प्रार्थना और मेडिटेशन में क्‍या है अंतर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 06, 2014
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मेडिटेशन के द्वारा मस्तिष्‍क शांत और स्थिर होता है।
  • प्रार्थना करने से हमें अदृश्‍य शक्ति से ऊर्जा मिलती है।
  • इनसे जीवन में संतुलन बनाने में सहायता मिलती है।
  • नकारात्‍मकता को दूर करने के लिए इन्‍हें आजमायें।

मेडिटेशन और प्रार्थना ध्‍यान एक दूसरे के न तो पर्याय हैं और न ही एक दूसरे के पूरक। ध्‍यान और प्रार्थना में अंतर है। ध्‍यान के जरिये आप अपने अवचेतन मन को शांत करते हैं जबकि प्रार्थना के जरिये आप अदृश्‍य शक्ति से ऊर्जा प्राप्‍त करते हैं। प्रार्थना को दैवीय शक्ति से भी जोड़ा जाता है। प्रार्थना और मेडिटेशन में जो सबसे बड़ा अंतर है वह यह कि प्रार्थना में ईश्वर को स्वयं से अलग माना जाता है और मेडिटेशन में स्वयं को ईश्वरीय अंश माना जाता है। इस लेख में विस्‍तार से जानें प्रार्थना और मेडिटेशन में अंतर।

Meditation in Hindi
मेडिटेशन क्‍या है

मेडिटेशन यानी ध्‍यान स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने बहुत प्राचीन विधि है। नियमित इसका अभ्‍यास करने के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं। यह बहुत ही आसान तकनीक है। यह आपके मस्तिष्क को शांत और स्थिर रखने में मदद करती है। इसके लिए आपको सिर्फ अपनी आंखें बंद करके बैठना है, और धीरे-धीरे गहरा आराम अनुभव होगा। शुरुआत में थोड़ी समस्‍या होगी, यानी ध्‍यान केंद्रित करने में आप असफल रहेंगे लेकिन बाद में आप अपने मन पर काबू कर लेंगे।

ध्यान हमें सिर्फ मानसिक शांति नहीं प्रदान करता बल्कि इससे इससे एलर्जी, उत्तेजना, अस्थमा, कैंसर, थकान, हृदय संबंधी बीमारियों, उच्‍च रक्‍तचाप, अनिद्रा आदि में आराम मिलता है। कई मनोवैज्ञानिक बीमारियों से भी राहत दिलाने में मेडिटेशन बहुत महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रार्थना क्‍या है

प्रार्थना के जरिये हम अपने अनुभवों को बांटते हैं। यह हमारे आंतरिक परिवर्तनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि प्रार्थना हमारे महत्वपूर्ण वैयक्तिक बदलाव का बुनियादी केंद्र होती है। जब हम प्रार्थना करते हैं तो यह स्वीकारते हैं कि कोई तो है, जो हम सबको अस्तित्‍व में रखे हुए है।

जब हम प्रार्थना करते हैं तो अपने अहम को दूर करते हैं। इससे हमारे मन से कलुषित विचार दूर होते चले जाते हैं। प्रार्थनाएं हीलिंग टच का काम करती हैं। ये हमें बल देती हैं, संबल देती हैं, इनसे ऊर्जा मिलती है। हमारे शरीर को डिटॉक्सीफिकेशन करती हैं। प्रार्थना से हमारा शरीर स्वस्थ, पवित्र, आनंदित और तरोताजा हो जाता है।

Prayer and Meditation in Hindi
मेडिटेशन और प्रार्थना के फायदे

  • इन दोनों प्रक्रियाओं से मन को शांति मिलती है और जीवन में संतुलन बनाने में आसानी होती है।
  • इससे हमारे मन यानी आत्म जागरूकता बढ़ती है, यह हमें ध्‍यान को केंद्रित करना सिखाती हैं।
  • सामान्‍य जीवन यापन के लिए सकारात्‍मक होना बहुत जरूरी है, इनसे नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में मदद मिलती है।
  • इनसे मानसिक क्षमता बढ़ती है और शरीर के साथ दिमाग को आराम मिलता है।
  • तनाव और अवसाद दूर करने के लिए मेडिटेशन की शरण में जायें।
  • निर्णय लेने की क्षमता को ये बेहतर बनाती हैं, ये खुद पर नियंत्रण रखना सिखाती हैं।


मेडिटेशन और प्रार्थना दोनों के लिए सुबह का वक्‍त बेहतर है, लेकिन प्रार्थना तो कभी भी की जा सकती है। मेडिटेशन के लिए सुबह का वक्‍त बेहतर है।

image source - getty

 

Read More Articles on Meditation in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES53 Votes 6068 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर