कुक्‍कुटासन करने का तरीका और फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 14, 2016
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Quick Bites

  • पूरे शरीर के व्यायाम के लिए कुक्कुटासन बहुत फायदेमंद है।
  • इससे पेट के रोग दूर होते हैं और मोटापा कम होता है।
  • बाहों, कोहनियों, कंधों और हाथों को मजबूती मिलती है।
  • कुक्कुटासन करने से मासिक धर्म के समय बैक पेन नहीं होता है।

दिनभर एनर्जेटिक रहने के लिए सुबह की शुरूआत योगा से करनी चाहिए। पूरे शरीर के व्यायाम के लिए कुक्कुटासन बहुत फायदेमंद है। इस आसन में आदमी की आकृति मुर्गे की तरह बन जाती है। संस्कृत में कुक्कुट का अर्थ मुर्गा होता है। इसमें पहले पद्मासन में बैठते हैं उसके बाद दोनों हाथों को टांगों के बीच से निकालकर जमीन पर टिका देते हैं। इसके बाद हाथों पर पूरे शरीर का भार डालकर ऊपर की तरफ उठते हैं। इस आसन का प्रतिदिन अभ्यास करने से भुजाएं तथा चेस्ट मजबूत हो जाती है। पेट पर दबाव बढने से पेट के रोग दूर होते हैं और मोटापा कम होता है।

 

कुक्कुटासन करने की विधि 

कुक्कुटासन आसन के लिए शांत और खुले वातावरण में फर्श पर चटाई बिछाकर बैठ जाइए। उसके बाद दाहिने पैर को घुटने से मोडते हुए बाएं पैर की जांघ पर रखिए और बाएं पैर को घुटने से मोडते हुए दाएं पैर की जांघ पर रखिए। इसके बाद दोनों हाथों को दोनों जांघों के बीच से कोहनी तक का हिस्सा बाहर निकाल लीजिए। उसके बाद दोनों हथेलियों को फर्श पर टिकाकर पूरे शरीर का भार उस पर डालकर शरीर को जितना भी ऊपर उठा सकते हैं उठा दीजिए। शरीर को ऊपर उठाने के बाद इस स्थिति में 15 से 30 सेकेंड तक रहिए और फिर सामान्य स्थिति में आ जाइए। कुक्कुटासन की स्थिति में शुरूआत में 2 मिनट तक रहा जा सकता है उसके बाद इसका समय अपने अनुसार बढा दीजिए।

कुक्कुटासन के लाभ

  • कुक्कुटासन को करने से बाहों, कोहनियों, कंधों और हाथों को मजबूती मिलती है।
  • कुक्कुटासन करने से पूरा शरीर मजबूत बनता है।
  • इससे चेस्ट शक्तिशाली बनती है तथा चेस्ट की मांसहीनता व बाहों का टेढ़ापन दूर होता है।
  • इस आसन के अभ्यास से आलस्य दूर होता है तथा थकावट को दूर करने में भी यह लाभकारी है।
  • इसका अभ्यास प्रत्येक दिन करने से हाथों और पैरों का कम्पन दूर होता है।
  • कुक्कुटासन करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है जिससे भूख बढ़ती है।
  • कुक्कुटासन महिला और पुरुष दोनों के लिए लाभकारी है।
  • यह आसन पीठ, कंधे, कमर व हाथों के दर्द को ठीक करता है।
  • कुक्कुटासन पेट व कूल्हे की चर्बी को कम करता है जिससे आदमी मोटापे पर नियंत्रण कर सकता है।
  • दिनभर स्फूर्तिवान रहने में कुक्कु्टासन बहुत मदद करता है।
  • कुक्कुटासन शरीर के जोडों ( कलाई, कंधे और कुहनी ) को मजबूत करता है।
  • कुक्कुटासन करने से शरीर शेप में बनता है। इससे बाइसेप्स, टाईसेप्स आदि बनते हैं।
  • महिलाओं द्वारा कुक्कुटासन करने से मासिक धर्म के समय बैक पेन नहीं होता है।

कुक्कुटासन एनर्जेटिक योगा का आसन है इसलिए अगर हाथों की मांसपेशियों में दिक्कत हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए क्योंकि इस आसन को करते समय पूरे शरीर का भार हाथों पर ही होता है।

Image Source-Getty

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