जानें शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए क्‍या खायें क्‍या नहीं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 20, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • अनार का जूस रखता है शरीर का तापमान संतुलित।
  • धूप में कम निकलने से शरीर का तापमान रहेगा संतुलित।
  • तापमान संतुलन के लिए शहद और दूध का मिश्रण कारगर।
  • शरीर का तापमान संतुलित करने के लिए गर्म आहार से बचें।

शरीर का तापमान कई वजहों से बढ़ता है। इसके लिए मौसम, तापमान आदि वजहें तो जिम्मेदार हैं ही साथ ही हम जो खाते या पीते हैं, उसकी वजह से भी शारीरिक तापमान बढ़ता है। मसलन शराब, मांसाहार, काफी आदि। इसके अलावा यदि आप गर्मियों में बहुत ज्यादा सूरज की किरणों के संपर्क में आते हैं या बीमार पड़ते हैं या फिर बहुत ज्यादा दवाईयों का सेवन करते हैं तो भी शरीर का तापमान तेजी से गर्म होने लगता है। अतः ऐसे आहार से बचना चाहिए जो शरीर का तापमान को बढ़ाते हैं और दवाईयों का सेवन भी कम से कम करना चाहिए। हम यहां ऐसे आहार पर चर्चा करेंगे जिनके खाने से हमारे शरीर का तापमान संतुलित रह सकता है। साथ ही उन आहार विशेष को भी जानेंगे जिनसे हमें दूर रहना चाहिए।

 

अनार का जूस

यदि आपका शरीर बहुत ज्यादा गर्म है, खासकर गर्मियों के मौसम तो अनार का जूस आपके शारीरिक तापमान को संतुलित करने में सहायता करेगा। अनार के जूस में थोड़ा सा बादाम का तेल मिला लें और इसे रोजाना पीयें। आप महसूस करेंगे कि आपके शरीर में गर्मी कतई नहीं है। साथ ही शरीर हर समय संतुलित तापमान का एहसास करता है। बदाम के तेल के साथ अनार का जूस हर उम्र वर्ग के लोग खा सकते हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग सबके लिए यह समान रूप से कारगर है।

 

पानी पीयें

तापमान चाहे गर्म हो या ठण्डा हो। आपके शरीर का तापमान भी यदि असंतुलित है तो इससे पार पाने के लिए जो पहला शब्द आपके जहन में आना चाहिए वह है पानी। यदि आपके शरीर का तापमान गर्म है तो अपने पैरों को कुछ देर ठण्डे पानी में भीगाएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें। आप जल्द ही महसूस करेंगे कि आपके शरीर का तापमान संतुलित हो रहा है। यदि आप गर्मियों में बहुत ज्यादा बाहर निकलते हैं तो पानी बार बार पीयें। संभव हो तो अपने पास हर समय पानी की बोतल रखें। शरीर में पानी की जितनी कमी होगी, शरीर उतना गर्म होने लगेगा।

 

खसखस

प्रत्येक रात सोने से पहले मुट्ठी भर खसखस खाएं। इससे रात में शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि खसखस यानी पोपी सीड्स में नशीले तत्व होते हैं अतः इसे अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। हालांकि इससे शरीर के तापमान को संतुलित रखा जा सकता है। लेकिन इसे बच्चों को देने से बचें।

 

मेथी दाना

जाहिर है कि आपके घर में असंख्य किस्म के मसाले होंगे। ये मसाले कई किस्म के मसालेदार आहार बनाने के लिए इस्तेमाल में आते हैं। लेकिन आपको बता दें कि मसाले उतने लाभप्रद नहीं होते जितने कि मेथी दाना। अपने घर में अन्य मसालों की ही तरह मेथी दाना भी रखें। मेथी दाना आपके शरीर के तापमान को संतुलित तो करते ही हैं साथ ही पेट को थोड़ा आराम भी देते हैं। इसे किसी मसाले की तरह इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। आपको चाहिए कि मेथी दाना कच्चा ही खाएं।

 

शहद और दूध

यदि आप ऐसे मिश्रण की तलाश कर रहे हैं जो आपके शरीर के तापमान को सहजता से संतुलित रख सकता है तो अब आपकी तलाश खत्म हुई। ठण्डे दूध और शहद का मिश्रण ही आपकी वह तलाश है। दरअसल ठण्डा दूध और शहद में ठण्डी तासीर होती है जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है और शरीर के तापमान के लिए लाभकर है। आपको सिर्फ इतना करना है कि एक गिलास ठण्डे दूध में एक चम्मच शहद मिलाना है। इसके प्रभावशाली असर देखने के लिए इसका रोज सेवन करें।

 

मक्खन और दूध

मक्खन और दूध का मिश्रण भी शरीर का तापमान संतुलित रखने में मददगार है। यदि आप शहद नापसंद करते हैं तो मक्खन तो आपको अवश्य पसंद होगा ही। शहद की जगह मक्खन का इस्तेमाल करें और शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखें। एक गिलास दूध में दो चम्मच मक्खन लें और इसे रोजाना खाएं। लेकिन यह ध्यान रखें कि यदि आपको हाई कोलेस्ट्रोल है तो इस नुस्खे से दूर रहें।

 

आड़ू

शरीर का तापमान यदि बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो इससे शरीर में दाने, रैशेस आदि होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आड़ू का सेवन करें। आड़ू में विटामिन ए, बी 2 और पोटाशियम तत्व पाए जाते हैं। ये तमाम तत्व हमारे शरीर और त्वचा के लिए जरूरी है। सूखे आड़ू शरीर के तापमान को नियमित करने में सहयोग करता है।

 

क्या न खाएं

शरीर को संतुलित रखने के लिए गर्म चीजों का सेवन कम करें। मांसाहार कम खाएं। इसके अलावा जितना संभव हो दवाईयों पर निर्भरता कम बनाएं। यदि आप दवाईयों पर आश्रित हैं तो अपने शरीर के तापमान के विषय में डाक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा कुछ अन्य बीमारियां भी तापमान केा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं मसलन न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर। इसके अलावा थाईराइड के मरीजों का ज्यादा काम करने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

 

Read more articles on Healthy living in Hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1 Vote 1110 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर