कहीं बॉस के लिए सिरदर्द तो नहीं है आपकी पर्सनल टेंशन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 08, 2016
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Quick Bites

  • कर्मचारी कि परेशानी बॉस के लिए है सिरदर्द।
  • कर्मचारी की परफार्मेंस पर पड़ता है असर।
  • जिससे पूरी टीम की परफार्मंस पर पड़ता है असर।
  • ऐसे में बॉस को टीम मेम्बर से करनी चाहिए बात।

जब लोग प्रोफेशनल लाइफ में एंट्री करते हैं तो उन्हें सबसे पहले ये हिदायत दी जाती है कि हमेशा ऑफिस में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखें।
निजी जिंदगी की परेशानियों का असर कभी भी काम पर नहीं पड़ना चाहिए। लेकिन कई बार हालात हमारे बस से बाहर होते हैं तो ऐसे में क्या करें?

कई बार तो हालात इतने बद्तर हो जाते हैं कि लोगों के ना चाहने पर भी उनकी परेशानियों की झलक उनके चेहरे पर दिखती है। ऐसे में उनके टीम लीडर खासकर उनके बॉस काफी परेशान हो जाते हैं।

ऑफिस

 

बॉस के लिए चिंता का विषय

बटस के लिए ये चिंता का विषय होता है कि उनके किसी टीम मेम्बर कि जिंदगी में परेशानियां चल रही हैं। चिंता का कारण होता है कि मेम्बर की परफार्मेंस। एक मेम्बर की परफार्मेंस के खराब होने से पूरी टीम की परफार्मेंस पर असर पड़ता है।   
ऐसे में आपको जब लगे की आपकी टीम का को मेम्बर किसी परेशानी से जूझ रहा है तो उससे बात करें। दरअसल कई बार टीम मेम्बर अपनी किसी भी परेशानी को बॉस से बताने में झिझकते हैं। इसका कारण हैं इम्पलॉय के मन में बॉस के प्रति डर।

 

क्या करे बॉस

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर टीम में कोई मेम्बर परेशानी से जूझ रहा है तो बॉस क्या करे? ऐसे में बॉस को सबसे पहले इन तीन बातों पर सोचना चाहिए।

  1. पहले तो ये कि वो इम्पलॉय बुरे दौर से गुजर रहा है।
  2. दूसरा ये कि वो इस स्थिति में भी ऑफिस आ रहा है।
  3. तीसरा ये कि वो इसके बारे में ऑफिस में किसी से बोल भी नहीं सकता।

 

अलग है बात करना व परेशानी शेयर  करना  

इसका मतलब है कि आपने एक बॉस की तरह रहते हुए सबपर बात करने की पाबंदी लगाई हुई है। लेकिन ये गलत है। बात करना और परेशानियों को शेयर करना दो अलग चीजें हैं।

शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस के जॉन पॉल रॉलर्ट कहते हैं कि लोगों को अंतरंग बातें, दफ्तर में करने से रोका जाना चाहिए, न कि निजी जिंदगी की हर परेशानी छिपाने को बढ़ावा देना चाहिए।
जैसे की सोसाइटी की परेशानी में बात की जा सकती है। लेकिन काम के वक्त बात ना करने के लिए साफ कह दें। साथ ही अगर बॉस ये देखता है कि कोई मेम्बर निजी जिंदगी की परेशानी से लड़ रहा है तो उनसे सबसे पहले बात करें। फिर उन्हें नियम-कायदों के बारे में बताएं।

 

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