डेंगू का जीन

वैज्ञानिकों ने मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी डेंगू से संबंधित एक नए जीन की खोज की है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस जीन के आधार पर इस लाइलाज बीमारी की दवा विकसित की जा सकेगी। अब डेंगू का ईलाज और भी आसान हो सकेगा।

 अन्‍य
डेंगू Written by: अन्‍य Published at: Mar 31, 2011
डेंगू का जीन

वैज्ञानिकों ने खोजा डेंगू का जीन वैज्ञानिकों ने मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारी डेंगू से संबंधित एक नए जीन की खोज की है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस जीन के आधार पर इस लाइलाज बीमारी की दवा विकसित की जा सकेगी।

 

नोवार्टिस इंस्टीट्यूट फार ट्रापिकल डिजीजिस और जीनोम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में एक अनुसंधान दल ने 'माइक्रो ऐरे' तकनीक के आधार पर मानव शरीर में इन जीनों पर नजर रखी। दल ने इस बात की पड़ताल की है कि यह जीन डेंगू के वायरस से सामना होने पर क्या प्रतिक्रिया देता है और इसी आधार पर इनकी पहचान संभव हुई।

 

गौरतलब है कि डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से फैलने वाली प्रमुख बीमारियों में से एक है। हर साल डेंगू बुखार के 50 लाख से एक करोड़ मामले सामने आते हैं, जिनमें से लगभग पांच लाख मामले बुखार के कारण दिमाग की नस फट जाने और कोमा के होते हैं।

 

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