एक्जिमा क्या है और इसके क्या कारण हैं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 26, 2013
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Quick Bites

  • सुगंधित साबुन तेल आदि के संपर्क में आने से हो सकता है एक्जिमा।
  • डिटर्जेंट के कारण भी हो सकता है त्‍वचा को यह समस्‍या।
  • घर की साफ सफाई में इस्‍तेमाल होने वाले पदार्थ भी हो सकते हैं एलर्जी की वजह।
  • सावधानियां बरतकर इस बीमारी को रखा जा सकता है दूर

 

त्‍वचा को कई प्रकार के संक्रमणों का सामना करना पड़ता है। एक्जिमा उसमें से एक है। एक्जिमा कई प्रकार का होता है। किसी व्‍यक्ति को किसी चीज से एलर्जी हो, तो उसे उससे एक्जिमा हो सकता है और संभव है कि दूसरे किसी व्‍यक्ति पर उस चीज का कोई प्रभाव न पड़े।

what is eczemaएक्जिमा त्‍वचा में होने वाली सामान्‍य अनियमितता है। एक्जिमा शब्‍द की उत्‍पत्ति ग्रीक शब्‍द से हुई है जिसका अर्थ होता है 'उबल जाना'। पिछले कुछ दशकों में एक्जिमा के मामलों में तेजी आई है। हालांकि इसके कारण अभी तक ज्ञात नहीं हैं।

 

एक्जिमा के कारण

 


एक्‍जिमा के कई कारणों में से एक यह भी हो सकता है कि आजकल लोग एलर्जी पहुंचाने वाले तत्‍वों (कुछ प्रोटीन पदार्थ जिनसे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है) के संपर्क में अधिक आने लगे हैं। साथ ही घर में धूल और ऑफिस में अन्‍य कैमिकल उत्‍पादों के कारण भी ऐसा देखा जा रहा है।

इतना ही नहीं पिछले कुछ दशकों में पर्यावरण और वातावरण में आए बदलावों के कारण भी कुछ लोगों को एक्जिमा की शिकायत होने लगी है। घरों में सफाई के लिए प्रयोग होने वाले पदार्थों का अधिक इस्‍तेमाल, घोल, डिटर्जेंट, तेल और अन्‍य सामान, जो त्‍वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं, आदि भी एक्जिमा का संभावित कारण हो सकते हैं।

एक्जिमा के सामान्‍य प्रकार और कारण

  • कॉन्‍टेक्‍ट एक्जिमा
  • एटोपिक एक्जिमा
  • डिस्‍काइड एक्जिमा
  • सेबोरहोइक (Seborrhoeic) एक्जिमा

 

 

एटॉपिक एक्जिमा (एटॉपिक डर्माटाईटिस)

एक्जिमा का यह प्रकार निरंतर आता और जाता रहता है, और ये आमतौर पर उन लोगों को होता है जिनमें एलर्जी के लिए एक आनुवंशिक (विरासत) प्रवृत्ति है। लगभग 70% मामलों में, व्यक्ति (या किसी परिवार के सदस्य) को एलर्जिक अस्थमा है, फीवर या भोजन सम्बंधित एलर्जी होती है। एटॉपिक एक्जिमा जीवन के प्रारंभिक दिनों में, आम तौर पर 2 महीने से 18 महीने के बीच की आयु के शिशुओं, में उभरता है। शिशुओं में, एटॉपिक एक्जिमा मुख्यतः चेहरे, गर्दन, कान और धड़ को प्रभावित करता है। यह पैरों के शीर्ष या कोहनियों के आगे भी दिखाई देता है। बड़े बच्चों, किशोरों और वयस्कों में एटॉपिक एक्जिमा, आमतौर पर कोहनी के अंदर वाले मोड़ की शिकन, इसके साथ साथ घुटने, टखने या कलाई के जोड़ों, हाथों, और ऊपरी पलकों में भी उत्पन्न हो सकता है।

 

कॉन्टेक्ट एक्जिमा

जब संक्रमण के कारक त्वचा को स्पर्श करते हैं तो, वे दो प्रकार के कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस उत्पन्न कर सकते हैं। इसमें एक इरिटेंट कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस, जो त्वचा का संक्रमण है। इरिटेंट कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस विभिन्न हानिकारक कणों जैसे डिटर्जेंट, कठोर साबुन, पसीना, लार, या मूत्र के साथ लंबे समय तक संपर्क की वजह से हो सकता है।

कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस का दूसरा प्रकार एलर्जिक कॉन्टेक्ट एक्जिमा है, जो त्वचा में एक एलर्जिक प्रतिक्रिया है। यह उन लोगों में होता है जिन्हें एक विशिष्ट पदार्थ के प्रति एलर्जी है। संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रति वर्ष किसी भी प्रकार की त्वचा एलर्जी 70% लोगों को प्रभावित करती है। सबसे आम एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ हैं आइवी जहर, ओक जहर और स्मैक जहर। त्वचा एलर्जी का कारण बनने वाले अन्य पदार्थों में घर और कार्यालयों की कुछ प्रकार की निर्माण सामग्री, सफाई करने वाले उत्पाद, डियोडरेंट, सौंदर्य प्रसाधन और दवायें शामिल हैं।

इअरलोब का डर्माटाईटिस निकल युक्त बालियों से होने वाली एक एलर्जी की वजह से हो सकता है। सुगंधित पदार्थों, त्वचा क्रीम और लोशन, शैंपू और जूतों या कपड़ों में पाए जाने वाले रसायन भी एलर्जिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दे सकते हैं।

 


न्युमुलर एक्जिमा (डिस्‍काइड एक्जिमा)

यह एक्जिमा, विशेष रूप से टांगों, बाजूओं, या छाती पर सिक्के के आकार के संक्रमित त्वचा स्थल पैदा करता है। यह आमतौर पर वयस्कों में होता है। यह एटॉपिक एक्जिमा से संबंधित हो सकता है और कुछ दुर्लभ मामलों में एलर्जिक कॉन्टेक्ट डर्माटाईटिस से भी सम्बंधित हो सकता है, कुछ मामलों में ये एथलीटस फुट नामक, एक कवक संक्रमण की एलर्जिक प्रतिक्रिया से भी सम्बंधित होता है। इस मामले में, न्युमुलर एक्जिमा अभी भी विशिष्ट रूप से हाथों, पैरों, या छाती पर ही दिखाई देता है, चाहे कवक संक्रमण शरीर के किसी भी भाग पर हो।

 

सेबोरहोइक एक्जिमा

इस प्रकार का एक्जिमा नवजात शिशु के नैपी एरिया और क्राडल कैप में हो सकता है। वहीं व्‍यस्‍कों में यह स्‍कैल्‍प में नजर आ सकता है। साथ ही नाक और मुंह के कोनों के बीच नजर आ सकता है। यह त्‍वचा में मौजूद कीटाणुओं की अधिक सक्रियता के कारण हो सकता है।

 

एक्जिमा के लक्षण

चाहे कोई भी कारण हो, लेकिन एक्जिमा के लक्षण आमतौर पर समान ही होते हैं। एक्जिमा के सामान्‍य लक्षण और संकेत इस प्रकार होते हैं-
त्‍वचा के प्रभावित हिस्‍सों पर खुजली और लालिमा
रूखी और परतदार त्‍वचा। और खुजली की गई त्‍वचा में त्‍वचा का मोटा होना।
त्‍वचा के प्रभावित हिस्‍से में गांठ अथवा छाले होना।


एक्जिमा का इलाज

सही इलाज से अधिकतर लोगों में इस बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन, गंभीर एक्जिमा को पूरी तरह से काबू कर पाना मुश्किल होता है। डॉक्‍टर के निर्देशों का पालन करने से काफी फायदेमंद होता है। हालांकि, एक्जिमा का कोई इलाज नहीं है। साथ ही ऐसे किसी तत्‍व का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे आपकी त्‍वचा को किसी प्रकार की संवेदनशीलता हो। स्किन केयर के कुछ खास उपाय आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।

  • त्‍वचा को उत्तेजित करने वाले पदार्थ जैसे, सुगंधित साबुन, कॉस्‍मेटिक, कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट के इस्‍तेमाल से बचें
  • त्‍वचा को माश्‍चराइज रखें
  • गर्मी और पसीने से बचें। तापमान और आर्द्रता में अचानक बदलाव और खुरचने से बचें।
  • ढीले-ढाले कपड़े पहनें और एक्जिमा को नियंत्रित करने के लिए सही और पूरा इलाज करें।
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टिप्पणियाँ
  • sudhir27 Nov 2013

    Bahut sahi bataya aapne. Hum to yahi maan kar baith jate thi ki koi keeda kaat gaya hai. Subha ka baasi thook laga lo. Warna kuchh dino main apne aap theek ho jayega. Zyada hua to nukkad ke haqim ji se dawa le aayenge. Lekin aapki yeh to jaankari hai yeh to bade kaam ki hai. Hume to pata hi nahi tha ki yeh koi bimari bhi ho sakti hai. Thank you

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