जानें क्यों ठीक नहीं है पानी को बार-बार उबालना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 27, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बार-बार उबालने से खत्म हो जाते है पानी के पोषक तत्व ।
  • बढ़ जाती है आर्सेनिक, नाईट्रेट और फ्लूराइड की मात्रा।
  • पानी को दोबारा उबालने से होता है कैमिकल रिएक्‍शन।
  • स्वच्छ बनाने के लिए तकरीबन 20 मिनट ही उबाले पानी।

जल को जीवन कहा जाता है। इसके बिना जीवित रहना अंसभव है। केवल पानी का पीना ही नहीं बल्कि स्वच्छ पानी का सेवन ज्‍यादा आवश्‍यक है। इसलिए सभी जानते हैं कि मानसून में पानी को उबाल कर पीना चाहिए। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि पानी को बार-बार उबालने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पानी को बार-बार उबालने से इसमें आर्सेनिक, नाईट्रेट और फ्लूराइड की मात्रा ज्‍यादा हो जाती है और इससे शरीर को नुकसान होता है। क्‍योंकि पानी के घटक यानी पानी जिनसे मिलकर बना होता है, वह उलट हो जाता है और सेहत के लिए नुकसानदायक होता हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि पानी को बार-बार उबालना सही है या गलत।


water in Hind

बार-बार पानी उबालना क्यों नुकसानदायक

उबले हुए पानी को एक बार फिर से उबालकर इस्‍तेमाल में लाना खतरनाक हो सकता है। पानी को उबालने से उसकी भाप निकलकर वापस उसी में चली जाती है, जो और भी नुकसानदायक होती है, बल्कि कहा जा सकता है कि उसी के कारण नुकसान होता है। पानी एक बार उबलने पर मिनरल को दुबारा सेट करता है, ठंडा हो जाने पर पानी में सभी लवण सेट हो जाते हैं लेकिन अगर उसे फिर से गर्म किया जाएं, तो उसमें दुबारा से कैमिकल रिएक्‍शन होते हैं और सब कुछ संतुलित मात्रा से कम या ज्‍यादा हो जाता है।

Water in Hindi
पानी बन जाता है टॉक्सिक

पानी को गर्म करने पर इसमें नाईट्रेट एक्‍सपोज़ हो जाता है लेकिन अगर इसे बार-बार गर्म किया जाएं तो यह टॉक्‍सिक में बदल जाता है। उच्‍च तापमान, नाईट्रेट को नाईट्रोसामाइन और कारसिनोजेनिक में परिवर्तित कर देता है। इससे कई प्रकार का कैंसर हो सकता है। एक हद से ज्‍यादा पानी को गर्म करने पर आपको आर्सेनिक की घातक मात्रा पानी में मिलेगी। इससे कैंसर, हार्ट अटैक, मस्तिष्‍क सम्‍बंधी बीमारियां आदि होने का खतरा रहता है। यहां तककि प्रजनन क्षमता पर भी असर पड़ता है। पानी को ज्‍यादा उबालने पर इसमें फ्लूराइड की मात्रा बहुत ज्‍यादा हो जाती है जिसके कारण, इससे दिमागी बीमारी, बच्‍चों में होने का खतरा रहता है।

पानी को पूरी तरह से स्वच्छ और कीटाणु रहित बनाने के लिए कम-से-कम उसे 20 मिनट उबालना चाहिए और उसे ऐसे साफ कंटेनर में रखना चाहिए, जिसका मुंह संकरा हो ताकि उसमें किसी प्रकार की गंदगी न जाए।

 

Image Source-getty

Read More Article on Healthy eating in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES15 Votes 3407 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर