व्यस्त दिमाग है स्वस्थ दिमाग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 26, 2013
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vyasta dimaag hai swastha dimaag

व्यस्त दिमाग है स्वस्थ दिमाग
 
दिमाग को अगर स्वस्थ रखना है तो व्यस्त रहिए। जी हां, आपने तो व्यायाम, पौष्टिक भोजन और फल खाकर दिमाग को स्वस्थ करने के नुस्खे पढे ही होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि व्यस्त रहने से दिमाग स्वस्थ रहता है। class="mR10" align="left"जिस प्रकार से शारीरिक व्यायाम करके शरीर को चुस्त-दुरूस्त किया जाता है ठीक उसी तरह दिमागी क्रियाएं करने से मानसिक व्यायाम हो जाता है और दिमाग स्वस्थ‍ रहता है। लोग दिमागी कसरत न करने के कारण अपनी पढाई लिखाई भूल जाते हैं। दिमाग को व्य‍स्त रखने से याद्यास्त भी बढती है। 

दिमाग को व्यस्त रखने के कुछ तरीके – 

आप दिमाग का जितना उपयोग करते हैं, आपका दिमाग उतना ही सक्रिय रह पाता है। इसलिए अपने दिमाग को ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रखिए। 

आपके पास कोई जॉब या व्यवसाय नहीं है तब आपके पास बहुत समय है। फुरसत के समय अपने बच्चों की पुस्तकें देखिए। यह जरूरी नहीं कि हमेशा आप बडे लेखकों की ही किताबे पढे। बच्चों की किताबों में बहुत ही आसान भाषा का प्रयोग होता है, जो आपको आसानी से समझ में आ जाएगी। 

अगर आप का माध्यम हिन्दी रहा है और आपकी अंग्रेजी कमजोर है तो अपना अंग्रेजी ज्ञान मजबूत बनाइए। एक उम्र के बाद समझने की शक्ति बढ़ जाती है। विद्यार्थी जीवन में जो पढ़ाई आप कठिनाई से समझ पाते थे, बड़े होने पर वह बहुत आसानी से और जल्दी से समझ में आ जाएगा। 

समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं नियमित रूप से पढ़िए। टीवी देखने की अपेक्षा आप किताबों और पत्र-पत्रिकाओं को ज्यादा समय दीजिए। क्योंकि, पढ़ने से कल्पनाशीलता बढ़ती है और इसके द्वारा दिमागी व्यायाम भी हो जाता है।

अगर आपको लिखने का शौक है तो पत्रिकाओं और पेपर में छपे आर्टिकल्स की प्रतिक्रियाएं अपने विचारों के हिसाब से लिखिए। यह भी दिमागी व्यायाम का तरीका है और आपको लिखने की आदत भी धीरे-धीरे पड जाएगी। 

अखबार और मैगजीन में निलकी पहेलियों को सुलझाइए। इससे आपकी दिमागी कसरत पूरी हो जाती है। 

अगर आपने किसी कारण से अपनी पढाई को बीच में ही छोड दिया है तो उसको पूरी कीजिए। कॉलेज में दोबारा प्रवेश लीजिए, इससे आपका सामना किताबों से फिर से होगा। 

टीवी पर ऐसे कार्यक्रम देखिए जिससे आपका ज्ञान बढे। टीवी पर आने वाले क्विज शो, टॉक शो देखिए। ऐसे कार्यक्रम को देखने से आप अपना ज्ञान परख पाएंगे। 

अगर आपको खाना बनाने का शौक है तो पुराने और ज्यादा समय तक पकने वाले खाने को अपने दिमाग से जल्दी पकाने की कोशिश कीजिए। 

जीवन में आने वाली कार्य संबंधी समस्याओं को बातचीत द्वारा हल करने की कोशिश करें। इससे आपकी हाजिर जवाबी का पता चलेगा। 

कुछ नए कार्यों और उपकरणों को सीखीए। जैसे - कम्प्यूटर चलाना, इंटरनेट पर सर्फिंग करना, बैंक तथा बाजार के आवश्यक कार्यों को समझना आदि काम करके आप अपना दिमागी कसरत कर सकते हैं। 

अगर आपको पेंटिंग बनाने का शौक है तो ड्राइंग और पेंटिंग जैसे रुचिपूर्ण कार्यों को कीजिए। 

अपने घर से जुडे कार्यों से संबंधित लेख एवं जानकारियों को पढ़ते रहिए। 

दिमागी कसरत के अलावा हमेशा खुश रहने की आदत डालिए। खुश रहने से दिमाग स्वस्थ। रहता ही है साथ ही तनाव नहीं होता है जिससे दिमागी पर दबाव नहीं बनता है। 

