हर पुरुष को अपने बच्चों के साथ करनी चाहिए कुकिंग, जानिए क्यों

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 13, 2017
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Quick Bites

  • खाना पकाना एक कला है, यह सबके बस की बात नहीं है।
  • बच्चे के साथ कुकिंग करने से उसे हेल्दी खाने की पहचान हो जाती है।
  • इससे बीमारियां नहीं होती हैं और आपका परिवार स्वस्थ रहता है।

कुकिंग करना शौक भी है, पोषण भी है, रोजमर्रा की जिंदगी भी है, सीख भी है, आदत भी है, आदि कई तरह की बातें इसके बारे में की जा सकती हैं। कुछ लोग खासकर पुरुषों के लिए कुकिंग शौक की तरह है। अपनी इच्छानुसार आप खाना पकाकर किसी का भी दिल जीत सकते हैं। बच्चों की बात की जाये तो उनका पूरा पोषण और विकास आपके कुकिंग पर ही निर्भर है। तो क्यों न बच्चों को भी इसमें शामिल किया जाये, क्योंकि आप उनको जो सिखाते हैं वे वही सीखते हैं और उनको इसमें शामिल करके आप अच्छी सीख दे सकते हैं, इसके अलावा भी बच्चों के साथ कुकिंग के कई दूसरे फायदे भी हैं। इनके बारे में इस लेख में विस्तार से चर्चा करते हैं।

cooking in hindi

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बच्चों के लिए है जरूरी

किचन से आने वाली लहसुन, टमाटर, ऑलिव ऑयल, आदि की खुश्बू् आपको अनायास ही अपनी तरफ खींचती होगी। एक साथ खाना पकाने के कई फायदे हैं, किचन में हंसी-मजाक करके दिनभर की थकान और तनाव दूर किया जा सकता है, पुरानी यादों को दोहरा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ यह बच्चों के लिए बहुत ही जरूरी है। यह ऐसी जगह हैं जहां आहार संबंधी किताबी बातें आप उनको व्यावहारिक रूप से समझा सकते हैं।


यहां मिलता है पोषण

बच्चे के जन्म के बाद से लेकर 6 महीने तक ब्रेस्टफीडिंग कराया जाता है। उसके बाद उसका सही तरीके से विकास उसे दिये जाने वाले पौष्टिक आहारों पर निर्भर करता है। लेकिन जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है तो वह अपने आप जीचों का चुनाव करने लगता है। यहां आप उसे अच्छे और बुरे आहार के बारे में बता सकते हैं। प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट आदि शरीर के विकास के लिए जरूरी पौष्टिक आहार आपके किचन में मौजूद हैं। बच्चे के साथ कुकिंग करके उनको बताइये कि उनके लिए किस आहार का क्या महत्व है।


बच्चे के नजदीक आते हैं

ऐसा माना जाता है कि बच्चों के अधिक करीब मां होती है, होगी भी क्यों नहीं, वह उनकी जरूरतों का ध्यान रखती है उनको पूरा करती है। ऐसे में पुरुष बच्चों के करीब आने के लिए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए यह तरीका अपना सकते हैं। यहां आप अपने बच्चे  के साथ सकारात्मक वार्तालाप कर सकते हैं। उसकी पसंद-नापसंद के बारे में जान सकते हैं।


शोध के अनुसार

डिनर के दौरान पूरा परिवार एक साथ होता है, यही वो जगह है जहां सभी एक-दूसरे की बात करते हैं। यहीं पर अच्छी-बुरी बातें होती है। यही वो जगह है जहां पिता-पुत्र का रिश्ता और गहरा होता है। ऐसा हम नहीं बल्कि एक शोध कहता है। इस शोध की मानें तो परिवार के साथ डिनर करने से 80 प्रतिशत से ज्यादा अभिभावकों को लगता है कि वे अपने बच्चों के और अधिक करीब आ रहे हैं। वहीं 70 प्रतिशत बच्चों की मानें तो जब वे साथ में खाना शेयर करते हैं तब पैरेंट्स उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

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बुरी आदतें नहीं होती

बच्चों के साथ किचन में खाना बनाने और खाना शेयर करने का सबसे सकारात्मक प्रभाव बच्चों की आदतों पर पड़ता है। अगर बच्चों को पता हो कि क्या अच्छा है और क्यार बुरा है तो उनको बुरी आदतों से बचाया जा सकता है। इसके अलावा एक साथ खाने से बीमारियां भी नहीं होतीं, क्योंकि आप अपने बच्चे को पौष्टिक आहार देते हैं तो आप अनहेल्दी कैसे खा सकते हैं।


कैसे करें शुरूआत

बच्चे को किचन में ले जाना आपके लिए एक मुश्किल काम हो सकता है। लेकिन इसे आसान बनाया जा सकता है। बच्चे को बतायें कि खाना पकाना एक कला है जिसमें सभी माहिर नहीं हो सकते। बच्चों का पसंदीदा खाना पकायें, उनको यह सिखायें कि जब वह अकेले हों तो कैसे अपने पसंद का खाना पकाकर खा सकते हैं।

यानी बच्चे के साथ खाना पकाकर खाने से बच्चा अच्‍छी आदत तो सीखता है साथ ही आप भी हेल्दी खाते हैं और बीमारियों से दूर रहते हैं।

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Image Source : Shutterstock.com

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