खर्राटों से परेशान हैं तो इन आसनों से ठीक हो सकती है आपकी आदत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 02, 2018
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Quick Bites

  • नींद के वक्त खर्राटे लेना एक शारीरिक समस्या है।
  • खर्राटे आपके खराब स्वास्थ्य का संकेत हो सकते हैं।
  • खर्राटों को योगासन और प्रणायाम द्वारा ठीक किया जा सकता है।

खर्राटे आने को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि इसे वे एक सामान्य प्रक्रिया मान लेते हैं जबकि नींद के वक्त खर्राटे लेना एक शारीरिक समस्या है। ये समस्या पुरुष या महिला किसी को भी हो सकती है। खर्राटे आपके खराब स्वास्थ्य का संकेत तो हैं ही, साथ में इसके वजह से आपके आसपास सोने वाला व्यक्ति भी परेशान होता है और उसकी नींद में इससे खलल पड़ता है। नाक में तकलीफ, गले में तकलीफ, मोटापा, बुढ़ापा, सांस की नली का संकीर्ण हो जाना, नशा, धूम्रपान और आपके सोने की पोजीशन आदि ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से व्यक्ति को खर्राटे आ सकते हैं। लेकिन इन खर्राटों को योगासन और प्रणायाम द्वारा ठीक किया जा सकता है। इन आसनों के नियमित अभ्यास से दो हफ्ते में ही आपके खर्राटों की समस्या खत्म हो जाएगी।

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सिंहासन

ये एक ऐसा आसन है जिसमें हमारे शरीर का आकार सिंह यानि शेर की तरह हो जाता है, इसलिए इसे सिंहासन कहते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। घुटनों को खोलकर सामने रखें। दोनों हाथों को जमीन पर रखते हुए हाथों की अंगुलियां पीछे की ओर करके पैरों के बीच सीधा रखें। लंबी गहरी सांस भरें और जबान को बाहर निकालिए। दोनों आंखों से भूमध्य में देखते हुए मुंह को जितना हो सके खोल दें। इसके बाद सांस को बाहर निकालते हुए शेर के समान गजर्ना करें। इस क्रिया को गजर्ना के साथ कम से कम 10 से 15 बार अभ्यास करें। ये आसन खर्राटे के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अभ्यास से मुंह, दांत, जीभ और गले की सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं। अगर आप बोलते समय तुतलाते हैं या कोई अक्षर विशेष आपके गले से नहीं निकलता है तो ये आसन इसमें भी लाभकारी है। इस आसन से थायरॉइड की समस्या भी दूर होती है।

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अनुलोम विलोम

अनुलोम विलोम के नियमित अभ्यास से कई तरह की शारीरिक समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिलती है। खर्राटों के लिए अनुलोम विलोम का दिन में 3 से 5 बार अभ्यास करें। इसके करने से खर्राटों के साथ-साथ दिल की बीमारियां, तनाव और डिप्रेशन की समस्या भी दूर होती है। इसके अलावा इससे आपकी स्किन पर ग्लो बढ़ता है।

ऊँ का उच्चारण

ऊँ एक ऐसा शब्द है जिसके नियमित उच्चारण से मस्तिष्क की सुप्त शक्तियां जागृत होती हैं। रोज सुबह भोर में ऊँ रटने से शरीर निरोगी और दिमाग शांत रहता है। इसे करने के लिए सुखासन या पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपनी आंखों को बंद कर लें और दोनों हाथ ज्ञान मुद्रा में रख लें। अब लंबी गहरी सांस भरते हुए ऊँ का उच्चारण करें और उच्चारण पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। रोज यही अभ्यास 10 मिनट तक करने से खर्राटों से राहत मिलती है और गहरी नींद आती है। इसके उच्चारण से रक्त शुद्ध होता है और रक्त का संचार बढ़ता है।

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