कोलन हायड्रोथेरेपी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 24, 2009

आंतों का  जल (कोलोन  हाईड्रोथेरेपी) बृहदान्त्र (बड़ी आँत) को साफ करने के लिए किया जाता है। बड़ी आंत में फंसे गैस, बलगम और विषाक्त पदार्थों को दूर करने के लिए यह बहुत हीं  सुरक्षित और प्रभावी तरीका होता है। इस वैकल्पिक चिकित्सा में फ़िल्टर किया हुआ तथा  निष्फल और तापमान विनियमित पानी आंत में पहुँचाया जाता है जिस पानी में आंत में फंसे विषाक्त एवं लम्बे अरसे से जमे हुए पदार्थ घूल जाते हैं और पानी में मिलने के बाद बाहर निकल जाते हैं। आंत से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने के लिए   कोलोन   थेरेपी  बहुत हीं सुरक्षित उपचार माना जाता है। इसका एक सत्र ३० बार एनिमा देने के बराबर होता है। यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि बड़ी आंत में अपशिष्ट के रूप में जमा रहने वाले पदार्थ हमारे शरीर के लिए जहर का काम करते हैं और यदि इस अपशिष्ट पदार्थ को हटाया नहीं जाता तो यह फिर से हमारे खून में शामिल होकर हमारी बीमारी तथा थकन एवं कमजोरी का कारण बनता है। इसके अलावा बड़ी आंत में शरीर की क्षमता को कमजोर करता है जिसकी वजह से आप जो खनिज एवं विटामिन्स खाते हैं उनका सही उपयोग नहीं हो पता तथा आपको कब्ज रहने लगता है।

 

बड़ी आंत  हाईड्रोथेरेपी के लाभ निम्नलिखित  हैं;

  • बड़ी आंत की सफाई से विषाक्त पदार्थ शरीर के बाहर निकल जाते हैं जिसकी वजह से ये विषाक्त पदार्थ अब आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकते और उसके बाद आपका शरीर अच्छी तरह से विटामिन्स एवं खनिजों का उपयोग कर सकता है।
  • यह पूरे शरीर से विषाक्त पदार्थ को निकालकर आपके मानसिक तनाव और थकान को दूर करता है।
  • यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है जिससे बीमारियों से बचाव होता है।
  • यह अस्थमा, मधुमेह, पाचन संबंधी विकार, माइग्रेन, कब्ज, मोटापा आदि जैसे पुराने रोगों के इलाज में उपयोगी है ।बृहदान्त्र (बड़ी आंत) की  चिकित्सा के साथ साथ यह भी बहुत हीं  महत्वपूर्ण है कि आप पर्याप्त मात्रा में  पोषक आहार लेते रहे एवं नियमित रूप से व्यायाम करते रहे।

 

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