इलेक्ट्रिक शाक

सम्‍पादकीय विभाग
परवरिश के तरीकेWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Dec 24, 2009
इलेक्ट्रिक शाक

इलेक्ट्रिक शॉक त्वचा पर बर्न्स पैदा कर सकता है और यहां तक कि हार्ट रेट और सांस लेना भी प्रभावित कर सकता है। आपके प्रीस्कूल के बच्चे पर इलेक्ट्रिक शॉक का प्रभाव कई कारकों जैसे- वोल्टेज कितनी ऊंची है, करंट शरीर से कैसे गुजरा, बच्चे का समग्र स्वास्थ्य और बच्चे इलाज कितनी जल्दी किया गया- पर निर्भर करता है। अपने बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाएं यदि इनमें से कोई भी लक्षण मौजूद हैं;

  • कोई पल्स या हार्ट रेट (कार्डियक अरेस्ट) नहीं है
  • हार्ट रिदम समस्याएं (अर्रहेमियास)
  • श्वसन विफलता (सांस न लेना)
  • मांसपेशियों में दर्द और संकुचन होना
  • दौरे
  • सन्न और सिहरन पैदा होने की शिकायत
  • बेहोशी

इलेक्ट्रिक शॉक के लिए प्राथमिक चिकित्सा

  • बच्चे को छूने से पहले यह सुनिश्चित करें कि बच्चा बिजली के स्रोत के संपर्क में न हो। जब बच्चा बिजली के स्रोत के साथ संपर्क में हो उसे छूने से करंट आपको भी लग सकता है।
  • यदि संभव हो तो बच्चे को छूने से पहले बिजली के स्रोत को बंद कर दें या स्रोत को नॉन-कंडक्टर वस्तु जैसे गत्ता, प्लास्टिक या लकड़ी की मदद से दूर ले जाएं।
  • परिसंचलन के लक्षणों जैसे श्वास, नाड़ी, खांसना या गति की जांच करें। यदि परिसंचलन के लक्षण मौजूद नहीं हैं तो कार्डियोपल्मोनरी रिसुसीटेशन (सीपीआर) तुरंत शुरू करें।
  • यदि संभव हो तो शॉक को रोकने के लिए अपने बच्चे को उस स्थिति में लेटा दें जिसमें सिर शरीर से थोड़ा नीचे और पैरों को ऊपर हों।

 

Disclaimer

Tags