लगातार काम से बालिका वधू हुई बीमार, इसलिए ब्रेक है जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 22, 2015
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Quick Bites

  • बालिका वधु अविका गौर से सीखें काम के साथ ब्रेक लेना।
  • लागातार काम करने से बीमार पड़ गईं थीं अविका गौर।
  • लेकिन अब अविका हर महीने में 8 छुट्ट‍ियां जरूर लेंगी।
  • काम के साथ ब्रेक लेना सेहत के लिये होता है बेहद जरूरी।

आज भी हम आनंदी के नाम से मशहूर बालिका वधू, अविका गौर से 'ससुराल सिमर का' तक का अपना सफर बखूबी तय कर रही हैं। पहले बालिका वधू का शानदार रोल और अब 'ससुराल सिमर का' में रोली। अविका छोटी उम्र में टीवी की एक बड़ी स्टार है। लेकिन इस स्टारडम के बदले अविका ने काफी मेहनत की है और इसकी कीमत भी चुकाई है। कई सालों से लगातार काम करती आ रही अविका नें इतने सालों में कोई ब्रेक नहीं लिया, जिसकी कीमत उनके स्वास्थ्य को चुकानी पड़ी और वो बीमार हो गई। तो चलिये अविका के जीवन से सीखें कि बिना ब्रेक लिये काम करते रहने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं।

 

Breaks From Hectic Work Life in Hindi

 

हो सकते हैं बीमार

पिछले साल 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाली अविका ने टीवी इंडस्ट्री में अपने 8 साल पूरे कर लिए हैं। साल 2008 में उन्होंने अपने कॅरिअर की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्हें एक भी दिन छुट्टी नहीं मिली। अविका कभी मुंबई में शूट कर रही होतीं, तो कभी साउथ में। उनके लिए छुट्टी के बारे में सोचना भी गुनाह था। जिसकी खामियाजा उन्हें सेहत से जुड़ी भयंकर परेशानियों का सामना कर चुकाना पड़ा। न वे ठीक से सो रही थीं और न ही ठीक से खा ही पा रही थीं, ऐसे में उन्हें अस्थमा हो गया। लेकिन तेजी से हो रहीं स्वास्थ्य समस्याओं के मद्देनज़र रखते हुए अब अविका ने तय किया है कि वे अब महीने में 8 छुट्ट‍ियां जरूर लेंगी।

क्या कहते हैं शोध

जो लोग सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करते हैं, उन पर इसका काफी नुकसान होता है। एक शोध में माना गया है कि सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने वाले लोगों को शराब की लत लगने की आशंका अधिक रहती है। फिनिश इंस्टिट्यूट ऑफ ऑक्यूपेशनल हेल्थ के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि सप्ताह में 35 से 40 घंटे काम करने वाले लोगों में यह जोखिम कम होता है। इनकी अपेक्षा 49 से 54 घंटे काम करने वाले लोगों को यह जोखिम 13 प्रतिशत अधिक होता है जबकि 55 घंटों से अधिक काम करने वाले लोगों को यह जोखिम 12 प्रतिशत अधिक होता है।

 

Breaks From Hectic Work Life in Hindi

 

हो सकती हैं बीमारियां

कम समय में ज्यादा हासिल करने की होड़ में आज लगभग हर शख्स ज्यादा से ज्यादा काम करना चाहता है। लेकिन नतीजे के साथ उनके सिर, आंखें, स्पाइन, पाचन तंत्र, कमर आदि की समस्या में इजाफा भी हो जाता है। कई घंटे लगातार काम करने से होने वाली छोटी-छोटी समस्याएं आगे चल कर डायबिटीज, थायराइड जैसी बीमारियों को न्यौता देती हैं।


आज लगभग हर प्रोफेशनल के लिए सिर, गर्दन, पीठ और कमर दर्द की परेशानी आम हो चुकी है। तनाव और चिड़चिड़ापन रिश्तों में कड़वाहट घोल रहा है। आपके साथ भी ऐसा न हो, इसके लिए बेहद जरूरी है काम के बीच में थोड़ा-सा आराम। जानकारों की मानें तो काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक, वर्क प्रेशर को कम करने के साथ उससे होने वाली तमाम समस्याओं से निजात दिला सकते हैं।


Image Source - Getty Images.


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