सबसे शक्तिशाली एंटी-ऑक्‍सीडेंट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 28, 2014
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Quick Bites

  • शरीर में कुदरती रूप से इसका निर्माण होता रहता है।
  • यह प्रदूषण, संक्रमण और तनाव से प्रभावित होता है।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार।
  • सल्फर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें।

हम सबने एंटी-ऑक्सीडेंट्स के बारे में सुना है। लेकिन, क्या आप सबसे बड़े एंटी-ऑक्सीडेंट के बारे में जानते हैं। ऐसा एंटी-ऑक्सीडेंट जो कैंसर, दिल की बीमारियों, एजिंग, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों से बचाता है। इस अकेले एंटी-ऑक्सीडेंट के बारे में गहरा शोध किया गया है, लेकिन अध‍िकांश लोग अब भी इसके बारे में नहीं जानते। डॉक्टरों को भी नहीं पता कि इसकी कमी से होने वाली महामारी को किस तरह काबू किया जाए। इसके इसी गुण के कारण आप इसे एंटी-ऑक्सीडेंट का बाप भी कहा सकते हैं।

बेशक हम बात कर रहे हैं ग्लूटाथाईऑन (Glutathione) की। शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में इसकी महती भूमिका होती है। और स्वस्थ जीवन जीने के लिए इन दोनों चीजों का सही होना जरूरी है। हालांकि शरीर अपने लिए स्वयं इस एंटी-ऑक्सीडेंट्स का निर्माण करता है, लेकिन भोजन का खराब स्तर, प्रदूषण, विषैला वातावरण, तनाव, संक्रमण और रेडिएशन के कारण शरीर में ग्लूटाथाईऑन की मात्रा घट जाती है।

glutathione in hindi

क्या होता है ग्लूटाथाईऑन

ग्लूथाईऑन एक साधारण तत्व है। शरीर में हर समय कुदरती रूप से इसका निर्माण होता रहता है। यह प्रोटीन या एमीनो एसिड के तीन हिस्सों, साइटेइन, ग्लाइसिन और ग्लूटामिन से मिलकर बनता है।

ग्लूथाईऑन की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें सल्फर रसायन के हिस्से मौजूद होते हैं, जो फ्री-रेडिक्ल्स और पारे तथा अन्य विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं। आज के दौर में जब वातावरण में भारी धातुओं के अंश काफी अध‍िक मात्रा में मौजूद हैं, ऐसे में इनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

 

कहां से मिलता है ग्लूथाईऑन

हमारे शरीर में ग्लूथाईऑन का निर्माण होता है। लेकिन आज के इस कड़े और चुनौतीपूर्ण वातावरण में यह काफी नहीं होता। ऐसे में आपके लिए कुछ जरूरी खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी होता है, जिनमें ग्लूथाईऑन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों ताकि शरीर इसका अधिक इस्तेमाल कर सके।

ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, गोभी, फूलगोभी, अवाकाडो, आड़ू, तरबूज, दालचीनी, इलायची, हल्दी, टमाटर, मटर, लहसुन, प्याज, लाल मिर्च में ग्लूथाईऑन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है।

ये सभी सेहतमंद आहार हैं। लेकिन हम अकसर पर्याप्त मात्रा में इनका सेवन नहीं करते। हमारे खानपान के साथ यह एक बड़ी समस्या है। हम सभी काफी मात्रा में जंक फूड, मीट, डेयरी उत्पादों और प्रसंस्कृत भोजन का उपयोग करते हैं। जबकि वैज्ञानिक शोध में यह साबित हो चुका है कि ये सभी उत्पाद हृदय रोग और बीमारियों का एक अहम कारण होते हैं। तो, बीमारियों से बचने की कुंजी इसी में समायी है कि हम इन उत्पादों का सेवन कम करें और ताजा खाद्य पदार्थों को अपनायें। इससे हमारे शरीर को इन उत्पादों को पचाने के लिए अध‍िक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।

इसके साथ ही आपको अध‍िक व्यायाम भी करना चाहिये। जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो ग्लूथाईऑन की उत्पादकता बढ़ जाती है। सही प्रक्रिया से सांस लेना और पसीना आना भी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

 

ग्लूथाईऑन गंभीर बीमारियों से करे रक्षा

ग्लूथाईऑन की पुन:चक्रीय यानी रिसाइकल एंटी-ऑक्सीडेंट खूबी इसे इतना महत्वपूर्ण और ताकतवर बनाती है। जब हमारा शरीर एंटी-ऑक्सीडेंट्स का सामना करता है, तो वह उसे एक अणु से दूसरे अणु में प्रवाहित करता रहता है। वह विटामिन सी से विटामिन ई और विटामिन ई से लिपोइक एसिड से ग्लूथाईऑन तक पहुंचाता है। यहां पहुंचकर यह प्रक्रिया रुक जाती है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स इस स्तर पर पहुंचकर रिसाइकल हो जाते हैं और शरीर अब दोबारा ग्लूथाईऑन की शुरुआत कर सकता है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो जाती है।

Woman eats broccoli in hindi

ग्लूथाईऑन बढ़ाये रोग प्रतिरोधक क्षमता

ग्लूथाईऑन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर करने का वाहक बन हमें कई संभावित बीमारियों के खतरे से बचाता है। विषैले पदार्थ ग्लूथाईऑन से चिपक जाते हैं और फिर ये शौच के जरिये शरीर से बाहर निकल जाते हैं। ग्लूथाईऑन इतना शक्तिशाली है कि एड्स के इलाज में भी मदद कर सकता है। शरीर ऑक्सीडेंट्स और टॉक्सिन से संपर्क में रहता है। हम जितनी कामयाबी से इनका सामना करते हैं, उतना ही हम बीमारियों से दूर रहते हैं। इसलिए ग्लूथाईऑन इतना महत्त्वपूर्ण है।

कैसे बढ़ायें ग्लूथाईऑन का स्तर

1. सल्फर युक्त पदार्थों का सेवन करें
ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें सल्फर की मात्रा अधिक हो। लहसुन, प्याज, ब्रोकली, कोलार्ड, फूलगोभी, गोभी, जलखुभी आदि में सल्फर प्रचुर मात्रा मं होता है।

 

2. बायोएक्टिव और वे प्रोटीन
ग्लूथाईऑन को बढ़ाने में इनकी अहम भूमिका होती है। डेयरी उत्पादों में मौजूद वे प्रोटीन बायोएक्टिव होने चाहिये और इनका निर्माण गैर-विकृत प्रोटीन से हुआ होना चाहिये। आपको शुद्ध और गैर-मिलावटी दूध का सेवन करना चाहिये जिसमें किसी तरह के कीटनाशक, हार्मोंस और एंटी-बायोटिक्स न हों।


3. व्यायाम करें
व्यायाम करने से ग्लूथाईऑन का स्तर बढ़ जाता है। और इससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता को विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने और अपना एंटी-ऑक्सीडेंट्स निर्मित करने में मदद मिलती है। धीरे-धीरे शुरुआत करें और रोजाना करीब 30 मिनट तक एरोबिक्स एक्सरसाइज करें। इसके लिए आपको कड़ा व्यायाम करने की जरूरत नहीं। पैदल चलना, जॉगिंग और कुछ खेल खेलने ही काफी रहेंगे। इसके अलावा हफ्ते में तीन बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

कुछ लोग सोचते होंगे कि ग्लूथाईऑन की गोली खाना ज्यादा आसान तरीका है। लेकिन शरीर प्रोटीन को पचा लेता है, इसलिए गोली खाने से आपको इसका कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। इसके अलावा शरीर में ग्लूथाईऑन के निर्माण और रिसाइकल के लिए शरीर को कई अलग-अलग पोषक तत्त्वों की जरूरत पड़ती है। मल्टीविटामिन और मछली के तेल का सेवन करने के साथ-साथ, आप कुछ सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं, जिससे आपकी सेहत बनी रहेगी।

glutathione antioxidant in hindi

4. एन-एक्ट‍िल-साइसटिन (N-acetyl-cysteine)
वर्षों से अस्‍थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है। इसके साथ ही थायलेनॉल के ओवरडोज से लिवर के फेल होने की जानलेवा बीमारी के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

5. अल्फा लिपोइक एसिड (Alpha lipoic acid)
यह ग्लूथाइऑन के सबसे निकट है। यह हमारी कोश‍िकाओं को ऊर्जा देने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने, मस्तिष्क स्वास्थ्य और डिटॉक्सिफिकेशन के लिए महत्त्वपूर्ण होता है। आमतौर पर शरीर इसका निर्माण करता है, लेकिन आजकल के तनाव भरे माहौल में यह कम हो जाता है।

6. मेथ‍िलेशन न्यूट्रीएंट्स (Methylation nutrients)
फोलेट और विटामिन बी6 और बी12 शरीर में ग्लूथाईऑन के निर्माण को जारी रखने में ये सबसे महत्त्वपूर्ण होते हैं। मेथ‍िलेशन और ग्लूथाईऑन का रिसाइकल होना शरीर दो सबसे महत्त्वपूर्ण बायोकेमिकल प्रक्रियाओं में शामिल है। इसका स्तर बनाये रखने के लिए आपको फोलेट, विटामिन बी6 और विटामिन बी12 का सेवन करना चाहिये।

7. सेलेनियम (Selenium)
यह खनिज लवण शरीर को ग्लूथाईऑन के अध‍िक निर्माण और रिसाइकल को प्रेरित करता है।

8. विटामिन ई और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स का संयोजन ग्लूथाईऑन के रिसाइकल में काफी मदद करते हैं।

9. मिल्क थीस्ल का लंबे समय से लिवर की बीमारियों और ग्लूथाईऑन के स्तर को बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है।


Image Courtesy : Getty Images

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