क्या हैं कान के कैंसर के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 21, 2013
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • कान का कैंसर अंदरूनी कैनाल को भी करता है प्रभावित।
  • इसके बढ़ने से कान में दर्द के साथ कम सुनाई देता है।
  • कान में संक्रमण हो जाता है और कान से द्रव निकलता है।
  • सामान्‍यतया इसकी समस्‍या 60 की उम्र के बाद होती है।

कान में कैंसर के मामले बहुत कम ही सुनने में आते हैं। कान का कैंसर नाक या सिर के कैंसर की तरह होते हैं जो त्वचा से होते हुए कानों तक पहुंच जाते हैं। इतना ही नहीं यह बाह्य कान के अलावा ईअर के अंदरूनी कैनाल को भी प्रभावित करता है।

जब कैंसर कान के हिस्सों तक पहुंचने लगता है तो कान में अत्यधिक दर्द होना शुरु हो जाता है। कान में ट्यूमर के विकास से सुनने की क्षमता पर काफी असर पड़ता है। इससे धीरे-धीरे रोगी को कम सुनाई देने लगता है। कान में कैंसर की समस्या अकसर वृद्धावस्था में शुरु होती है। साठ साल या इससे ज्यादा उम्र के वृद्धों में कान का कैंसर ज्यादा होता है।

Ear Cancer Symptoms in Hindi

कान में कैंसर के प्रकार

पहला क्लोस्टीटोमा दूरसा स्कावमस सेल सार्किनोमा। विशेषज्ञों का कहना है कि ये दोनों प्रकार के कैंसर कान के अंदर विकसित होते हैं और बाद में ये धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलने लगते हैं। कान में होने वाले कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन का सहारा लिया जाता है। इन उपचारों को अपनाने से पहले यह पता करना जरूरी है कि रोगी किस प्रकार के कान के कैंसर से ग्रसित है और इसका पता उसमें दिखने वाले लक्षणों से किया जाता है।

कान से द्रव्य का निकलना

कई बार मरीज को कान से पानी जैसा पदार्थ व ब्लड निकलने की शिकायत होती है। इसकी वजह से कान में संक्रमण व खुजली की समस्या शुरु हो जाती है। इन समस्याओं को गंभीरता से लें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

ईअरड्रम का क्षतिग्रस्त होना

इस मामले में कान से पीला व सफेद पदार्थ निकलता है। यह संकेत है कि मरीज का ईअरड्रम को नुकसान पहुंच रहा है। इसका मुख्य कारण है तेज ध्वनि, कान में बाह्य वस्तु का प्रयोग, इअर ट्रॉमा आदि।  

Cancer Symptoms in Hindi

कान में संक्रमण

कान में किसी तरह का संक्रमण कैंसर की तरफ इशारा करता है। इस समस्या को ठीक होने में एक महीने से भी ज्यादा का समय लग जाता है। यह गांठ की तरह होता है जो दिखने में गुलाबी रंग का होता है। अगर मरीज को अपने कान के आसपास इस तरह की समस्या दिखाई दे तो बिना देर किए डॉक्टर से संपंर्क करें।  

सुनाई देना बंद होना

अगर मरीज को पूरी तरह से सुनाई देना बंद हो गया है तो यह कान के कैंसर का लक्षण हो सकता है। इस तरह के मामलों में मरीज को अकसर सिर दर्द व चक्कर आने की शिकायत होती है। इसके अलावा मरीज के कानों का बजना, अलसर की शुरुआत व रक्त का निकलना जैसी समस्याएं भी देखी जाती हैं।

 

Image Sorce - Getty Images

Read More Articles On Cancer In Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES15 Votes 9502 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर