क्या ताजी और हरी सब्ज़ियों में मौजूद फर्टिलाइज़र से कैंसर होने का खतरा होता है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 01, 2013
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Quick Bites

  • यह कैसे पता चलेगा कि हम अपने परिवार को जो खाना दे रहे हैं वो पूरी तरह से पोषक है।
  • इनार्गेनिक पदार्थों को पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित माना जाता है, इसमें नाइट्रेट भी होता है।
  • अगर नाइट्रेट की मात्रा अधिक है तो यह नाइट्राइट में बदल दिया जाता है जो नुकसानदायी होता है।
  • इनार्गेनिक फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड नुकसानदायक होते हैं और उनसे कैंसर भी हो सकता है।

खाना हमारी सबसे बड़ी ज़रूरत है और एक अच्छी क्वालिटी के खाने के लिए हम किसी भी हद तक जाने को तैयार होते हैं। हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत जरूरी है कि हम नि‍यमित रूप हरी और ताजी सब्जियों का सेवन करें। ताजे फल और सब्जियां हमें पोषण देते हैं साथ ही बीमारियों से भी बचाते हैं।

green and fresh vegetablesहमारे लिए सबसे ज्‍यादा महत्व की बात है कि हमारा परिवार ताज़ा और स्वास्थवर्धक खाने का प्रयोग करे। स्वास्थ्यवर्धक खाना परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को किसी भी प्रकार के दर्द से दूर रखता है, युवा वर्ग को स्वस्थ्य और एक्टिव बनाता है और बच्चों को ऊर्जा और ताकत देता है। लेकिन हमें यह कैसे पता चलेगा कि हम अपने परिवार को जो खाना दे रहे हैं वो पूरी तरह से पोषक है। क्या आर्गेनिक खाद्य-पदार्थ सबसे अच्छा विकल्‍प है।

 

फर्टीलाइजर प्रयोग करने के तरीके

आज ज़मीन को उपजाऊ बनाने के लिए फर्टिलाइज़र का प्रयोग बहुत ही आम है। यह फर्टिलाइज़र इनार्गेनिक साल्ट से मिलकर बने होते हैं जो हमारे लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं। फर्टिलाइज़र पौधों में पानी के साथ डाले जाते हैं और धीरे धीरे पौधों की जड़ें पानी के साथ फर्टिलाइज़र को भी सोख लेती हैं और यह पौधों का एक भाग बन जाता है।

प्रतिदिन फर्टिलाइज़र युक्त आहार लेने से हमारे शरीर का मेटाबालिज्‍म बिगड़ जाता है। इसमें से कुछ फर्टिलाइज़र इतने ज़हरीले होते हैं कि शोधकर्ताओं के अनुसार यह मानव शरीर में कैंसर जैसी भयावह बीमारी को जन्म दे सकते हैं। फसलों की पत्तियों ,फलों और दूसरे भागों में पेस्ट लग जाते हैं जो कि फसलों को क्षति पहुंचाते हैं। इस प्रकार के नुकसानदायी जीवों से फसलों को बचाने के लिए पेस्टिसाइड का इस्तेमाल होता है।

पेस्टिसाइड नुकसानदायी रासायन हैं जिनका उपयोग सिर्फ पेस्ट्स को मारने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि वो केमिकल जो पेस्ट को मारने में कामयाब होते हैं वो कम नुकसान करते हैं। कृषि पद्धति का पता लगाने वाले वैज्ञानिक मानते हैं कि पेस्टिसाइड और इन्सेक्टिसाइड कैंसर के बहुत बड़े कारक हैं।

 

आर्गेनिक फार्मिंग क्या है

आर्गेनिक फार्मिंग के लिए उन पदार्थों का इस्तेमाल होता है जो कि इनार्गेनिक मूल के होते हैं। ऐसे इनार्गेनिक पदार्थों को पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित माना जाता है। उनमें नाइट्रेट की मात्रा अधिक हो सकती है जो फसल के लिए अच्छे होते हैं लेकिन अगर नाइट्रेट की मात्रा अधिक होती है तो यह प्राकृतिक रूप से नाइट्राइट में बदल दिया जाता है जो बहुत नुकसानदायी होता है। जैसे प्रोटीन की अधिक मात्रा से शरीर को नुकसान पहुंचता है उसी प्रकार नाइट्राइट की अधिक मात्रा से पौधों को नुकसान पहुंचता है।

इससे यह सिद्ध होता है कि खेती पर दवाओं से भी ज़्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि फर्टिलाइज़र या पेस्टिसाइड की थोड़ी सी भी अधिक मात्रा से हमारे स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव पड़ सकते हैं। ज़ोरदार पेस्टिसाइड और इन्सेक्टिसाइड, इनार्गेनिक फर्टिलाइज़र, अनहैल्दी फारमिंग प्रैक्टिस से हमें कितना नुकसान हो सकता है हम सोच भी नहीं सकते।

सभी आर्गेनिक फूड खराब नहीं होते, हम सभी प्रकार के फर्टिलाइज़र को त्याग नहीं सकते लेकिन हमें याद रखना चाहिए ज़्यादातर इनार्गेनिक फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड बहुत ही नुकसानदायक होते हैं और उनसे कैंसर भी हो सकता है। आज की जीवनशैली में यह नामुमकिन सी बात है कि हमारी अपनी फसल हो या किचन गार्डेन हो बाहर से खाने पीने के पदार्थ खरीदना हमारी मज़बूरी भी है और ज़रूरत भी ऐसे में हमें कच्चे फलों और सब्ज़ियों को खाने या पकाने से पहले ठीक प्रकार से धोना चाहिए।

 

 

 

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