गर्भावस्‍था में त्‍वचा संवेदनशील हो जाती है इसलिए वैक्‍सिंग कराना है असुरक्षित

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 19, 2013
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Quick Bites

  • गर्भावस्‍था में वैक्सिंग करना काफी हद तक सुरक्षित नहीं है।
  • हार्मोन्‍स में बदलाव के कारण बाल काले और मोटे हो जाते हैं।
  • शरीर में सूजन के साथ त्‍वचा भी हो जाती है संवेदनशील।
  • वैक्सिंग के बाद उस हिस्‍से पर हो सकती है खुजली और जलन।

गर्भावस्‍था के दौरान वैक्सिंग करना काफी हद तक सुरक्षित नहीं है। लेकिन कुछ महिलायें अपनी सुंदरता बनाये रखने के लिए वैक्सिंग कराती हैं। हालांकि प्रेग्‍नेंट महिला को गर्भवती होने के बाद कई सलाह दी जाती हैं और इसमें एक सलाह यह भी होती है कि वे प्रेग्‍नेंसी में वैक्सिंग न करायें।

वैक्सिंग कराती गर्भवती महिलागर्भधारण के बाद महिला के शरीर में हार्मोंस परिवर्तन होता है। ये हार्मोन महिला के बालों पर भी असर करते हैं, इसके कारण बाल मोटे भी हो जाते हैं। इसके अलावा प्रेग्‍नेंसी में महिला का शरीर भी फूलता है और त्‍वचा ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। आइए हम आपको बताते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान वैक्सिंग सुरक्षित है या नही।


क्‍या है वैक्सिंग
शरीर से बाल हटाने के लिए वैक्सिंग विधि का सहारा लिया जाता है, यह बाल हटाने की एक विधि है।  इसमें मोम की सहायता से बालों को हटाया जाता है। इसमें बाल जड़ से उखाड़कर निकाल दिये जाते हैं।  इस विधि से बाल हटाने के बाद दो से तीन हफ्तों तक बाल दोबारा नहीं उगते। वैक्सिंग शरीर के किसी भी हिस्से पर की जा सकती है, जैसे - चेहरा, टांगें, बाहें आदि। वैक्स जिसमें कि बीजवैक्स (मधुमक्खियों के मोम) या पैराफिन का प्रयोग किया गया होता है।

इसे लगाने के बाद यह बालों से चिपक जाता है। इसे गर्म या ठंडा दोनों अवस्था में त्वचा पर पतले रूप में लगाया जाता है। उसके बाद कपडे़ या कागज की पट्टी को मोम पर रखा जाता है और मज़बूती से कुछ सेकेंड के लिये दबाया जाता है और फिर बालों के उगने की दिशा में एक झटके से हटा दिया जाता है। इससे लगाये गये मोम के साथ बाल भी जड़ से निकल जाते हैं। इस विधि में बहुत कम समय लगता है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है। इसे अगर समय-समय पर किया जाय तो बाल उगना कम हो जायेंगे।

वैक्सिंग सुरक्षित है या नही

गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोन्‍स में बदलाव के कारण बाल काले और मोटे हो जाते हैं। इसके अलावा सामान्‍य दिनों की तुलना में गर्भावस्‍था में बाल तेजी से बढ़ते हैं। हालांकि प्रसव के बाद बालों के बढ़ने की गति सामान्‍य हो जाती है। इन बढ़ते बालों से घबराकर महिलायें इनको हटाने के लिए वैक्सिंग कराती हैं। लेकिन प्रेग्‍नेंसी के दौरान सूजन और त्‍वचा की संवेदनशीलता बढ़ जाती है जिसके कारण वैक्सिंग नुकसानदेह हो सकती है।

गर्भावस्‍था में शोफ यानी इडीमा के कारण ऊतकों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है जिसके कारण सूजन होती है। इसके कारण चेहरे, घुटने, हाथ, पैर व टखने सूज जाते हैं और त्‍वचा ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। इस दौरान वैक्सिंग करने से मुहांसे निकल सकते हैं और इससे संक्रमण भी हो सकता है।

[इसे भी पढ़ें : गर्भावस्‍था के दौरान शोफ]


गर्भावस्‍था में ऐसे करें वैक्सिंग 

  • गर्भावस्‍था के दौरान त्‍वचा काफी संवेदनशील हो जाती है, इसलिए अनचाहे बालों को साफ करने से पहले सारी जानकारी इकट्ठा कर लीजिए।
  • शरीर के पूरे हिस्‍से पर एक साथ वैक्सिंग बिलकुल न करें, एक बार में किसी छोटे भाग पर ही इसे आजमायें।
  • वैक्सिंग के दौरान यदि उस हिस्‍से में खुजली, जलन या फिर दर्द होने लगे तो वैक्‍सिंग करना तुरंत ही बंद कर दें।
  • वैक्‍सिंग करने से पहले त्‍वचा पर पाऊडर लगाएं, पावडर लगाने से सूख जाएगी और वैक्‍सिंग में आसानी होगी।
  • वैक्‍सिंग स्‍ट्रिप निकालते वक्‍त अपनी स्‍किन को कस कर टाइट कर लीजिए ताकि त्‍वचा पर रैश के कारण कोई निशान ना पडे़।
  • वैक्सिंग के दौरान यदि त्‍वचा से खून निकले तो उस जगह पर बर्फ या ठंडा पानी प्रयोग कीजिए।
  • वैक्‍सिंग के बाद शरीर पर बॉडी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाएं। शरीर को साफ करने के लिए सूती कपडे़ का ही प्रयोग करें।



गर्भावस्‍था के दौरान वैक्सिंग कराने से बचना चाहिए, लेकिन अगर आपको लगे कि वैक्सिंग जरूरी है तो इसे विशेषज्ञ की देख-रेख में ही करें।

 

 

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