दिमाग को अगर स्वस्थ रखना है तो व्यस्त रहिए। जी हां, आपने तो व्यायाम, पौष्टिक भोजन और फल खाकर दिमाग को स्वस्थ करने के नुस्खे पढे ही होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि व्यस्त रहने से दिमाग स्वस्थ रहता है।


जिस प्रकार से शारीरिक व्यायाम करके शरीर को चुस्त-दुरूस्त किया जाता है ठीक उसी तरह दिमागी क्रियाएं करने से मानसिक व्यायाम हो जाता है और दिमाग स्वस्थ‍ रहता है। लोग दिमागी कसरत न करने के कारण अपनी पढाई लिखाई भूल जाते हैं। दिमाग को व्य‍स्त रखने से याद्यास्त भी बढती है। 

 

[इसे भी पढ़ें : दिमाग को सक्रिय करता है मोबाइल]

 

दिमाग को व्यस्त रखने के कुछ तरीके – 

  • आप दिमाग का जितना उपयोग करते हैं, आपका दिमाग उतना ही सक्रिय रह पाता है। इसलिए अपने दिमाग को ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रखिए। 

 

  • आपके पास कोई जॉब या व्यवसाय नहीं है तब आपके पास बहुत समय है। फुरसत के समय अपने बच्चों की पुस्तकें देखिए। यह जरूरी नहीं कि हमेशा आप बडे लेखकों की ही किताबे पढे। बच्चों की किताबों में बहुत ही आसान भाषा का प्रयोग होता है, जो आपको आसानी से समझ में आ जाएगी। 

 

  • अगर आप का माध्यम हिन्दी रहा है और आपकी अंग्रेजी कमजोर है तो अपना अंग्रेजी ज्ञान मजबूत बनाइए। एक उम्र के बाद समझने की शक्ति बढ़ जाती है। विद्यार्थी जीवन में जो पढ़ाई आप कठिनाई से समझ पाते थे, बड़े होने पर वह बहुत आसानी से और जल्दी से समझ में आ जाएगा। 

 

  • समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं नियमित रूप से पढ़िए। टीवी देखने की अपेक्षा आप किताबों और पत्र-पत्रिकाओं को ज्यादा समय दीजिए। क्योंकि, पढ़ने से कल्पनाशीलता बढ़ती है और इसके द्वारा दिमागी व्यायाम भी हो जाता है।

 

  • अगर आपको लिखने का शौक है तो पत्रिकाओं और पेपर में छपे आर्टिकल्स की प्रतिक्रियाएं अपने विचारों के हिसाब से लिखिए। यह भी दिमागी व्यायाम का तरीका है और आपको लिखने की आदत भी धीरे-धीरे पड जाएगी।

[इसे भी पढ़ें : दिमाग पर भी भारी पड़ता है मोटापा]

 

 

  • अखबार और मैगजीन में निलकी पहेलियों को सुलझाइए। इससे आपकी दिमागी कसरत पूरी हो जाती है। 

 

  • अगर आपने किसी कारण से अपनी पढाई को बीच में ही छोड दिया है तो उसको पूरी कीजिए। कॉलेज में दोबारा प्रवेश लीजिए, इससे आपका सामना किताबों से फिर से होगा। 

 

  • टीवी पर ऐसे कार्यक्रम देखिए जिससे आपका ज्ञान बढे। टीवी पर आने वाले क्विज शो, टॉक शो देखिए। ऐसे कार्यक्रम को देखने से आप अपना ज्ञान परख पाएंगे। 

 

  • अगर आपको खाना बनाने का शौक है तो पुराने और ज्यादा समय तक पकने वाले खाने को अपने दिमाग से जल्दी पकाने की कोशिश कीजिए। 

 

  • जीवन में आने वाली कार्य संबंधी समस्याओं को बातचीत द्वारा हल करने की कोशिश करें। इससे आपकी हाजिर जवाबी का पता चलेगा। 

 

  • कुछ नए कार्यों और उपकरणों को सीखीए। जैसे - कम्प्यूटर चलाना, इंटरनेट पर सर्फिंग करना, बैंक तथा बाजार के आवश्यक कार्यों को समझना आदि काम करके आप अपना दिमागी कसरत कर सकते हैं। 

 

  • अगर आपको पेंटिंग बनाने का शौक है तो ड्राइंग और पेंटिंग जैसे रुचिपूर्ण कार्यों को कीजिए। 

 

  • अपने घर से जुडे कार्यों से संबंधित लेख एवं जानकारियों को पढ़ते रहिए। 

 

 

दिमागी कसरत के अलावा हमेशा खुश रहने की आदत डालिए। खुश रहने से दिमाग स्वस्थ रहता ही है साथ ही तनाव नहीं होता है जिससे दिमागी पर दबाव नहीं बनता है। 

 

 

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