1 साल के बच्‍चे को मीठा खिलाने से हो सकती हैं ये स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 27, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • एक साल से कम के शिशु को ना कराएं मीठे का सेवन।  
  • दांतों की सड़न और मोटापा जैसे खतरे होने की संभावना।
  • रिफांइड चीनी में होते है कई नुकसानदायक केमिकल।

स्तन दूध में मौजूद शर्करा के कारण शिशुओं को मीठे स्वाद की आदत हो जाती है।मीठे की ये आदत आपके शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। डॉक्टर्स के अनुसार शिशु को मीठा देने की शुरुआत करना तभी सही है, जब वह ठोस आहार का आनंद लेना शुरु कर चुका हो। एक साल तक के बच्चे को चीनी की जगह प्राकृतिक रूप से मीठे फल उसे दिये जा सकते हैं। एक साल से कम उम्र के बच्चों को चीनी का सेवन कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है।

  • सफेद चीनी रिफाइंड होती है, इसलिए उसमें केमिकल होते हैं। ये केमिकल बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ क्लिनिकल स्टडीज में ये बात सामने आई हैं कि छोटे बच्चों को ज्यादा शुगर देने से भविष्य में उनका दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। चीनी के ज्यादा सेवन से बच्चे को बाद में ध्यान केंद्रित करने में समस्या होती है।

newborn

  • बच्चे के स्वास्थ्य के लिए ज्यादा मीठा अच्छा नहीं होता, क्योंकि इसका सीधा संबंध दांत से होता है। मीठे खाद्य और पेय पदार्थ शिशु के उभरते दांतों के लिए हानिकारक हैं। शिशु को चीनी की लत लग सकती है और इसका अत्याधिक सेवन भविष्य में मोटापे, मधुमेह की बीमारियों का कारण बनता है।

इसे भी पढ़ें- इम्यून सिस्टम को रीचार्ज करने के 8 टिप्स

  • अधिक मीठा खाने वाला बच्चा ठीक से भोजन नहीं कर पाता है। ज्यादा मीठा खाने से व पौष्टिक आहार न मिलने से एनीमिया हो सकता है। शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। शिशु की इम्यूनिटी कम होने से उसे इंफेक्शन और कई बीमारियां होने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • अक्सर मीठे की जगह पर शहद की दिया जाता है, लेकिन एक साल से कम के शिशु के लिए ये भी हानिकारक है।  शहद में एक विशेष प्रकार का जीवाणु हो सकता है, जो एक गंभीर, मगर दुर्लभ प्रकार का पेट संक्रमण या भोजन विषाक्तता पैदा कर सकता है। इसे बॉटुलिज्म कहा जाता है।
  • बाज़ार में मिलने वाले बेबी फूड में भी हाई शुगर होता है। बेबी फूड का लेबल ठीक से पढ़कर ही खरीदें। कैन वाले फल शिशु को न दें, उसमें काफी शुगर होता है।पैक्ड जूस में भी काफी शुगर होती है, शिशु को इसकी जगह ताज़ा जूस दें।बिस्किट और कुकीज ज्यादा न दें।
  • आप उसके दूध में कुछ अन्य स्वाद मिलाना चाहती हैं, तो फलों वाले मिल्कशेक आजमा सकती हैं। आप केला, आम, चीकू और स्ट्राबेरी जैसे ताजे फल इस्तेमाल कर सकती हैं। ये फल प्राकृतिक रूप से मीठे तो होते ही हैं, साथ ही इनमें बहुमूल्य विटामिन और खनिज भी होते हैं।



ध्यान रखें कि रात में सोते हुए तो बिलकुल भी अपने शिशु को कोई भी मीठा तरल पदार्थ न दें। इस प्रकार इन चीजों पर विशेष ध्यान रख कर, शिशु के दांत ख़राब होने से रोका जा सकता है।दूध पिलाने के बाद बच्चें का मुँह अच्छे तरीके से साफ़ कर दें।

 

Image Source-Getty

Read More Article on Parenting in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES3 Votes 1254 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर