क्‍या है ग्‍लूकोमा या काला मोतिया

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 07, 2012
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Quick Bites

  • पारिवारिक इतिहास होने पर ग्‍लूकोमा होने का खतरा होता है अधिक।
  • 40 वर्ष की उम्र के बाद यह बीमारी होने की आशंका ज्‍यादा होती है।
  • पूरे दिन काम करने के बाद शाम को आंखों व सिर में दर्द है लक्षण।
  • बल्‍ब के चारों ओर इंद्रधनुष दिखना ग्‍लूकोमा ही निशानी हो सकता है।

ग्लूकोमा को आम भाषा में काला मोतिया भी कहा जाता है। हमारी आंख एक गुब्बारे की तरह होती है जिसके भीतर एक तरल पदार्थ भरा होता है। आंखों का यह तरल पदार्थ लगातार आंखों  के अंदर बनता रहता है और बाहर निकलता रहता है। आंखों के इस तरल पदार्थ के पैदा होने और बाहर निकलने की इस प्रक्रिया में जब कभी दिक्‍कत आती है तो आंखों में दबाव बढ जाता है।

 

आंखों में कुछ ऑप्टिक नर्व भी होती हैं जिनकी मदद से किसी वस्तु के बारे में संकेत दिमाग को मिलता है। आंखों पर बढा दबाव इन ऑप्टिक नर्व को डैमेज करने लगता है और आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। अगर इसके शुरूआती लक्षणों का पता न चले तो आदमी अंधा हो सकता है।

glaucoma

ग्लूकोमा दो प्रकार के होते हैं

 

ओपेन एंगल ग्लूककोमा

जब कभी आंखों के बढ़े प्रेशर के चलते आंख की ऑप्टिक नर्व खराब हो जाती है और उसके चलते नजर खराब होती है तो उसे ओपन ऐंगल ग्लूकोमा कहा जाता है। इसमें धीरे-धीरे नजर कमजोर होती जाती है। इसमें तरल पदार्थ को सूखाने वाली कनैल ब्लॉक हो जाती है जिससे आंखों का प्रेशर बढ़ जाता है।

 

क्लोज एंगल ग्लूलकोमा

इस प्रकार के ग्लूकोमा में एक्वस ह्यूमर (एक प्रकार का तरल पदार्थ जो आंखों को पोषण देता है) का प्रवाह एकदम से रुक जाता है। तेज सिरदर्द, दिखाई देना बंद होना, आंखें लाल होना, उल्टी और चक्कर आना, धुंधलापन आने की शिकायत होती है। यदि इस समय लापरवाही बरती जाए तो एंगल्स पूरी तरह से बंद हो जाते हैं।

 

ग्लूकोमा के लक्षण


ओपेन एंगल ग्लूककोमा का कोई लक्षण नहीं होता है, इसमें दर्द नहीं होता और न ही नजर में कोई कमी महसूस होती है। ग्लूकोमा के कुछ लक्षण ये हो सकते हैं :

  • चश्मे के नंबर में बार-बार बदलाव।
  • पूरे दिन के काम के बाद शाम को आंख में या सिर में दर्द होना।
  • बल्ब के चारों तरफ इंद्रधनुषी रंग दिखाई देना।
  • अंधेरे कमरे में आने पर चीजों पर फोकस करने में परेशानी होना।
  • साइड विजन को नुकसान होना और बाकी विजन नॉर्मल बनी रहती हैं।


Glaucoma

किसे हो सकता है ग्लूकोमा

  • अगर परिवार में किसी को ग्लूकोमा रहा है तो बच्चे को ग्लूकोमा होने के की ज्यादा संभावना होती है। यह एक आनुवांशिक बीमारी है।
  • 40 साल की उम्र के बाद ग्लूकोमा होने की आशंका ज्यादा होती है। 40 साली की उम्र के बाद आंखों का रेग्युलर चेकअप कराते रहें। हो सकता है इस उम्र के लोगों को लगे कि उनकी नजर मोतियाबिंद की वजह से कमजोर हो रही है लेकिन हो सकता है कि नजर की कमजोरी ग्लूकोमा की वजह से हो।
  • जो लोग अस्थमा या आर्थराइटिस जैसे रोगों के लिए काफी लंबे समय तक स्टेरॉयड ले रहे हैं उन्हें ग्लूकोमा होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • कभी आंख का कोई जख्म हुआ हो या कोई सर्जरी हुई हो तो भी ग्लूकोमा होने की आशंका बढ़ती है। 
  • जिन लोगों को मायोपिया, डायबिटीज है या ब्लडप्रेशर घटता-बढ़ता रहता है उनमें दूसरे लोगों के मुकाबले ग्लूकोमा से होने वाला नुकसान ज्यादा हो सकता है। 
  • ग्लूकोमा बच्चों में भी हो सकता है।


एक बार ग्लूकोमा का पता चल जाने पर अगर आप सही समय पर इलाज करते हैं तो इसके बुरे परिणाम से बच सकते हैं। आपको अपने खाने-पीने की आदतें भी बदलनी होगी।

 

 

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