जानें क्‍या है निकोटीन का प्रतिकार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 23, 2016
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Quick Bites

  • निकोटिन का त्याग करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
  • निकोटिन त्यागने के लिए डाक्टर से संपर्क करें।
  • निकोटिन त्यागने के दौरान तनाव महसूस होता है।
  • निकोटिन त्यागने के लिए निकोटिन गम बेहतर विकल्प है।

निकोटिन तम्बाकू में पाया जाने वाला ड्रग है। निकोटिन के जरिये ही हमें धूम्रपान की लत लगती है। यही नहीं निकोटिन का गहरा असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। असल में निकोटिन के कारण हमारा मूड बूस्ट अप होता है, तनाव कम होने लगता है, आवेग या चिड़चिड़ापन में कमी आती है। इतना ही नहीं निकोटिन के कारण एकाग्र क्षमता बढ़ती है। लेकिन निकोटिन हमारे शार्ट टर्म मेमोरी के लिए भी जिम्मेदार है। निकोटिन की खूबियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। निकोटिन हमें अच्छे स्वास्थ्य का एहसास कराता है और हमारे खाने पीने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। वास्तव में निकोटिन शराब की ही तरह हमारे जीवन को प्रभावित करता है। इसकी मोर्फिन और कोकेन से भी की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निकोटिन में 70 फीसदी कैंसर पैदा करने वाले रसायन पाए जाते हैं। ये रसाय धूम्रपान से जुड़ी बीमारियां पैदा करते हैं मसलन लंग कैंसर, हृदय कैंसर, स्ट्रोक आदि। निकोटिन की इतनी अवगुणों के कारण ही तमाम ऐसे लोग हैं जो हर वर्ष निकोटिन छोड़ने के प्रति अग्रसर होते हैं। सेंटर्स फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक तकरीबन 69 फीसदी धूम्रपान के आदि लोग निकोटिन पूरी तरह छोड़ देना चाहते हैं।

लेकिन निकोटिन का त्याग करना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि यह असंभव की तरह है। असल में जब कोई निकोटिन की लत का शिकार इसे त्यागना चाहता है तो शारीरिक उतार चढ़ाव के साथ साथ मानसिक कमजोरी का भी एहसास होने लगता है। यही कारण है कि निकोटिन को पूरी तरह त्यागना आसान नहीं होता।

निकोटिन त्यागने के लक्षण

निकोटिन के आदि लोग यदि इसे छोड़ने की चाह प्रकट भी करते हैं तो उन्हें कई किस्म की समस्याओं से होकर गुजरना पड़ता है। ये हैं- निकोटिन की जबरदस्त चाह या  कहें लालसा होना, हाथ पांव का कांपना, पसीना आना, जी मचलना, आंतों में दर्द होना, लगातार सिर दर्द बना रहना, गले में इंफेक्श होना, अनिद्रा की समस्या होना, डर लगना, एकाग्र क्षमता प्रभावित होना, डिप्रेशन होना, असंवेदनशीलता का बढ़ना, वजन बढ़ जाना आदि।

निकोटिन त्यागने के शुरुआती दो दिनों में इसके लक्षण अपने तीव्र स्तर पर होते हैं। ये शुरुआती दो दिन निकोटिन छोड़ने की चाह रखने वाले लोगों के लिए बेहद कष्टकर होते हैं। ऐसा नहीं है कि महज दो दिनों बाद ही ये लक्षण समाप्त होने लगते हैं। ऐसा तकरीबन दो हफ्तों तक लगातार हो सकता है। यहां तक कि जो लोग निकोटिन की लत का भयानक तरीके से शिकार हैं, उनके साथ तो ऐसा कई महीनों तक हो सकता है।

निकोटिन कैसे त्यागें

यदि आप दृढ़ संकल्प कर लिया है। यदि आपके कई वायदे और कई कस्में पुख्ता रूप में खाएं हैं तो इसे अमलीजामा पहनाने के लिए डाक्टर से संपर्क करें। डाक्टर आपको आपकी जरूरत अनुसार सही दवा देंगे, साथ ही आपके खानपान और जीवनशैली में भी कुछ बदलाव की सलाह दे सकते हैं। निकोटिन से मुक्ति पाने के लिए इसके कई विकल्प मौजूद हैं। मसलन निकोटिन गम, नैजेल स्प्रे या इनहेलर आदि। इसके अलावा जब शुरुआती स्तर पर निकोटिन छोड़ने की कोशिश की जाती है तो हो सकता कुछ त्वचा सम्बंधी समस्याएं देखने को मिलें। ऐसे में डाक्टर स्किन पैचेस की दवा दे सकता है निकोटिन रिप्लेसमेंट के लिए दवाएं भी लिख सकता है। यदि आप निकोटिन छोड़ने की भरसक कोशिश कर रहे हैं तो उनसे संपर्क करें जो आप जैसे हैं। ग्रुप में बड़े से बड़े काम भी आसानी से सुलझ जाते हैं।

निकोटिन छोड़ने के साथ समस्याएं

हालांकि निकोटिन छोड़ना आसान नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि निकोटिन छोड़ने से आपकी जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। हो सकता है जब आप निकोटिन छोड़ते समय आपको कुछ शारीरिक बदलाव देखने को मिलें। साथ ही भयंकर तरीके से मूड स्विंग हो। कुछ लोगों का वजन तक बढ़ जाता। लेकिन ऐसे में जरूरी है कि विशेषज्ञों से संपर्क करें। वे आपके अपने वजन को नियंत्रित करने का सही उपचार बता सकते हैं। हद तो तब होती है जब लोगों को
निकोटिन छोड़ने के कारण मानकिस रूप से प्रभावित होना पड़ता है। निकोटिन छोड़ने के दौरान मेंटल हेल्थ इश्यू भी देखने को मिलते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आती है। इससे मरीज को डिप्रेशन हो सकते। वह निकोटिन की ओर बढ़ सकता है। लेकिन डिप्रेशन का इलाज मौजूद है। अतः डिप्रेशन या मानसिक बीमारी होने की स्थिति में भी निकोटिन का सहारा न लें। डाक्टर से सीधे संपर्क करें। अपने चाहने वालों की मदद भी लें।

दूरगामी नजरिया

धूम्रपान त्यागने का निकोटिन छोड़ना ही सबसे बड़ी चुनौती है। कई लोग निकोटिन का त्याग एक बार नहीं बल्कि बार बार करते हैं। बावजूद इसके वे ऐसा करने में असफल हो जाते हैं। लेकिन याद रखें कि जितनी आप कोशिश करेंगे, उतनी ही सफलता आपके हाथ लगेगी। हालांकि बदकिस्मती से कई बार ऐसी स्थितियां सामने आती हैं जिनकी काट करना मुश्किल है।

मसलन यदि आप धूम्रपान छोड़ने के लिए दृढ़ संकल्प कर चुके हैं। लेकिन फिर भी कुछ अवरोध आपके सामने आ खड़े होते हैं। जैसे कि आपके इर्द गिर्द धूम्रपान करने वालों का जमावड़ा। ऐसे में आप भी धूम्रपान करने के प्रति लालायित होने लगते हैं। अकेले रहते हुए धूम्रपान की ओर बढ़ना, तनाव महसूस करना, बार बार काफी या चाय पीना, शराब पीना, बोरियत महसूस करना। ये सब धूम्रपान की ओर खींचने वाले तत्व हैं।

 

Image Source-Gettty

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