विश्‍व पर्यावरण दिवस 2012 का लक्ष्‍य

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 05, 2012
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vishwa paryawaran diwas 2012 ka lakshyaविश्‍व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। ऐसा पहली बार हुआ है जब यूनाइटेड नेशन ने बढते प्रदूषण को रोकने के लिए कोई थीम बनाया है। विश्‍व पर्यावरण दिवस 2012 का थीम है – ग्रीन अर्थव्‍यवस्‍था : क्‍या आप भी शामिल हैं (ग्रीन इकोनॉमी : डज इट इंक्‍लूड यू)। भारत में पर्यावरण की स्थिति बहुत ही खराब है। हालांकि भारत सरकार ने बढते गलोबल वार्मिंग को रोकेने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारत ने सभी उद्योग धंधों से अपील की है कि वे फैक्ट्रियों में बढ रहे कार्बन उत्‍सर्जन को कम करें। 



क्‍या है थीम का मतलब – 
यूनाइटेड नेशन्‍स इन्‍वायरनमेंट प्रोग्राम के तहत विश्‍व पर्यावरण दिवस का गठन हुआ था। 1972 से हर साल 5 जून को मनाया जाता है। बढते ग्‍लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए विश्‍व स्‍तर पर यूनाइटेड नेशन्‍स का यह सबसे सकारात्‍मक प्रयास है। विश्‍व पर्यावरण दिवस 2012 में एक थीम निर्धारित किया गया है – ग्रीन इकोनॉमी : इट डज इंक्‍लूड यू। इस थीम के दो भाग हैं। ग्रीन इकोनॉमी के जरिए उद्योगों द्वारा बढाए जा रहे पर्यावरण के खतरे को कम करना है। ग्रीन इकोनॉमी ऐसी अर्थव्‍यवस्‍था का विचार है जिसके तहत उद्योगों में कुशल और नई तकनीक वाले संसाधन लागाए जाएं जिससे कार्बन का उत्‍सर्जन कम हो। ग्रीन इकोनॉमी ज्‍यादातर परिवहन, जल, भवन निर्माण, खेती, ऊर्जा, पर्यटन आदि में से संबंधित है। 


पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति क्‍या है – 
पिछले 50 सालों में पृथ्‍वी का तापमान 0.8 से लेकर एक डिग्री सेल्सियस तक बढा है। लेकिन जिस तरह से ग्‍लोबल वार्मिंग बढ रहा है उसको अगर रोका नहीं गया तो 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान हर प्रति दशक बढेगा। अगर सभी देशों ने ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन को कम करने में अपनी भागीदारी निभाई तो पृथ्‍वी के बढते तापमान के खतरे को 50 से 85 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। भारत ने भी अपने उद्यागों में बढ रहे कार्बन उत्‍सर्जन को कम करने की पहल की है। 




पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए आप भी कुद कदम उठा सकते हैं – 

अपने घर के बाहर या घर में गमलों में ज्‍यादा से ज्‍यादा पौधे लगाईए। 
कहीं पानी बह रहा है तो उसको बहने से राकिए, जरूरत से पानी बरबाद मत कीजिए। 
प्‍लास्टिक की पॉलीथिन का प्रयोग मत कीजिए। 
पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कीजिए, अगर बहुत जरूरी हो तभी अपने निजी वाहन का प्रयोग कीजिए। 
किसी कार्यक्रम में ज्‍यादा तेज संगीत न बजाएं। इससे ध्‍वनि प्रदूषण कम होगा। 
बिना जरूरत के हॉर्न मत बजाइए। रेड लाइट पर अपनी गाडी को बंद कर दीजिए। 
कूडे को बाहर मत फेंकिए, कूडेदान में डालिए। 


बढ रहे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने की जिम्‍मेदारी केवल सरकार या यूनाइटेड नेशन्‍स की नही है। आप भी पर्यावरण को बदलने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए आज ही संकल्‍प लीजिए आप बढ रहे प्रदूषण को रोकने में अपनी भूमिका निभाएंगे। 

 

क्‍या है थीम का मतलब – 

यूनाइटेड नेशन्‍स इन्‍वायरनमेंट प्रोग्राम के तहत विश्‍व पर्यावरण दिवस का गठन हुआ था। 1972 से हर साल 5 जून को मनाया जाता है। बढते ग्‍लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए विश्‍व स्‍तर पर यूनाइटेड नेशन्‍स का यह सबसे सकारात्‍मक प्रयास है। विश्‍व पर्यावरण दिवस 2012 में एक थीम निर्धारित किया गया है – ग्रीन इकोनॉमी : इट डज इंक्‍लूड यू। इस थीम के दो भाग हैं। ग्रीन इकोनॉमी के जरिए उद्योगों द्वारा बढाए जा रहे पर्यावरण के खतरे को कम करना है। ग्रीन इकोनॉमी ऐसी अर्थव्‍यवस्‍था का विचार है जिसके तहत उद्योगों में कुशल और नई तकनीक वाले संसाधन लागाए जाएं जिससे कार्बन का उत्‍सर्जन कम हो। ग्रीन इकोनॉमी ज्‍यादातर परिवहन, जल, भवन निर्माण, खेती, ऊर्जा, पर्यटन आदि में से संबंधित है। 

 

 

पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति क्‍या है – 

पिछले 50 सालों में पृथ्‍वी का तापमान 0.8 से लेकर एक डिग्री सेल्सियस तक बढा है। लेकिन जिस तरह से ग्‍लोबल वार्मिंग बढ रहा है उसको अगर रोका नहीं गया तो 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान हर प्रति दशक बढेगा। अगर सभी देशों ने ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन को कम करने में अपनी भागीदारी निभाई तो पृथ्‍वी के बढते तापमान के खतरे को 50 से 85 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। भारत ने भी अपने उद्यागों में बढ रहे कार्बन उत्‍सर्जन को कम करने की पहल की है। 

 

 

पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए आप भी कुद कदम उठा सकते हैं – 

  • अपने घर के बाहर या घर में गमलों में ज्‍यादा से ज्‍यादा पौधे लगाईए। 
  • कहीं पानी बह रहा है तो उसको बहने से राकिए, जरूरत से पानी बरबाद मत कीजिए। 
  • प्‍लास्टिक की पॉलीथिन का प्रयोग मत कीजिए। 
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कीजिए, अगर बहुत जरूरी हो तभी अपने निजी वाहन का प्रयोग कीजिए। 
  • किसी कार्यक्रम में ज्‍यादा तेज संगीत न बजाएं। इससे ध्‍वनि प्रदूषण कम होगा। 
  • बिना जरूरत के हॉर्न मत बजाइए। रेड लाइट पर अपनी गाडी को बंद कर दीजिए। 
  • कूडे को बाहर मत फेंकिए, कूडेदान में डालिए। 

 

 

बढ रहे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने की जिम्‍मेदारी केवल सरकार या यूनाइटेड नेशन्‍स की नही है। आप भी पर्यावरण को बदलने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए आज ही संकल्‍प लीजिए आप बढ रहे प्रदूषण को रोकने में अपनी भूमिका निभाएंगे। 

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