कवक संबंधी सूक्ष्मजीवों और रोगजनकों की वजह से होता है फेस फंगस

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 03, 2013
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Quick Bites

  • खोपड़ी, जबड़े, ऊपरी होंठ और दाढ़ी के क्षेत्र (पुरुषों में) को प्रभावित करता है फेस फंगस।
  • आमतौर पर इसके लक्षण गंभीर नहीं होते, लेकिन काफी दिक्‍कत पैदा कर सकते हैं।
  • स्केलिंग, चेहरे पर लालिमा, पुस्तुलेस आदि लक्षण शामिल है फेस फंगस में।
  • फेस फंगस से प्रभावित लोगों को अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

फेस फंगसफेस फंगस एक आम समस्या है। यह कवक (फंगस) संक्रमण के कारण होती है, और यह संक्रमण कवक संबंधी सूक्ष्मजीवों और रोगजनकों की वजह से होता है। सामान्यतः यह संक्रमण खोपड़ी, जबड़े, ऊपरी होंठ और दाढ़ी के क्षेत्र (पुरुषों में) को प्रभावित करता है।


फेस फंगस के कई लक्षण होते हैं। दवाओं के जरिये इसका इलाज किया जा सकता है। हालांकि आमतौर पर इसके लक्षण गंभीर नहीं होते, लेकिन फिर भी ये काफी दिक्‍कत पैदा कर सकते हैं।
 

फेस फंगस संबंधी संक्रमण के बढ़ने के विभिन्न जोखिम कारक (लक्षणों को गंभीर बनाने वाले कारण) हैं। पालतू जानवरों से भी फेस फंगस का संक्रमण हो सकता है। पशुओं से कई तरह के फंगस पूरे विश्व में फैले हैं। स्वाइन फ्लू और प्लेग इसके मशहूर उदाहरण हैं। फेस फंगस के जीवाणु भी जानवरों के माध्यम से फैलते हैं। अगर आप अपने पॅट के अधिक करीब रहते हैं, तो आपको इस तरह का संक्रमण होने की आशंका अधिक होती है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तुलना में कवक के होने की अधिक संभावना होती है। ऐसा इस लिए होता है क्योंकि कवक मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवरों के साथ संपर्क के माध्यम से फैलता है, और शहरी क्षेत्रों में लोगों में निकटता होने और एक दूसरे से संपर्क में आने की अधिक संभावना होती है।

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फेस फंगस के लक्षणों के तौर पर स्केलिंग, चेहरे पर लालिमा पुस्तुलेस आदि हो सकते हैं। पुस्तुलेस त्वचा के उन भागों को कहते हैं जो लाल पड़ने के साथ थोड़े उभर आते हैं और जलन पैदा करते हैं। कभी-कभी पुस्तुलेस में मुहासों की तरह पस भी पड़ जाता है। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच करनी चाहिये कि कहीं चेहरे पर होने वाली जलन फेस फंगस तो नहीं है। साथ ही फेस फंगस के लक्षणों से प्रभावित लोगों को अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

 

 

फेस फंगस के मुख्य लक्षण

  • दाद का होना। दाद चहरे पर होने वाला एक सामान्य कवक संक्रमण है जो लालिमा और परतदार पैच के लक्षणों के साथ प्रकट होता है।
  • कवक संक्रमण के कारण त्वचा पर जलन होती है। ज्यादातर यह गर्दन, थोडी और जबडे के आस-पास होती है।  
  • स्केलिंग फेस फंगस के साथ एक आम लक्षण है। यह गालों, नाक, आंखों के चारों तरफ तथा माथे व ठोढ़ी पर होती है।
  • संक्रमित क्षेत्र में अक्सर जलन के साथ-साथ खुजली हो जाती है। यह खुजली सूरज की रोशनी पड़ने पर और तेज हो सकती है।
  • कवक संक्रमण होने पर चेहरे की त्वचा के कुछ भाग लाल पड़ने के साथ थोड़े उभर आते हैं।

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आमतौर पर फेस फंगस का उपचार एक एन्टी फंगल (कवक विरोधी) क्रीम या जैल की सहायता से किया जा सकता है। डॉक्टर इस संक्रमण के मिलने पर इन एन्टी फंगल जैल या क्रीम का इस्तेमाल करने को कहता है। कुछ मामलों में कोई फेस फंगस को इलाज बिना किसी प्रयोगशाला परिक्षण, लक्षणों के आधार पर किया जाता है।


अधिकांश लोगों में फेस फंगस गंभीर समस्या नहीं बनता है। इसमें खुजली व जलन होती है जो बहुत परेशान कर सकती है। फेस फंगस का कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें और उपचार कराएं।

 

 

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