जीवन बचाने में मददगार हो सकते हैं अंब्‍लिकल कॉर्ड स्‍टेम सेल्‍स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 21, 2013
Quick Bites

  • जन्‍म के फौरन बाद लिया जाता है गर्भनाल रक्‍त।
  • बच्‍चे को कई बीमारियों से बचाने में मददगार होता है यह रक्‍त।
  • मुसीबत के समय किसी संजीवनी सरीखा कारगर साबित होता है।
  • इस्‍तेमाल न करने पर यह चला जाता है बेकार

गर्भनाल रक्त बैंक ऐसा बैंक होता है, जहां गर्भनाल रक्त से प्राप्त स्टेम सेल को संरक्षित किया जाता है। गर्भनाल रक्त बच्चे के जन्म के 5 मिनट के भीतर ही प्राप्त किया जा सकता है। गर्भनाल रक्त उसकी बीमारी दूर कर सकता है एवं बच्‍चे की कीमती जान बचा सकता है।

गर्भनाल रक्‍त स्‍टेम सेल

आजकल अभिभावकों की रजामं‍दी से जन्‍म के फौरन बाद नवजात के गर्भनाल से रक्‍त का नमूना ले लिया जाता है। यह बच्‍चे अथवा मां को किसी प्रकार से कोई कष्‍ट नहीं पहुंचाता। अगर इस स्‍टेम सेल को बचाया न जाए, तो जैविक रूप से कीमती यह रक्‍त बेकार चला जाता है। अभिषेक बच्‍चन और ऐश्‍वर्या राय बच्‍चन ने भी अपनी बेटी आराध्‍या के स्‍टेम सेल्‍स को सुरक्षित करवाने का निर्णय लिया था।

अम्बिलिकल रक्‍त में उसी प्रकार के सेल्‍स पाये जाते हैं, जो आमतौर पर बोन मैरो में मिलते हैं। इससे लाल रक्‍त कोशिकायें और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी कोशिकाओं को निर्माण किया जाता है। मौजूदा दौर में कॉर्ड रक्‍त सेल का प्रयोग कई प्रकार की रक्‍त अनियमितताओं और रोग प्रतिरोधक क्षमताओं, जैसे, ल्‍यूकीमिया, अनीमिया और ऑटोइम्‍यून डिजीज, आदि के इलाज में किया जाता है। ये स्‍टेम सेल्‍स आमतौर पर बच्‍चों के इलाज में इस्‍तेमाल किया जाता है। लेकिन, आजकल इस्‍तेमाल व्‍यस्‍कों की कीमोथेरेपी के बाद भी किया जाता है।

अम्बिलिकल सेल्‍स से मेसेन्‍चमल स्‍ट्रोम (mesenchymal stromal) सेल भी प्राप्‍त किये जाते हैं। इन सेल्‍स को अस्थियों, उपास्थियों और अन्‍य प्रकार के टिशूज में भी बढ़ाया जा सकता है।

स्टेम सेल प्राप्त करने के लिए गर्भनाल रक्त बहुत अच्छा स्रोत है। दूसरे स्रोतों से प्राप्त किये गए स्टेम सेल की तुलना में गर्भनाल रक्त से प्राप्त किये गए स्टेम सेल ज्यादा प्रभावकारी होते हैं। इन स्टेम कोशिकाओं में ऐसी क्षमता होती है कि ये खुद को अनगिनत कोशिकाओं में विभाजित करके विशेष कोशिकाओं में बदल सकते हैं। इनमें इतनी क्षमता होती है कि ये गंभीर से गंभीर और जानलेवा बीमारियों को भी ठीक कर सकें।

गर्भनाल रक्त स्टेम सेल हीं क्यों बैंक किया जाये

घर में जब किसी बच्चे का जन्म होता है तो वो असीम खुशियां लाता है। सभी यही कामना करते हैं कि बच्चा जीवन भर सुखी और स्वस्थ रहे और उसकी उम्र लम्बी हो। मुसीबत के सयम यही गर्भनाल रक्‍त बच्‍चे के लिए संजीवनी बूटी का काम कर सकता है। यदि ईश्‍वर न करे आपके बच्‍चा गंभीर रूप से बीमार हो और उसकी जान को खतरा हो, तो आपके द्वारा बैंक किया हुआ यही गर्भनाल रक्त उसकी बीमारी दूर कर सकता है एवं उसकी जान बचा सकता है।

गर्भनाल रक्त स्टेम सेल के बहुत ही अच्छे स्रोत माने जाते हैं। और गर्भनाल रक्त से प्राप्त स्टेम कोशिकाएं अस्थि मज्जा से प्राप्त स्टेम सेल एवं परिधीय स्टेम कोशिकाओं से प्राप्त स्टेम सेल की तुलना में बहुत अधिक प्रभावशाली होते हैं।

गर्भनाल रक्त बच्चे के जन्म के 5 मिनट के भीतर ही प्राप्त कर लिया जाता है। बस यही एक मौका रहता है गर्भनाल से गर्भनाल रक्त प्राप्त करने का। इन स्टेम कोशिकाओं में ऐसी क्षमता होती है कि ये खुद को अनगिनत कोशिकाओं में विभाजित करके विशेष कोशिकाओं में बदल सकते हैं और ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

यदि आपका ऐसा पारिवारिक इतिहास है जिसमें खून के कैंसर के मरीज रहे हों या आप एक एथ्निकल अल्पसंख्यकों या मिश्रित एथ्निकल परिवारों से आते हैं या आपके परिवार के स्वास्थ्य में कोई और गड़बड़ी हुई हो तो अगर आप अपने बच्चों का गर्भनाल रक्त बैंक में रखवाते हैं तो वह आपके परिवार की बीमारियों को ठीक करने के रूप में भविष्य में काम आ सकता है क्योंकि किसी तरह की मुसीबत में ज्‍यादा काम आ सकता है।

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