शुगर के स्‍तर पर नियंत्रण ही डायबिटिक नेफरोपैथी से बचने का बेहतर उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 28, 2013
Quick Bites

  • डायबिटिक नेफरोपैथी से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है खानपान।
  • यह बीमारी 50-70 साल की उम्र के बीच के लोगों को अधिक होती है।
  • इसकी संभावना को कम करने के लिए जरूरी है नियमित व्‍यायाम।
  • शुगर की जांच नियमित करें, मोटापा कम करें और पॉजिटिव सोचें।

मधुमेह से ग्रस्‍त मरीजों को डायबिटीज नेफरोपैथी की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। डायबिटिक नेफरोपैथी गुर्दे से सबंधित एक गंभीर बीमारी है। यह डाबिटीज का ही एक प्रकार है।

Avoid Diabetic Nephropathy

व्‍यक्ति के गुर्दों में बहुत ही सूक्ष्म रक्त वाहिकायें होती हैं, ये रक्‍त वाहिकायें खून को साफ करने का काम करती हैं। लेकिन मधुमेह के कारण कारण अधिक शुगर की मात्रा इन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं और धीरे-धीरे व्‍यक्ति का गुर्दा काम करना बंद कर देता है। यह शुगर का स्‍तर बढ़ने के कारण होता है। आइए हम आपको इससे बचने के उपायों की जानकारी देते हैं।

 

डायबिटिक नेफरोपैथी से बचने के टिप्‍स

 

खानपान के जरिए

डायबिटिक नेफरोपैथी से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है खानपान। इसलिए अपनी आहार योजना पर विशेष ध्‍यान दीजिए। खाने के लिए निश्चित दिनचर्या का पालन करें। खाने में ज्‍यादा प्रोटीनयुक्‍त आहार का सेवन न करें। कम प्रोटीन वाला खाना खाकर जिसमें (10 प्रतिशत से 12 प्रतिशत कम कैलोरी हो) भी गुर्दे कि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। खाने में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल कीजिए।

शुगर नियंत्रित करें

डा‍यबिटिक नेफरोपैथी का सबसे बड़ा दुश्‍मन है शुगर, इसलिए शुगर की मात्रा को नियंत्रित करना ही इससे बचाव कर सकता है। मिठाई और शुगरयुक्‍त खाद्य-पदार्थों का सेवन करने से बचें। शुगर की जांच नियमित करें, शुगर के स्‍तर की जांच आप आसानी से अपने घर पर कर सकते हैं। यदि शुगर का स्‍तर ज्‍यादा है तो अपने चिकित्‍सक से सलाह लेकर इसका हल तुरंत निकालें।

वजन कम करें

यदि आपका वजन ज्‍यादा है तो उसे नियंत्रित कीजिए, क्‍योंकि मोटापा डायबिटीज और डायबिटीज से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का कारण है। इसलिए अपने बढ़े हुए वजन पर काबू पाकर डायबिटिक नेफरोपैथी की संभावना को कम कीजिए।

ब्‍लड प्रेशर की दवायें

ब्‍लड प्रेशर दवायें डायबिटिक नेफरोपैथी से आपको बचाती हैं, क्‍योंकि रक्‍तचाप की दवाओं के सेवन से रक्‍तचाप कम तो होता है, और यह गुर्दे की क्षति होने से बचाता है। इसलिए जिन लोगों को रक्तचाप या मधुमेह की बीमारी है, उन्हें नियमित रूप से इन दवाओं का सेवन करना चाहिए। लेकिन इन दवाओं के सेवन से पहले अपने चिकित्‍सक से सलाह लीजिए।

धूम्रपान न करें

धूम्रपान करने आदमी की उम्र कम होती है साथ ही यह कई खतरनाक बीमारियों का भी कारण बनता है। धूम्रपान का सीधा असर गुर्दे पर पड़ता है। इसलिए यदि आप डायबिटीज से ग्रस्‍त हैं तो धुम्रपान बिलकुल न करें, और न ही स्‍मोकिंग करने वाले व्‍यक्तियों के पास जायें। क्‍योंकि अप्रत्‍यक्ष धूम्रपान भी बहुत हानिकाकारक है।

बढ़ती उम्र के कारण

यह बीमारी मधुमेह के ऐसे रोगियों में अधिक देखने को मिलती है, जिन्‍हें 15 वर्ष या उससे अधिक समय से डायबिटीज है। ज्‍यादातर 50 की उम्र के बाद ही लोगों को यह बीमारी होने की संभावना ज्‍यादा रहती है। इसलिए 50 साल के बाद अपना विशेष ध्‍यान रखें और नियमित रूप से जरूरी जांच कराते रहें।

नियमित व्‍यायाम

डायबिटीज और डायबिटिक नेफरोपैथी की संभावना को कम करने के लिए जरूरी है नियमित व्‍यायाम। नियमित व्‍यायाम करके न केवल आप फिट रहते हैं बल्कि आपके शरीर के अन्‍य हिस्‍से सुचारु काम भी करते हैं। व्‍या‍याम करने से गुर्दे की समस्‍यायें कम होती हैं।


मधुमेह की समस्‍या आम है लेकिन हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल अपनाकर न केवल आप ऐसी खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं बल्कि इन बीमारियों के होने की संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं।

 

डॉक्टर से कुछ न छुपायें

अपने डॉक्टर को अपने बारे में सही जानकारी दें। अगर कभी आपको एमआरआई, सीटी स्कैन अथवा कोई ऐसा टेस्ट, जिसमें कॉन्ट्रॉस्ट डाई करवाना पड़े, तो डॉक्ट‍र को इस बात की जानकारी अवश्य दें कि आपको डायबिटीज है। कॉन्ट्रास्ट डाई आपकी किडनी को और नुकसान पहुंचा सकती है।

डॉक्टर से पूछे बिना दवा न लें

डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दर्द-निवारक दवा का सेवन न करें। कुछ दवायें किडनी पर बुरा असर डाल सकती हैं। बिना डॉक्‍टरी सलाह के दवा लेना कई बार बैठे-बैठाये मुसीबत मोल लेने जैसा हो सकता है। यूरिनरी ट्रेक्टक इंफेक्शन के लक्षणों को जानें और बिना देर किए इसका इलाज करवायें।


गंभीर किडनी रोग से बचने के लिए आपको अपने आहार में बदलाव करने चाहिए। और किडनी रोग के कारण होने वाली समस्याओं को दूर करने की कोशिश करें।


Read More Articles on Diabetes in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES21 Votes 12050 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK