जानें लोग क्‍यों करते हैं आत्‍महत्‍या और इससे कैसे बचें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 22, 2016
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Quick Bites

  • एक डरावना शब्‍द है आत्‍महत्‍या।
  • पुरुषों में आत्‍महत्‍या की अधिक संभावना।
  • परिवार अथवा मित्रों से बात कीजिए।   
  • मानसिक बीमारी का इलाज करवायें।

आत्महत्या, एक डरावना शब्द। एक ऐसा शब्द, जो आंखों के सामने मौत का भयावह मंजर खड़ा कर देता है। हालांकि इसे मनचाही मौत माना जाता है, लेकिन सच तो यह है कि आत्‍महत्‍या एक अनचाही और अनपेक्षित मौत की दर्दनाक स्थिति है, जो एक हंसते-खेलते जीवन का त्रासद अंत करती है। आज फांसी, जहर, आग और नदी जैसे कितने ही नए-पुराने तरीके मौत को गले लगाने के लिए आजमाएं जा रहे हैं।

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आत्‍महत्‍या का विचार

आत्‍महत्‍या के विचार को, आत्‍महत्‍या उद्भावना के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें स्‍वयं को मारने के विस्‍तृत योजना से लेकर क्षणभंगुर विचार आते रहते हैं। जिन लोगों के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, उन्हें उस समय कोई और उपाय नहीं सूझता है, बल्कि मौत ही उनकी दुनिया के दायरे में घूमती दिखाई देती है। उनके आत्महत्या के विचार इतने प्रबल होते हैं, कि उन्हें कम करके नहीं आंका जाना चाहिए - वे वास्तविक, मजबूत और तात्कालिक होते हैं।  

आत्‍महत्‍या के विचार का अनुभव करने वाले बहुमत में लोग अपने विचार पर लंबे समय तक नहीं टिकते, वह आत्‍महत्‍या का प्रयास कर लेते हैं। हालांकि कुछ लोगों के आत्‍महत्‍या के विचार की योजना विफल हो जाती हैं, जबकि दूसरे ध्‍यान से सफल योजना बनाते हैं। ए‍क फिनिश अध्‍ययन के अनुसार, लगभग हर पांचवे व्‍यक्ति की वास्‍तव में आत्‍महत्‍या से मृ‍त्‍यु होती है।


कैसे आम है आत्महत्या?

सीजोफ्रेनिया से ग्रस्‍त (एक प्रकार का पागलपन) लगभग 4 प्रतिशत लोग आत्‍महत्‍या कर लेते हैं। संयुक्त राज्य अमरीका - एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार, हर साल अमेरिका में 30,000 हजार लोग आत्‍महत्‍या करते हैं, और इसमें 80 प्रतिशत पुरुष शमिल होते हैं। 15-24 साल के बच्‍चों में आत्‍महत्‍या, मृत्‍यु का तीसरा प्रमुख कारण है। आत्‍महत्‍या के सभी मामलों में बीस प्रतिशत इस आयु वर्ग के बीच के हैं।  

यूनाइटेड किंगडम - एनएचएस (नेशनल हेल्‍थ सर्विस) के अनुसार, ब्रिटेन में पिछले 20 वर्षों के दौरान आत्महत्या की दर तेजी से गिर रही है। 2006 में, वहां कम से कम 15 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के बीच 5,554 ने आत्महत्या की।

मोटेतौर पर 140,000 लोग आत्महत्या के प्रयास के बाद इंग्लैंड और वेल्स में सालाना अस्पताल में भर्ती होते हैं। ब्रिटेन में आत्‍महत्‍या के सभी मामलों के बीच तीन-चौथाई पुरुष है। 25 से 34 वर्ष आयु वर्ग के बीच खतरा ज्‍यादा होता है, और उसके बाद 35 से 44 वर्ष के पुरुष आते हैं। 15 से 44 आयु वर्ग के पुरुषों में दुर्घटना से मृत्‍यु के बाद आत्‍महत्‍या दूसरा सबसे आम कारण है।


अपने शोध के अनुसार एनएचएस कहते हैं कि लगभग सभी आत्‍महत्‍या की कोशिश करने वाले लोगों में मानसिक बीमारी जैसे अवसाद सबसे आम है। लगभग दस से पंद्रह प्रतिशत बाइपोलर डिस्‍आर्डर से ग्रस्‍त लोगों की समय से पहले आत्‍महत्‍या के कारण मृत्‍यु हो जाती हैं। लक्षणों की शुरुआत के बाद लगभग 4 प्रतिशत सीजोफ्रेनिया से ग्रस्‍त लोग आत्‍महत्‍या से मरते हैं।

आत्महत्या के विचार के लक्षण

हालांकि आत्‍महत्‍या के विचार के संकेत और लक्षण बहुत अधिक मात्रा में है लेकिन हम आपको सबसे आम लक्षणों के बारे में बता रहे हैं। आत्महत्या से पूर्व व्यक्ति इसी विषय पर बात करता है, तत्संबंधी साहित्य पढ़ता या लिखता है। वह अक्सर बोल-चाल में जाने-अनजाने कह जाता है कि मैं आत्महत्या कर लूंगा, इससे तो अच्छा होता मैं मर जाता, इससे तो अच्छा होता मैं पैदा ही नहीं हुआ होता या कल तुम या तुम लोग मुझे याद करोगे। वह अपने आप को बेहद असहाय महसूस करता है या वह अपने जीवन को अत्यन्त सारहीन समझता है। जिन्दगी के प्रति निराशावादी विचारधारा व्यक्त करना और खुद के प्रति नफरत जतलाना। बेचैनी, गहन हताशा या फिर आत्महत्या सम्बन्धी चर्चा करना आदि।


