगे बच्चे को गोद लिए बच्चे के बारे में समझाना बहुत मुश्किल होगा। आपको उसे कुछ इस तरह से समझाना होगा कि आपके सगे बच्चे को दुःख भी न लगे और गोद लिए बच्चे को वह स्वीकार भी कर ले। हालाँकि यह इतना आसन नहीं होगा। शायद आपकी समझ में न आये की अपने बच्चे को गोद लिए बच्चे के बारे में क्या बतलाएं और कितना बतलाएं।  यहाँ आपको बहुत हीं धैर्य और विवेक से काम लेना होगा। अपने सगे बच्चे को नए बच्चे को समझने और उसे स्वीकार करने के लिए थोड़ा समय दें।  अपने सगे बच्चे को और ज्यादा प्यार दें ताकि नए बच्चे के आने पर वह अपने आपको असुरक्षित महसूस न  करे।

 

गोद लेने के मामले में एक और कठिन पहलू तब सामने आता है जब आपकी ये समझ में नहीं आता की गोद लिए बच्चे को कब और कैसे बताएं की वह आपलोगों की सगी संतान नहीं है बल्कि अपने उसे गोद लिया है।  आप यह सोचकर विचलित हो सकते हैं कि पता नहीं यह सब जानकर बच्चे पर क्या  बीते।  गोद लेने के मुद्दे को ज्यादा छिपाकर न रखें।  बच्चे के साथ ईमानदारी बरतें। उसे ज्यादा अँधेरे में न रखें!

 

आपके गोद लिए बच्चे को पता रहना चाहिए कि उसे गोद लिया गया है इसलिए उसे यह बात शुरू में हीं बता दें। लेकिन ये बात बताते समय इस बात का ध्यान रखें कि वास्तविकता जानकर वह विचलित न हो जाए । इसलिए हर बात हिसाब से हीं बताएं।  उन्हें बताएं कि उनके सगे माँ-बाप उनसे बहुत प्यार करते थे लेकिन चूँकि वे उनकी देखभाल कर पाने में असमर्थ थे इसलिए उन्होनें अपना बच्चा  उन्हें सौप दिया। आप बच्चे को यह एहसास कराएं कि आप भी उन्हें बहुत प्यार करतें हैं।  इस वक़्त बहुत ज्यादा बात न बताएं।

 

हाँ! जैसे-जैसे वह बच्चा बड़ा होता जायेगा, उसमें अपने-आप  समझदारी आती जाएगी; वह दुनियादारी को कुछ कुछ समझने लगेगा।  ऐसे में वह खुद भी कुछ न कुछ सवाल करता रहेगा। उस वक़्त हालात के अनुसार आप कुछ और बातें, जो आपको उचित लगे, बतला सकते हैं ।  संभव है कि उस बच्चे में इस बात का रोष हो या दुःख हो कि उसके अपने माँ-बाप ने उसका परित्याग कर दिया है। इस मुद्दे को बड़े प्यार से संभालें। उसके मन से रोष या असंतोष को दूर करने का प्रयास करें। अगर वह आपसे कुछ कहना चाहता है तो उसकी बातें गौर से सुनें। उसके दुःख में आप साथ हो लें। उसकी भावनाओं को समझें और उसे ये समझाने की कोशिश करें कि उसके साथ जो कुछ हुआ उसमें उसका एवं आप सबका भला छुपा होगा। उसे यह महसूस  कराएं कि वह आपके लिए अमूल्य है। अब आप उसे किसी कीमत पर खोना नहीं चाहेंगे। इससे वह आपसे प्यार करने लगेगा और काफी हद तक अपना दुःख भूल  जाएगा ।

 

अपने गोद लिए बच्चे को कब क्या बताना है इसके लिए कोई नियम नहीं है। आपको जब उचित लगे, जब बेहतर लगे आप बता सकते है। उसे कितना बताना है यह भी आप हालात देखकर निश्चित करें। इसके लिए भी कोई नियम नहीं है। हाँ! अगर कभी कोई बात बिगड़ती जान पड़ रही हो या कोई मामला आपके हाथ से बाहर जाता दिख रहा हो तो ऐसे में आप किसी सलाहकार  की मदद ले सकतें हैं।

 

 

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