महिलाएं ऐसे लक्षणों को गंभीरता से लें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 27, 2011
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Mahilaye aise lakshano ko gambheerta se le

महिलाओं को इस प्रकार के कोई लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज बिलकुल न करें। क्‍योंकि, कभी-कभी सामान्‍य सी दिखने वाली समस्‍यायें बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं।


एक महिला का स्वास्थ्य उसकी संपत्ति होती है। केवल महिलाऐं ही क्यो, सभी उम्र के, हर इंसान के लिए स्वास्थ्य एक संपत्ती है। हालांकि, मानव जाति को प्रभावित कर रही बीमारियों की संख्या एक भयप्रद दर से बढ़ रही है और किसी भी लिंग का भेद किये बिना कैंसर, एड्स, मधुमेह और गठिया जैसे रोग हर किसी को प्रभावित करने के लिए जाने जा रहे हैं। लेकिन जब विशेष रूप से केवल महिलाओं के स्वास्थ्य के मुद्दों पर विचार - विमर्श होता हैं, तब गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति, डिम्बग्रंथि, या स्तन कैंसर और कुछ अन्य महिलाओं से संबंधित विशिष्ट रोगों के रूप में विभिन्न विषय इनमें आते हैं।

 

हालांकि, कुछ अन्य चिकित्सा बिमारियाँ है, जो एक औरत के स्वास्थ्य में एक स्पष्ट भूमिका निभाती हैं। हालांकि इन रोगों में से कुछ पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करते है, लेकिन कभी कभी यह बिमारीयाँ महिलाओं में अलग रुप में उपस्थित होती दिखती हैं। महिलाओं में सबसे आम दिखने वाले सात स्वास्थ्य संलक्षण नीचे दिए गए है, जिनको  सरलता से नहीं लिया जाना चाहिए। 

 

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  1. पॉलीसिस्टिक अंडाशय संलक्षण: यह महिलाओं में पाये जाने वाला हार्मोन संबंधी विकार है, और तेजी से वजन बढना, अनियमित माहवारी, मुँहासे और गंजापन के नैदानिक लक्षण द्वारा परिभाषित है। यह काफी आम है, और बच्चे पैदा करने की उम्र के लगभग 10 महिलाओं में से 1 में विकसित होता हैं। सबसे अधिक खतरनाक बात यह है, कि इस सिंड्रोम से प्रभावित सभी महिलाओं में से आधे से अधिक महिलाऐं अंत में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और बांझपन का शिकार होती हैं।
  2. जमे हुए कंधे (फ्रोजन शोल्डर): यह एक हालत है, जिसमें कंधे के कैप्सूल (जोडों के आसपास के ऊतक) संघनन होता हैं, जिसके कारण दर्द और गतिविधी सीमित होती है। यह आम स्वास्थ्य समस्या (पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक) हैं और 40 से 65 उम्र के बीच ज्यादा होती दिखती हैं।
  3. फिब्रोमायालगिआ: यह एक आम दीर्घकालीन विकार हैं, और अक्सर रुमेटी गठिया जैसे समान लक्षणों के कारण रुमेठी गठिया के साथ भ्रमित होता है। हालांकि इन दो बीमारियों के बीच एक प्रमुख फर्क कारक है, कि  आरए के विपरीत,  फिब्रोमायालगिआ किसी भी प्रकार की जोडों के सूजन के साथ संबद्ध नहीं होता। इस विकार के लक्षणों में अक्सर सुबह में अकड़न, विसरित कोमलता और थकावट हैं।

 

[इसे भी पढ़ें : महिलाओं में रक्‍तअल्‍पता]

 

  1. लुप्स(फोड़े वाला त्वचा विकार): इसको सिस्टेमॅटिक लुप्स अरथॅमॅटोसुस भी कहा जाता है, यह प्रतिरक्षा प्रणाली में किसी तरह की खराबी है। इसके लक्षणों में बुखार, सीने में दर्द, जोड़ों का दर्द, अकड़न और त्वचा पर घावों की  विशेषता दिखती है। यह महिलाओं को उनके प्रजनन आयु में मुख्य रूप से प्रभावित करता है।
  2. कैंसर: हालांकि कैंसर दोनों पुरुषों और महिलाओं में समान रूप से प्रचलित है, इस खतरनाक रोग के कुछ ऐसे प्रकार है, जो कि एक या अन्य लिंग में अद्वितीय होते हैं। स्तन, डिम्बग्रंथि, और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर महिलाओं में पाये जाते हैं। लेकिन कुछ अन्य प्रकार के कैंसर ,जैसे  त्वचा, फेफड़े, और कोलोरेक्टल कैंसर महिलाओं के स्वास्थ्य में चिंता का विशेष क्षेत्र हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं में कैंसर के लगभग 14%  कैंसर तम्बाकू के अत्यधिक उपयोग के लिए कारण होते हैं। अच्छी खबर यह है कि कुछ अध्ययनों ने यह भी उल्लेख है कि स्तनपान करने से काफी हद तक स्तन कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती हैं।
  3. श्रोणि सूजन बीमारी: पीआईडी एक हालत है, जिसमें गोनोर्रहोएआ और क्लैमाइडिया जैसे यौन रोगों के कारण गर्भाशय या फैलोपियन ट्यूब को नुकसान पारेषित होता है। इनके कारण अक्सर बांझपन और जीर्ण पैल्विक दर्द जैसे खतरनाक स्वास्थ्य संबंधी जटिलताऐ होती हैं।
  4. रुमेटी संधिशोथ: आर.ए., प्रतिरक्षा प्रणाली के माध्यम से जोड़ों के अस्तर पर हमला करता हैं। विशिष्ट लक्षणों में सूजन, दर्द, और हाथ, कलाई, कमर, घुटनों और पैरों में संभावित विकृति दिखते हैं। महिला आर.ए. के मामलों में तीन तिमाहियों में संधि करती हैं।


महिलाओं में इन सात आम स्वास्थ्य संलक्षणों के अलावा, एकाधिक काठिन्य, दीर्घकालीन थकान संलक्षण, बेचैन पैर संलक्षण और शुष्क मुँह के रूप में कुछ अन्य संभावित गंभीर समस्याऐं भी है, और आमतौर पर दुनिया भर में महिलाओं को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।

 

 

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