गुजरात के डॉक्टर कर रहें कन्या भ्रूण हत्या

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 13, 2012

gujrat ke doctor kar rahe hain kanya bhrun hatya

कन्या भ्रूण हत्या आज हमारे समाज की सबसे बड़ी समस्या है। लोग गर्भ में पल रही लड़कियों के जन्म लेने से पहले ही उनकी हत्या कर देते हैं। यह काम वे एकेले नहीं करते हैं इसमें उनकी मदद करते हैं वे डॉक्टर जो अपने पेशे को धोखा देकर यह अपराध करते हैं। गुजरात के कुछ डॉक्टर भी राजस्थान में ऐसा ही कर रहे है। ये डॉक्टर ना सिर्फ कन्या भ्रूण हत्या कर रहे हैं ब्लकि राजस्थान में बच्चियों की संख्या कम होने के जिम्मेदार भी यही लोग हैं। इसलिए राजस्थान सरकार गुजरात सरकार के साथ मिलकर ईलाज के लिए गुजरात जाने वाली गर्भवती महिलाओं में पल रही कन्याओं को बचाने की संयुक्त पहल करना चाहती है।   


गुजरात में बच्चे के लिंग अनुपात में मामूली बढ़ोतरी हुई जिसमें से साल 2001 में एक हजार लड़को पर 883 लड़कियां थीं जो साल 2011 में बढ़कर सिर्फ 886  ही हो पाई है। राजस्थान में बच्चे के लिंग अनुपात में काफी गिरावट हुई है साल 2001  में लड़कियों का अनुपात 909 था जो साल 2011 में 883 ही रह गया। यह आंकड़ो आपको लड़कियों के जन्म दर में होने वाली गिरावट को दिखाते हैं और आपको इस गंभीर विषय पर सोचने को मजबूर करते हैं।   

राजस्थान में चिकित्सा की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाएं गुजरात का रुख करती हैं। जहां पर डॉक्टर गैर कानूनी होने के बाद भी गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी करके लिंग का पहचान करते हैं और लड़की होने पर उसे कोख में ही मार देते हैं। इतना ही नहीं इस तरह के मामलों का अस्पताल में कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता है।  

इस तरह के बढ़ते मामलों के बाद राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मुख्य सचिव ने गुजरात के स्वास्थ्य कमिश्नर पी के तनेजा को इसकी लिखित जानकारी भी दी है। उन्होनें कहा है कि जो गर्भवती महिलाएं गुजरात चिकित्सा के लिए जाती है उन पर नजर रखी जाए। उन्होंने चिंता जताई है कि अगर लिंग अनुपात की इस गिरावट को नहीं रोका गया तो इसका प्रतिकूल प्रभाव आने वाली पीढ़ी पर होगा।

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