अन्य वैकल्‍पिक चिकित्‍सा

सम्‍पादकीय विभाग
घरेलू नुस्‍खWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Dec 24, 2009
अन्य वैकल्‍पिक चिकित्‍सा

अरोमाथेरेपी प्रक्रिया में व्यक्ति के मूड, संज्ञानात्मक कार्य और स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यक तेलों सहित वाष्पशील वनस्पति  तेलों का उपयोग किया जाता है। वनस्पति से प्राप्त आवश्यक तेल यदि सही ढंग और सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किये जाएं तो मनोवैज्ञानिक और शारीरिक लाभ प्रदान करते हैं। आवश्यक तेलों के अलावा अरोमाथेरेपी में दूसरी अनुपूरक प्राकृतिक सामग्रियों जैसे कोल्ड प्रैस्ड वेजीटेबल ऑयल, जोजोबा ( एक तरल मोम), हॉयड्रोज़ोल्स, जड़ी बूटी, दूध पाउडर, समुद्र लवण, शक्कर (एक ऐक्स्फोलिएंट, जो बाहरी त्वचा से पुरानी और मृत त्वचा को निकाले) , चिकनी मिट्टी और मड का भी प्रयोग होता है।  अरोमाथेरेपी वायु-प्रसार, सीधे साँस लेना या प्रासांगिक अनुप्रयोग के द्वारा दी जा सकती है। डाक्टर के पर्चे के बिना खरीदे जाने वाले उत्पाद जिनमें आवश्यक तेलों का उपयोग होता है, मॉउथवाश, जैल और मलहम जैसे विक्स वेपोरब, बॉम शामिल हैं। अरोमाथेरेपी में इस्तेमाल किए जाने वाले कई आवश्यक तेल शक्तिशाली एंटीमॉयक्रोबायल्स होते हैं, इसलिए संक्रामक रोग के इलाज में उपयोगी हो सकते हैं। वर्तमान समय में अरोमाथेरेपी का प्रयोग दर्द प्रबंधन, अवसाद/विषाद और अल्जाइमर रोग के उपचार में किया जा रहा है और इन सभी क्षेत्रों में वैज्ञानिक साक्ष्य बढ़ रहा है।

रस चिकित्सा (जूस थेरेपी) मानती है कि ताजा रसों के स्वास्थ्यवर्धक गुण कई रोगों के उपचार के लिए फायदेमंद होते हैं। ताजा फलों और सब्जियों के रस में असाधारण स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं और इन्हें सदियों से नैचुरोपैथ्स द्वारा कई बीमारियों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। हाल ही में ताजे फलों और सब्जियों के रसों के पोषण और जैव रासायनिक गुणों को तेजी से मान्यता मिली है। सब्जियों और फलों के ताजा रस में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले विटामिन, खनिज और एंजाइम प्रचुर मात्रा में होते हैं जो सिंथेटिक गोलियों से कई गुना बेहतर हैं। ये पोषक तत्व को अच्छी तरह से खून में अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं और कुछ मिनटों में वे आपके शरीर की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करते हैं। ताजा फल और सब्जियां खाना उतना फायदेमंद नहीं होता जितना कि उनका ताजा रस पीना क्योंकि ठोस खाद्य पदार्थों को शरीर के पाचन तंत्र से गुजरना पड़ता है और इसमें कई घंटे लग सकते हैं और इसके लिए एक स्वस्थ पाचन तंत्र की आवश्यकता है। रसों से पोषक तत्व तेजी से और बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं। इसके अलावा रस चिकित्सा से शरीर को पोषक तत्वों की बहुत उच्च मात्रा उपलब्ध होती है। सब्जियों और फलों का ताजा रस उच्च रक्तचाप, हृदय और गुर्दे की बीमारियों और मोटापे के लिए मूल्यवान है। रस चिकित्सा कुछ अन्य स्थितियों जैसे त्वचा रोग, दमा, बुखार, दस्त, कब्ज, पाचन, मधुमेह, पीलिया में उपयोगी है। आपकी विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याओं के लिए रस के फार्मुले के लिए एक ऐसे व्यक्ति से परामर्श करें जो रस चिकित्सा में माहिर हो।

मूत्र चिकित्सा वैकल्पिक चिकित्सा का प्रकार है जिसमें औषधीय या सौंदर्यवर्धक प्रयोजनों के लिए मानव मूत्र का विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जाता है। मूत्र थेरेपी को यूरिथेरेपी, यूरीनोथेरेपी या यूरोपैथी भी कहा जाता है। मूत्र का विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है जिनमें अपने ही मूत्र को पीना और अपनी त्वचा की मालिश करना शामिल है। हालांकि मूत्र चिकित्सा मोडेलिटि के उपचार में बहुत प्रभावी होने का दावा किया जाता है, मूत्र के चिकित्सीय उपयोग के वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं हैं।

 

बोवेन तकनीक


बोवेन तकनीक इलाज की होलिस्टिक प्रणाली( जिसमें रोग के केवल रोग के लक्षणों पर ही नहीं बल्कि पूरे स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है) है जिसे ऑस्टियोपैथ टॉम बोवेन ने (1916-1982) शुरू किया था। इस वैकल्पिक चिकित्सा में एक सौम्य, घुमावदार गति से बहुत हल्का स्पर्श किया जाता है। यह माना जाता है कि इस को करने के तरीके के आधार पर मांसपेशियों को मजबूत या ढीला किया जा सकता है। इसे करने वाला मूव्स से कुछ निर्धारित बिंदुओं को उत्तेजित करता है और मूव्स के बीच में दो मिनट का विराम देता है ताकि शरीर उस मूव का उपयोग कर ले और यह शरीर की प्रणाली में एकीकृत हो जाए। बोवेन तकनीक मालिश का एक प्रकार नहीं है जबकि यह माना जाता है कि यह मांसपेशियों में निर्मित तनाव को मुक्त कर देती है। इसका एक सत्र आमतौर पर 30 से 45 मिनट के लिए चलता है, जिसमें अनियमित रुप से 2-5 मिनट का विराम दिया जाता है ताकि शरीर इलाज को जवाब दे सके।

बोवेन तकनीक के अभ्यासकर्ताओं का दावा है कि उत्तेजना शरीर को खुद स्वस्थ होने में मदद करती है।


ऑटोजेनिक विश्राम तकनीक का एक र...

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