गुणसूत्र में परिवर्तन बनाता है धूम्रपान का लती

By  ,  दैनिक जागरण
Jul 09, 2010

खुशहाल हैं तो अच्छी रहेगी याददाश्त

 कम देर के तनाव से भी क्षीण होती है स्मरण शक्ति

 

न्यूयार्क, प्रेट्र : तनाव हर हाल में खतरनाक होता है। अभी तक लंबे समय तक रहने वाले तनाव को याददाश्त के लिए घातक माना जाता था। लेकिन एक शोध में थोड़ी देर के तनाव को भी मेमोरी लास के लिए जिम्मेदार बताया है।

 

यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं ने पाया है कि कुछ घंटों के लिए होने वाले तनाव से भी दिमाग के संवाद तंत्र और याददाश्त पर नियंत्रण रखने वाली कोशिकाओं पर असर पड़ता है। प्रमुख शोधकर्ता डा. ताली बराम के मुताबिक इन नए शोधों से हमें बेहतर दवाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी जाना जा सकेगा कि तनावग्रस्तता की स्थिति में लोगों की स्मरण शक्ति क्यों कमजोर हो जाती है।

 

चूहों पर किए गए प्रयोगों में पाया गया कि कार्टीसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन तनाव के समय कार्टीकोटोप्रिन रिलीजिंग हार्मोन (सीआरएच) को सक्रिय कर देता है जिससे दिमाग में याददाश्त और सीखने का स्तर घट जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो दिमाग के सीखने और याद रखने के केंद्र हिप्पोकैम्पस की क्षमता को सीआरएच  सीमित कर देता है।

 

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