वह अक्सर आत्महत्या के तरीकों के संबंध में पूछताछ करता रहता है। मृत्यु, हिंसा, चाकू, छुरी तथा बंदूक के बारें में चर्चा करता रहता है। अचानक वह अधिक उदार हो जाता है और अपनी वस्तुओं को बांटने लगता है। वह तीव्रगति से कम समय में अधिकाधिक लोगों से मिलने का प्रयास करता है और लोगों को अच्छा; अलविदा कहकर अथवा-‘किसी भी प्रकार से वह अन्तिम मिलन है-’ का संकेत दे देता है। यदि कोई बार-बार ऐसा करता हैं अथवा इनमें से कई तथ्य प्रकट करता है तब आप सचेत हो जाइये।

कुछ लोग अपने व्यवहार से भी आत्महत्या करने के संकेत दे देते हैं जैसे-अपनी प्रिय चीजों से लगाव न रहना। खाने-पीने तथा सोने-जागने की आदतों में बदलाव, पढ़ाई में एकाएक तेज हो जाना या अचानक पिछड़ना, डायरी लिखने में अधिकांश समय लगाना, अपेक्षाकृत अधिक चिड़चिड़ाना आदि।


आत्‍महत्‍या के कारण

खतरनाक रूप से बढ़ रही इस नकारात्मकता ने अचानक सबको चिंता में डाल दिया है। आखिर क्यों बढ़ रही है खुद को खत्म करने की यह खौफनाक प्रवृत्ति? आत्महत्या के जोखिम को प्रभावित करने वाले कारकों में मानसिक विकार, दवाओं का दुरुपयोग, मानसिक अवस्थाएं, संस्कृति, परिवार और सामाजिक परिस्थितियां तथा आनुवांशिकी शामिल है।

आत्महत्या अक्सर निराशा के चलते की जाती है, जिसके लिए, बाइपोलर डिस्‍आर्डर, सीजोफ्र‍ेनिया, शराब की लत या मादक दवाओं का सेवन जैसे मानसिक विकारों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। तनाव के कारक जैसे वित्तीय कठिनाइयां या पारस्परिक संबंधों में परेशानियों की भी अक्सर एक भूमिका होती है। मानसिक रोग और नशीले पदार्थ के दुरुपयोग आमतौर पर आपस में संबंधित दिखते हैं।

अन्य जोखिम कारकों में पूर्व में आत्महत्या के किए गए प्रयास, ऐसा करने के लिए साधनों की आसान उपलब्धता, आत्महत्या का पारिवारिक इतिहास या घातक मस्तिष्क चोट भी शामिल हैं। सामाजिक आर्थिक कारक जैसे बेरोजगारी, गरीबी, बेघर होना और भेदभाव किया जाना, आत्महत्या के विचारों को पैदा करता हैं। आत्महत्या के विचार के लिए आनुवांशिकी कारक भी काफी हद तक जिम्मेदार होते है।


आत्महत्या के विचार की रोकथाम

मानसिक बीमारी आत्महत्या के विचार और आत्महत्या करने का सबसे आम कारण है। लेकिन डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं का दवाओं और स्‍पीच थेरेपी जैसे सीबीटी (संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी) और काउन्सलिंग से सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। यहां आत्महत्या के विचार और आत्महत्या के प्रयास का खतरा कम करने के कुछ उपायों की जानकारी दी गई है।

  • अपनी उपचार योजना का पालन करें, यानी समय पर डॉक्‍टर से मिलें, निर्देशित दवाएं लें आदि।
  • शराब और अवैध ड्रग्स से बचने की कोशिश करें।  
  • अलगाव से बचें- यानी बाहर की दुनिया से जुड़े रहने की कोशिश करें।
  • एक्‍सरसाइज करें।
  • संतुलित और स्‍वस्‍थ आहार लें।
  • परिवार अथवा मित्रों से बात कीजिए।
  • उपचार में परिवार को शामिल करें। इससे उनका समर्थन मिलता है।
  • जीवन में अच्छी बातों पर ध्यान दें।
  • रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की लगातार नींद लें।
  • मानसिक बीमारी का इलाज करवायें।
  • चाकू, बंदूक और खतरनाक दवाओं से दूर रहें।  
  • ऐसी चीजों की तलाश करें जो आपको खुशी देती है।
  • स्‍वयं सहायता समूहों के साथ अपनी पीड़ा और चिंताओं को बांटें, जो आपको आत्‍महत्‍या के विचार से राहत देता है।  

'चलते रहना' समय का एक महत्त्वपूर्ण कारक है किंतु उस समय विशेष में क्या होता है, इस पर गौर करना भी महत्त्वपूर्ण होता है। जब किसी के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, तो उसे अपनी भावनाओं के बारे में तुरंत बात करनी चाहिए।


आत्महत्या के विचार से जुड़े तथ्‍य

  • अमेरिका में हर साल लगभग 30 हजार लोग आत्‍महत्‍या करते हैं।
  • मोटेतौर पर 4 से 5 में अमेरिकी परुष आत्महत्या करते हैं।
  • आत्‍महत्‍या के ज्‍यादातर मामलों में मानसिक बीमारी से ग्रस्‍त लोग ज्‍यादा है।
  • आत्महत्या के विचार के कारणों में अवसाद, एनोरेक्सिया और मादक द्रव्यों का सेवन शामिल हैं।
  • मानसिक बीमारी के परिवारिक इतिहास के साथ लोगों में आत्‍महत्‍या के विचार आने की ज्‍यादा संभावना होती है।
  • जो लोग बंदूकों के मालिक होते हैं उनमें भी आत्‍महत्‍या करने की कोशिश की पूरी संभावना रहती है।


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Image Source : Getty

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