विटामिन ई और डायबिटीज में इसकी जरुरत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 05, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • विटामिन-ई से सभी अंग सुचारू रूप से कार्यशील।
  • हार्मोनल संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी।
  • डायबिटीज के रोगियों को देता है खास फायदा।
  • डायबिटीज रोगी लें दिन में 400 आईयू विटामिन-ई।

इंसान के शरीर में सभी विटामिन का अपना-अपना कार्य और अपनी-अपनी जरुरतें हैं। लेकिन फिर भी कुछ विटामिन के कार्यों और स्रोत के बारे में लोगों को कम ही जानकारी होती है। आधी-अधूरी जानकारी के साथ किसी भी पोषक तत्व का पूरा फायदा नहीं उठाया जा सकता। ऐसा ही कुछ विटामिन-ई के साथ है। अन्य विटामिनों की तरह ही विटामिन -ई हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसके सेवन से शरीर में अनेक प्रकार की बीमारियां नहीं होती और स्‍किन में भी ग्‍लो बना रहता है।

विटामिन ई के कार्य

 

  • शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाये रखने में विटामिन-ई मदद करता है। जैसे- मांसपेशियां और अन्य टिश्यू।
  • रक्त सेल्स के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए सेल के बाहरी कवच यानी सेल मेमब्रेन को बनाए रखने का काम विटामिन-ई करता है।
  • हार्मोनल संतुलन के लिए विटामिन-ई का महत्वपूर्ण योगदान है।
  • शरीर के फैटी एसिड को संतुलन करने का काम विटामिन-ई का है।
  • विटामिन-ई से संक्रमण रोगों के प्रति सुरक्षा मिलती है।
  • विटामिन-ई प्रीमेच्योर या नवजात शिशु को एनीमिया जैसी ही कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • त्वचा को मुलायम, खूबसूरत बनाने और झुर्रियां दूर करने में विटामिन-ई बहुत लाभकारी है।

 

Vitamin-E in Hindi

 

विटामिन ई की गंभीर कमी के लक्षण

 

  • शरीर के अंगों का सुचारू रूप से कार्य न कर पाना।
  • मांसपेशियों में अचानक से कमजोरी आ जाना।
  • आंखों के मूवमेंट में असामान्य स्थिति पैदा हो जाना।
  • नजर कमजोर हो जाना। दिखने में झिलमिलाहट महसूस होना।
  • चलने में लड़खड़ाट होना। कई बार कमजोरी महसूस होना।
  • प्रजनन क्षमता कमजोर हो जाना। शरीर में कमजोरी महसूस होना।

 

डायबिटीज के लिए विटामिन-ई

डायबिटीज में रोगियों को विटामिन-ई का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में इंसुलिन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है। इंसुलिन रक्त से शुगर की मात्रा को दूर रखता है। इसके अलावा, डायबिटीज के रोगियों में हृदय रोग का खतरा होता है। एक रिसर्च के मुताबिक 40 प्रतिशत डायबिटीज के रोगियों को आम लोगों की तुलना में हृदय रोगों का दुगना या तीन गुना अधिक जोखिम होता है। इस जोखिम को कम करने का काम विटामिन-ई करता है। ऐसे लोगों को दिन में 400 आईयू विटामिन-ई लेना चाहिए। इससे उनका जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

 

Vitamin E Sources in Hinid

 

विटामिन ई के स्त्रोत

अंडे, सूखे मेवे, बादाम और अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों, शलजम, एवोकेडो, ब्रोकली, कड लीवर ऑयल, आम, पपीता, कद्दू, पॉपकार्न से विटामिन-ई मिलता है। गेंहू, साग, चना, जौ, खजूर, चावल के मांढ, क्रीम, मक्‍खन, स्‍प्राउट और फल भी विटामिन-ई के समृद्ध स्रोत हैं।

विटामिन-ई के सेवन से पहले इसके कुछ नकारात्मक प्रभावों को भी जान लेना चाहिए। जैसे कि, विटामिन ई ब्लडप्रेशर की दवाइयों के अवशोषण को रोकता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने वाली दवाइयां विटामिन ई का स्तर कम करती हैं। कैंसर की दवाइयां भी विटामिन ई के स्तर को प्रभावित करती हैं। जिन लोगों के शरीर में वसा को अवशोषण करने में कठिनाई होता है, उनमें भी विटामिन ई की कमी हो जाती है।

 

Image Source - Getty Images

Write a Review
Is it Helpful Article?YES34 Votes 2823 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर