विश्व क्षय रोग दिवस

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 19, 2011
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Quick Bites

  • विश्व क्षय रोग दिवस पूरे विश्व में 24 मार्च को घोषित किया गया है।
  • आपके आस-पास कोई बहुत देर तक खांस रहा है, तो उससे दूर रहें।
  • छाती का एक्स रे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट आदि से होती है जांच।
  • डॉट्स केन्द्र पर टीबी के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था होती है।

क्षय रोग या टी.बी एक संक्रामक बीमारी है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 1.5 मिलियन लोग मौत का शिकार होते हैं।  पूरे भारत में यह बीमारी बहुत ही भयावह तरीके से फैली है। क्षय रोग के इस प्रकार से विस्तार पाने का सबसे बड़ा कारण है इस बीमारी के प्रति लोगों में जानकारी का अभाव।

 

Tuberculosis Day In Hindi

 

विश्व क्षय रोग दिवस पूरे विश्व में 24 मार्च को घोषित किया गया है और इसका ध्येय है लोगों को इस बीमारी के विषय में जागरूक करना और क्षय रोग की रोकथाम के लिए कदम उठाना। विश्व टीबी दिवस को विश्व स्वास्थ्‍य संगठन (डब्लूएचओ) जैसे संस्थानों से समर्थन मिलता है। भारत में टीबी के फैलने का एक मुख्य कारण इस बीमारी के लिए लोगों सचेत ना होना और इसे शुरूवाती दौर में गंभीरता से ना लेना। टी.बी किसी को भी हो सकता है, इससे बचने के लिए कुछ सामान्य उपाय भी अपनाये जा सकते हैं।

 

टीबी क्या है

टीबी अर्थात ट्यूबरक्लोसिस एक संक्रामक रोग होता है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बैक्टीरिया शरीर के सभी अंगों में प्रवेश कर जाता है। हालांकि ये ज्यादातर फेफड़ों में ही पाया जाता है। मगर इसके अलावा आंतों, मस्तिष्क, हड्डियों, जोड़ों, गुर्दे, त्वचा तथा हृदय भी टीबी से ग्रसित हो सकते हैं।

 

ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण

  • तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी।
  • बुखार (जो खासतौर पर शाम को बढ़ता है)।
  • छाती में तेज दर्द।
  • वजन का अचानक घटना।
  • भूख में कमी आना।
  • बलगम के साथ खून का आना।
  • बहुत ज्यादा फेफड़ों का इंफेक्शन होना।
  • सांस लेने में तकलीफ।

 

Tuberculosis Day In Hindi

 

ऐसे होता है टीबी का संक्रमण

टीबी से संक्रमित रोगियों के कफ से, छींकने, खांसने, थूकने और उनके द्वारा छोड़ी गई सांस से वायु में बैक्टीरिया फैल जाते हैं, जोकि कई घंटों तक वायु में रह सकते हैं। जिस कारण स्वस्थ व्यक्ति भी आसानी से इसका शिकार बन सकता है। हालांकि संक्रमित व्यक्ति के कपड़े छूने या उससे हाथ मिलाने से टीबी नहीं फैलता।

जब टीबी बैक्टीरिया सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचता है तो वह कई गुना बढ़ जाता है और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इसे बढ़ने से रोकती है, लेकिन जैसे-जैसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है, टीबी के संक्रमण की आशंका बढ़ती जाती है।

जांच के तरीके

टीबी की जांच करने के कई माध्यम होते हैं, जैसे छाती का एक्स रे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट आदि। इसके अलावा आधुनिक तकनीक के माध्यम से आईजीएम हीमोग्लोबिन जांच कर भी टीबी का पता लगाया जा सकता है। अच्छी बात तो यह है कि इससे संबंधित जांच सरकार द्वारा निशुल्क करवाई जाती हैं।

टीबी से बचने के उपाय

•    दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी रहती है, तो चिकित्स क को दिखायें।

•    बीमार व्‍यिक्‍त से दूरी ही बनायें।

•    आपके आस-पास कोई बहुत देर तक खांस रहा है, तो उससे दूर रहें। 

•    अगर आप किसी बीमार व्याक्ति से मिलने जा रहे हैं, तो अपने हाथों को ज़रूर धोलें।

•    पौष्टिक आहार लें जिसमें पर्याप्त  मात्रा में विटामिन्स , मिनेरल्स , कैल्शियम , प्रोटीन और फाइबर हों क्योंोकि पौष्टिक आहार हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

• अगर आपको अधिक समय से खांसी है, तो बलगम की जांच ज़रूर करा लें।


विश्व क्षय रोग दिवस के माध्यम से हमें टी.बी जैसी समस्या के विषय में और इससे बचने के उपायों के विषय में बात करने में मदद मिलती है। युनाइटेड स्टेट्स में विश्व टीबी दिवस का विषय है हम मिलकर इस बीमारी का मुकाबला कर सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार आज टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है। इसके तहत देश भर में डॉट्स केन्द्र बने हैं, जहां टीबी के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था होती है। इन केंद्रों की सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि यहां मरीज को केन्द्र पर ही दवाई खिलाई जाती है, ताकि इलाज में किसी तरह की कोताही न बरती जाए।

 

Image Source - Getty Images

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