गर्भधारण करने से संबंधित कुछ आधारभूत तथ्य

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 06, 2013
Quick Bites

  • अपनी फर्टिलिटी फेज या ओव्युलेशन टाइम का पता करें।
  • स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्म बदलाव लाएं।
  • किसी नशे, जैसे धूम्रपान, तम्बाकू या अल्कोहल के सेवन से बचें।
  • कई बार सेक्स करने से ओवुलेशन का समय बढ़ जाता है।

जहां अधिकतर दंपत्ति अनचाहे गर्भ से डरते हैं और इससे बचने के लिए हर तरह के गर्भ निरोधक उपयोग में लाते हैं वहीं कुछ को गर्भधारण में कठिनाई होती है। आइये जाने कि गर्भावस्था की पुष्टि होने पर क्‍या करें।

Pregnancy Confirmation गर्भधारण करने से सम्बन्धी कुछ आधारभूत तथ्यों की जानकारी आपका सही मार्गदर्शन करेगी और परिवर्तनों के विषय में आपको चिंता मुक्त करेगी। हालांकि गर्भावस्था के प्रत्येक चरण के दौरान आपको डॉक्टर की जरूरत तो रहेगी। निम्न कुछ जानकारियां गर्भावस्था की पुष्टि से जुड़े पहलुओं को समझाने में आपकी मदद करेंगी।

 

  • अपनी फर्टिलिटी फेज या ओव्युलेशन टाइम का पता करें।
  • प्रत्येक माह अपने पीरियड के प्रारंभ की तिथि नोट करें और पीरियड कितने दिन रहा यह भी नोट करें । 28 दिनों के चक्र का अर्थ है कि पीरियड शुरू होने के 14 दिन बाद ओवुलेशन का समय शुरू होता है । जिन महिलाओं को अनियमित पीरियड की शिकायत रहती है तो उनके पीरियड लेट हो सकते हैं  ।
  • योनि द्रव में परिवर्तन का अध्ययन जब ओवुलेशन का पता लगाने के लिए किया जाता है तो योनि स्राव की मात्रा और गाढ़ेपन में स्पष्ट अंतर दिखता है । फर्टाइल फेज में यह स्राव अधिक मात्रा में चिकनाई युक्त होता है । जबकि अन्य दिनों में यह चिपचिपा और क्रिमी टेक्सचर का होता है ।
  • सुबह उठते ही सबसे पहले शरीर के आधार भाग का तापमान नोट करें । सामान्य  की जगह बेसल थर्मोमीटर का प्रयोग करें । तापमान का बढ़ना ओवुलेशन का लक्षण है । प्रतिदिन के तापमान का चार्ट बनाने से आपके शरीर के तापमान के बढ़ने और फर्टाइल फेज़ के आने के समय का अनुमान हो जायेगा। तापमान बढ़ने के पहले के 2 से 3 दिन फर्टिलिटी फेज़ में आते हैं ।
  • आप ओव्युलेशन का पता लगाने वाले उपकरण का उपयोग कर सकते हैं जो आपके यूरीन में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के स्तर की जांच कर बताएगा कि ओव्युलेशन हुआ है या नहीं । यह आपको ओवुलेशन के 12 या 24 घंटे पहले का समय ज्ञात करने में मदद करेगा ।
  • अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो गर्भनिरोध के सभी उपाय बंद कर दें । अगर आप गर्भधारण की योजना बना रहे हैं तो हार्मोन के स्तर को प्रभावित करने वाले गर्भनिरोध से दूर रहें । गर्भनिरोधक गोलियां, हार्मोन के इंजेक्शन पहले से ही छोड़ दें । शरीर को इन दवाओं के प्रभाव से सामान्य स्थिति में आने में 6 महीने से 1 साल तक का समय लग जाता है ।
  • स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्म बदलाव लाएं।
  • दोनों पार्टनर के लिए स्वास्‍थकर आहार और पूरक पोषक तत्व की कमी को पूरा करना भी एक महत्वपूर्ण विषय है । गर्भधारण से पूर्व फालिक एसिड लेकर संतान को गंभीर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचाया जा सकता है ।
  • तनाव से बचने में और ओवुलेशन और फर्टिलिटी को रोकता है।
  • नशे से दूर रहें । धूम्रपान, तम्बाकू या अल्कोहल के सेवन से पुरूषों और महिलाओं दोनों की ही प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है और योनि स्राव में बदलाव आ जाता है जिससे कि शुक्राणु अण्डे  तक नहीं पहुंच पाते । इससे गर्भपात होने की सम्भावना भी रहती है ।
  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्यायाम करें और सही नींद लें। अत्यधिक वज़न गर्भधारण करने और बाद के लिए कठिनाई उत्पन्न करेगा। सक्रिय बनें और वजन घटाएं। कैफीन लेना कम करें क्योंकि यह गर्भ स्वास्‍थ्‍य में समस्या खड़ी कर सकता है ।
  • सेक्स कई बार करें।
  • कई बार सेक्स करने से ओवुलेशन का समय बढ़ जाता है और इससे गर्भधारण की सम्भावना बढ़ जाती है ।
  • संतान की चाहत को भूलकर सेक्स का आंनद उठाएं  ।

 

डॉक्टर की सहायता कब लें

लगभग एक साल तक सुरक्षित सेक्स करने के बाद भी गर्भ नहीं रहता तो ऐसे में आपको चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता होती है । ऐसा करके आप समस्या का निदान निकाल सकते हैं । पैंतीस या उससे अधिक उम्र के दंपतियों को जल्दी ही चिकित्सकीय सलाह लेनी शुरू कर देना चाहिए । जिससे आपके माता–पिता बनने की सम्भावना बढ़ सके ।

 

ऐसी समस्या पुरूषों या महिलाओं दोनों में ही हो सकती है इसलिए एक दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय मिलकर प्रयास करें।

 

 


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