तरोताजा दिखने के लिए

By  ,  दैनिक जागरण
Dec 16, 2010
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WAKING UPआपने कभी सोचा है कि क्यों कुछ लोग थोड़ी सी नींद लेने के बाद ही खुद को तरोताजा महसूस करते हैं? जबकि कुछ को थकान महसूस होती है और वे सोचते हैं कि थोड़ा और सो लें।


इसका उत्तर आपके 'जीन' में छुपा है। एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि नींद के लिए जिम्मेदार जीन ही लोगों को तरोताजा बनाता है या और सोने की इच्छा जगाता है।


'डेली मेल' में प्रकाशित खबर के अनुसार, नींद का यह जीन कुछ लोगों में दूसरों के मुकाबले ज्यादा थके होने का अहसास कराता है। भले ही उन्होंने 10 घंटे की नींद ली हो।


वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए ऐसे 37 लोगों को चुना, जो आनुवांशिक रूप से 'नेक्रोलेप्सी' (नींद की बीमारी) के शिकार थे। इस बीमारी में पीडि़त व्यक्ति को बिना पूर्व संकेत के अचानक नींद आ जाती है। सौ दिनों तक इनकी नींद के क्रम और उसके प्रभाव का अध्ययन किया गया।


ऐसा जीन पाए जाने के बाद भी जिन लोगों में 'नेक्रोलेप्सी' की समस्या नहीं रहती, उन्हें अच्छी नींद लेने वालों में शामिल किया जाता है।


अध्ययन के दौरान पहली दो रातों में सदस्यों से 10 घंटे सोने के लिए कहा गया। जबकि अगली छह रातों में उन्हें केवल 4 घंटे सोने की अनुमति थी। बाकी 92 रातों में आनुवांशिक दोष से रहित लोगों को सामान्य दिनचर्या का पालन करने के लिए कहा गया।


अध्ययन में पाया गया कि दोषयुक्त जीन वाले लोगों को ज्यादा थकान और नींद की जरूरत महसूस हुई। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन्होंने कितनी कम या ज्यादा नींद ली।


दल का नेतृत्व कर रहे पेंसिलिवेनिया विश्र्वविद्यालय के वैज्ञानिक नाम्नी गोयल के अनुसार, 'व्यक्ति में मौजूद इस जीन के अध्ययन से पता चल सकता है कि वह नींद की कमी होने पर कैसा व्यवहार करेगा। यह उनके लिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जो रात को काम करते हैं। हालांकि अभी इस दिशा में और ज्यादा अध्ययन की जरूरत है।'

 

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