घर में जूते पहनकर घूमने से हो सकती हैं संक्रामक बीमारियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 10, 2017
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • जूते-चप्पल से सी. डिफ्सील नामक बैक्टीरिया फैलते हैं।
  • ये बैक्टीरिया डायरिया जैसी बीमारी पैदा कर सकते हैं।
  • साल में 5 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में आते हैं।

जूते पहनने का शौक है तो, शौक को जरूरत तक ही सीमित रखिये। कहीं ऐसा ना हो कि आपके जूते घर में बीमारियों के जनक बन जाएं। एडी फटने की समसस्‍या हो रही है तो इसे दूर करने के लिए दिनभर जूते न पहनें। अगर आप भी हमेशा जूते पहनकर रहते हैं और घर में भी आने के बाद पूरे घर में जूते पहनकर घूमते हैं तो यह बीमारियों के कारण बन सकते हैं। क्‍योंकि आपके जूते की तली में कई ऐसे बैक्‍टीरिया होते हैं जो बीमारी का कारण बन सकते हैं। आइए इस लेख में इन बैक्‍टीरिया और इनसे होने वाली बीमारी के बारे में जानते हैं।

shoes

शोध के अनुसार

हॉस्टन यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार 40 प्रतिशत सी. डिफ्इसील नाम के बैक्टीरिया जूतों के नीचे सोल में मौजूद होते हैं। सबसे मुश्किल बात है कि आप इन बैक्टीरिया के खिलाफ कितने भी प्रतिरोधक दवाईयों का उपयोग कर लेते हैं तो भी ये बैक्टीरिया नहीं मरते। ये बैक्टीरिया खाने के साथ रिएक्ट कर शरीर के अंदर जाते हैं। ये बैक्टीरिया का सबसे ज्यादा दूषित पानी को करते हैं। ये बैक्टीरिया डायरिया फैलाते हैं।

एक महीने तक रहते हैं ये बैक्‍टीरिया

इंगलैंड जर्नल ऑफ इंगलैंड में हाल ही में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल कम से कम पांच लाख से अधिक लोग इस बैक्टीरिया की चपेट में आते हैं। हॉस्पीटल में आने वाले मरीजों में से 35 प्रतिशत मरीज इस बैक्टीरिया से बीमार होते हैं। ये खुद सोचने वाली बात है कि हम जूते पहनकर कहां-कहां जाते हैं तो उससे गंदे जीवाणुओं के संपर्क में आना जाहिर सी बात है। खासकर सड़कों पर जानवरों और चीड़ियों के किए हुए अपशिष्ट पदार्थ में ये बैक्टीरिया अधिक बैठते हैं जिसके आस-पास से निकलने पर ये जूते-चप्पलों में चिपक जाते हैं जो कम से कम तीस से चालीस दिनों तक जूतों में चिपके रहते हैं चाहे आप इन्हें कितना भी साफ कर लें ये समाप्‍त नहीं होते।  

इन बैक्टीरिया से बचने का एक ही उपाय है कि घर से बाहर ही जूते-चप्पलों को उतार दें। घर में जूते-चप्पल पहनकर न घूमें।


Image Source @ Getty

Read More Articles on Healthy living in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES3 Votes 1591 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर