आपको भी बीमार डाल सकती है ऑनलाइन चैटिंग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 15, 2017
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Quick Bites

- डिप्रेशन होता है।
- लाइफस्टाइल बिगड़ती है।
- शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो जाती हैं।

टेक्नोलाजी के इस दौर में चैटिंग की लत लगना कोई हैरानी की बात नहीं है। लेकिन देखने में यह भी आ रहा है कि चैटिंग की लत के कारण कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। यही नहीं उन्हें मानसिक रूप से थकन, डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी अपने चंगुल में ले रही हैं। ओरिगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के डा. जेलाल्ड ब्लाक की मानें तो जो लोग अपना बहुत ज्यादा समय इंटरनेट में गुजारते हैं, वे कम्पल्सिव-इम्पल्सिव डिसआर्डर का शिकार हो जाते हैं। यही बात चैटिंग एडिक्शन से पीड़ित लोगों में भी देखने को मिलती है। इसके अलावा भी उन्हें और भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं वे किस तरह आनलाइन चैटिंग एडिक्शन से बाहर निकल सकते हैं।

chatting

दूसरों से बातें करें

जरूरी नहीं है कि हर समय आनलाइन चैटिंग ही करें। कभी कभार फेस टू फेस भी दूसरों से बातचीत की जा सकती है। सही मायनों जब आप दूसरों से आमने-सामने बात करती हैं, तो इससे आपको अंदर खुशी का अहसास होता है। जबकि आनलाइन चैटिंग में यह अहसास नहीं होता। वरन आनलाइन चैटिंग की लत का शिकार महिलाएं अपना समय गवा देती हैं, लेकिन से अपने मन की बात नहीं कह पातीं। इसलिए उन्हें चाहिए कि वे दूसरों से बातें करें और इस लत से खुद को बाहर निकालें।

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आफलाइन रहें

जो महिला आनलाइन चैटिंग की लत का शिकार हैं, वे ज्यादातर समय आनलाइन ही रहना पसंद करती हैं। उन्हें चाहिए कि अपने आपको समयबद्ध करे। आफलाइन भी रहें। हर समय आनलाइन रहने के लालच से बचें। हो सकता शुरूआती दिनों में आपको आफलाइन रहने में परेशानी हो, लेकिन धीरे धीरे आफलाइन रहने की आदत से अप आफलाइन की लत से बाहर आ पाएंगी।

शारीरिक परेशानियां

आनलाइन चैटिंग करने से कई सारी शारीरिक परेशानियां हो सकती हंै। असल में जो महिलाएं आनलाइन चैटिंग की लत का शिकार हैं, वे शारीरिक गतिविधियों से दूर रहती हैं। वे किसी तरह के एक्रसाइज नहीं करतीं। इसके उलट वे अपना ज्यादातर समय आनलाइन चैटिंग में ही गुजार देती हैं। ऐसे में उनके पास एक्सरसाइज के लिए समय ही नहीं निकलता। नतीजतन उन्हें हड्डियों से जुड़ी समस्या, आंखों से जुड़ी समस्या हो जाती है। वास्तव में चैटिंग एडिक्शन से पीड़ित महिलाएं अकसर एक ही पाजीशन में बैठी रहती हैं। नतीजतन उनकी हड्डियां कम क्रियाशील रहती हैं जिससे उन्हें हड्डियों से जुड़ी परेशानी होती है। इसी तरह स्क्रीन में लगातार आंखें गड़ाए रखने से आंखें कमजोर हो जाती हैं, उनसे पानी आने लगता है।

मानसिक स्वास्थ्य

मानसिक रूप से आनलाइन चैटिंग एडिक्शन से परेशानियां बढ़ती है। सर गंगाराम अस्पताल की साइकोलॉजिस्ट डा. आरती आनंद के अनुसार, ‘ऐसी महिलाएं एंग्जाइटी, डिप्रेशन का शिकार होती हैं। वे वास्तव में अकेलेपन से ग्रसित होती हैं। इसलिए हर समय दूसरों तक अपनी बात पहुंचाने को आतुर रहती हैं।’ वास्तव में ऐसी महिलाओं में की भी भरसक कमी होती है। ऐसी महिलाओं को चाहिए कि आनलाइन चैटिंग को छोड़ने की हर संभव कोशिश करें। जब तक वे इसे नहीं छोड़ेंगी, वे तनाव से बाहर नहीं आ पाएंगी।

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बिगड़ी लाइफस्टाइल

ऐसी महिलाएं जो आनलाइन चैटिंग एडिक्शन का शिकार होती हैं, उनकी लाइफस्टाइल भी बहुत खराब होती है। असल में ऐसी महिलाएं अपना ज्यादा से ज्यादा समय आनलाइन चैटिंग में गुजारती हैं, जिससे उन्हें निकलना कतई पसंद नहीं आता। परिणामस्वरूप वे उनकी लाइफस्टाइल पूरी तरह बिगड़ जाती है। सर गंगाराम अस्पताल की साइकोलाजिस्ट डा. आरती आनंद कहती है, ‘जो महिलाएं हमेशा आनलाइन चैटिंग में व्यस्त रहती हैं, उनके रिलेशनशिप इफेक्ट होते हैं, वे अपने परिवर को भरापूरा समय नहीं दे पाती। दरअसल वे इस तरह चैटिंग की लत का शिकार होती हैं कि उनका दूसरों की ओर ध्यान जाता ही नहीं।’

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