गर्भधारण के लिए चमत्कारी दवा है शतावरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 10, 2016
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Quick Bites

  • गर्भधारण की संभावना को बढ़ाती है।
  • हार्मोनल असंतुलन को संतुलित करें!
  • ओव्‍युलेशन में सुधार करने में मददगार।
  • शरीर में वाइट ब्लड सेल्स का उत्पादन बढ़ता है।

क्‍या आप गर्भधारण की इच्‍छा रखती हैं और इस इच्‍छा को पूरा करने के लिए बहुत से उपाय अपना-अपनाकर थक गई हैं? लेकिन फिर भी कोई फायदा नहीं हुआ तो परेशान न हों बल्कि बरसों पुराना तरीका अपनाकर देखें, जी हां शतावरी! शतावरी एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जिसका इस्‍तेमाल सदियों से इस समस्‍या के लिए किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार शतावरी का सेवन करने से पुरुष और महिला दोनों की फर्टिलिटी क्षमता बढ़ने के साथ-साथ कामेच्‍छा भी बढ़ती है। बस फिर क्या गर्भधारण की संभावना साथ ही बढ़ जाती है। चलिये जानते हैं कि शतावरी कैसे महिलाओं में फर्टिलिटी की संभावना को बढ़ाती है।

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हार्मोनल असंतुलन को संतुलित करें

कई महिलाएं प्रजनन क्षमता की उम्र के दौरान पॉलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम की अवस्‍था से गुजरती हैं, जिसके कारण उन्‍हें हार्मोनल अंसतुलन की समस्‍या होती है। शतावरी इन लक्षणों को कम करने, हार्मोनल को संतुलित करने और फर्टिलिटी की संभावना को बढ़ने के लिए जाना जाता है।


ओव्‍युलेशन में सुधार करें

शतावरी में पाये जाने वाले मुख्‍य घटकों में से एक घटक स्‍टेरायडल सैपोनीन (steroidal saponins) है। यह घटक एस्‍ट्रोजन को नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है। जिससे पीरियड नियमित होते हैं और कंसीव करने की संभावना बढ़ती है।



सर्वाइकल म्यूकस के सिक्रेशन को बेहतर बनाये

सर्वाइकल म्‍यूकस का सिक्रेशन कम होने के कारण भी गर्भाधारण में समस्‍या उत्‍पन्न होती है। सर्वाइकल म्‍यूकस गर्भाश्‍य ग्रीवा द्वारा स्रावित होता है और सर्वाइकल म्यूकस और स्‍पर्म महिलाओं के रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में जाकर अंडों के साथ मिलते है। शतावरी में म्यूसिलेज होता है यह म्यूसिलेज मेम्ब्रेन को सुरक्षित रखने में टॉनिक की तरह काम करता है।


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तनाव कम करें

क्‍या आप जानते हैं कि तनाव का असर आपकी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है। तनाव के कारण ओव्‍यूलेशन में समस्‍या और टिश्‍यू में सूजन या चोट के कारण प्रजनन प्रणाली पर असर पड़ता है, जिससे फैलोपिन ट्यूब ब्‍लॉक होने के साथ गर्भाशय फाइब्रॉएड और ओवरियन सिस्‍ट जैसी बहुत सी समस्‍याएं उत्‍पन्‍न हो जाती हैं। इन सब समस्‍याओं के चलते कंसीव करने में बाधा उत्‍पन्‍न होती है। लेकिन शतावरी का सेवन करने से शरीर में वाइट ब्लड सेल्स का उत्पादन बढ़ता है, जिससे सूजन कम करने, खून से हानिकारक विषाक्त पदार्थों और अपशिष्ट पदार्थ को अवशोषित करने में मदद मिलती है। और प्रेग्नेंट होने की संभावनाएं बढ़ती हैं। गर्भधारण की इच्‍छा वाली महिलाओं को एक दिन में शतावरी का सूखा संयंत्र 4.5 मिलीग्राम ही लेना चाहिए।

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Image Source : Getty

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