जानें एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लक्षण और निदान

एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लक्षण आम दर्द और सूजन की तरह ही होते हैं जो आपकी रीढ़ की हड्डी में पैदा होते हैं। जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके। 

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Apr 26, 2013Updated at: Mar 20, 2020
जानें एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लक्षण और निदान

एंकायलूजिग स्‍पांडेलाइटिस एक तरह से गठिया का ही प्रकार है, जो हमारी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। यह हमारी गर्दन के निचले हिस्से में दर्द से पैदा करता है। यह महत्वपूर्ण विकृति को भी रोक सकता है या कम कर सकता है। एंकिलोजिंग स्पोंडिलिटिस में टेंड्स और लिगामेंट्स में दर्द, कठोरता, हड्डी सूजन और दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। फिर भी इस तरह के लक्षण जोड़ों तक ही सीमित नहीं हैं। जिन लोगों में एंकायलूजिग स्‍पांडेलाइटिस की समस्या होती है उनके रक्त में एचएलए-बी27 की पहचान की जाती है। एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस आंखो, हृदय, फेफड़ों व कभी-कभी गुर्दे को भी प्रभावित कर सकता है। इसके इलाज के लिए चिकित्सक थेरेपी, व्यायाम व दवाओं की सलाह दी जाती है। 

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कारण

एंकायलजिग स्‍पांडेलाइटिस का कारण क्या है इसकी अभी तक फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है। इस रोग से पीड़ित ज्यादातर लोगों के एचएलए-बी27 नाम का जीन पाया जाता है। इस जीन के लोगों में इस रोग का खतरा काफी ज्यादा होता है। लेकिन कुछ मामलों  उन लोगों को भी इसका शिकार होना पड़ता है जिन लोगों में ये जीन नहीं पाए जाते। ये बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। इसके अलावा कई और भी कारण हो सकते हैं जैसे: 

  • जोड़ों में सूजन रहना, ये स्‍पांडेलाइटिस रोग को बढ़ाने का काम करता है। 
  • एक्सरसाइज से दूरी बनाना एक कारण हो सकता है। 
  • शराब का ज्यादा सेवन करना। 
  • मोटापा। 

लक्षण

  • आपकी निचली पीठ पर दर्द और कठोरता। 
  • रीढ़ की हड्डी में कठोरता और दर्द।
  • आपके कूल्हों में दर्द रहना।
  • सुबह उठते ही कमर में अकड़न महसूस होना। 
  • कंधों का ज्यादा देर तक झुका हुआ होना। 
  • एनीमिया। 
  • थकान। 
  • कूल्हों के जोड़ों में लगातार दर्द रहना। 
  • आपके कंधे जोड़ों पर दर्द रहना। 

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बचाव 

इस रोग से अपने आपको बचाकर रखने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कई तरह के बदलाव करने होंगे जिसकी वजह से आप इस रोग से दूरी बना सकते हैं। 

  • मोटापा न बढ़ने दें। 
  • रोजाना एक्सरसाइज करें। 
  • ज्यादा देर तक एक ही पोजिशन में न रहें। 
  • हमेशा एक्टिव रहने की कोशिश करें। 
  • स्वस्थ डाइट का सेवन करें। 

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एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस का निदान कैसे करें? 

एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के निदान के लिए रोगी के लक्षणों व शारीरिक जांच की जाती है। इसके लिए अन्य इमेजिंग परीक्षण  स्कैन जैसे कंप्यूटीड टोमोग्राफी (सीटी) या चुंबकीय अनुनाद (इमेजिंग एमआरआई) स्कैन आपके सर्कोलिक जोड़ों या किसी अन्य जोड़ों के दर्द या कठोरपन की समस्याओं को देखने के लिए आपका चिकित्सक रक्त परीक्षण के लिए बोल सकता है। एचएलए-B27 जीन सामान्यतः एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लोगों में अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा  पाया जाता है।

हालांकि, एचएलए जीन-B27 जीन के होने का मतलब यह नहीं कि आपमें एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लक्षण हैं या इसका विकास होगा। आपका चिकित्सक लक्षणों के एक संयोजन, शारीरिक जांच, रक्त परीक्षण और इमेजिंग परीक्षणों के आधार पर स्थिति का निदान करेंगे। कमर के निचले हिस्से में दर्द, झुकने में परेशान इसके मुख्य लक्षण माने जाते हैं। यह समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। डॉक्टर के द्वारा किए गए परीक्षण के जरिए एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस के लक्षणों की जानकारी हो के बाद इसके इलाज की शुरुआत की जाती है। एंकायलूजि़ग स्‍पांडेलाइटिस की समस्या होने पर रोगी को किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि में समस्या आती है। जैसे गर्दन मोड़ना, झुकना, बिस्तर पर सीधा लेटने आदि में समस्या हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक इस समस्या से ग्रस्त लोगों में आंखों में सूजन की भी शिकायत रहती है।

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