ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाता है स्मार्टफोन पर व्हॉट्सऐप व फेसबुक का इस्तेमाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 31, 2016
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गैजेट्स के लगातार इस्तेमाल से बढ़ रहा ग्लोबल वार्मिंग।
  • स्मार्टफोन से हर साल होता है 40 अरब टन कार्बन उत्सर्जित।
  • डेस्कटॉप से ईमेल करने पर होता है 4.5 ग्राम कार्बन उत्सर्जित।

लतिका और उसके दोस्त फेसबुक पर ग्लोबल वार्मिंग के लिए कैंपेन चला रहे थे। लेकिन तभी उनको स्मार्टफोन पर फेसबुक व व्हॉट्सऐप के इस्तेमाल से फैल रहे ग्लोबल वार्मिंग के बारे में पता चला। अब क्या? कैंपेन खत्म। लतिका और उसके दोस्तों के कैंपेन का क्या हुआ ये तो नहीं मालुम। लेकिन लतिका की तरह हर कोई बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग से परेशान है और ये अच्छी बात है। लेकिन बहुत कम लोगों को ही मालुम है कि उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल से भी ग्लोबल वार्मिंग बढ़ता है।

जब आप किसी से कॉटेक्ट करने के लिए फेसबुक, व्हॉट्सऐप, गूगल, ईमेल, एसएमएस या कॉल का इस्तेमाल करते हैं तो कार्बन उत्सर्जन भी होता है जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देता है। विश्व में मोबाइल से किए जा रहे ईमेल से कुल 40 अरब टन कार्बन डाई ऑक्साइड हर साल वायुमंडल में छोड़ा जाता है। जबकि डेस्कटॉप से ये ईमेल करने पर केवल  4.5 ग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जित होती है।
     
मोबाइल

अर्थ आवर हुआ बेकर

हाल ही में बीते 19 मार्च को दुनिया भर के 7000 से ज्यादा शहरों में कुछ देर तक बिजली का इस्तेमाल बंद करके अर्थ आवर मनाया गया। लेकिन जब ये लोग बिजली का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे तब इनके द्वारा किया जा रहा इनके स्मार्टफोन का इस्तेमाल ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रहे था।


दरअसल आप जिन भी गैजेट्स का इस्तेमाल करते हैं उसकी बैटरी बिजली से चार्ज होती है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है। इससे कार्बन के उत्सर्जन में वृद्धि होती है।

 

कार्बन उत्सर्जन हो रहा लगातार

फ्रांसीसी पर्यावरण एवं ऊर्जा प्रबंधन एजेंसी के अलेन एंग्लेड के मुताबिक, "डिजिटल तकनीकी के विकास के चलते बिजली खपत में विस्फोटक उछाल आया है।" अकेले फ्रांस में ही गैजेट्स के इस्तेमाल से होती है 10 फीसदी कार्बन उत्सर्जित।


ये कहानी अन्य विकसित देशों की भी है। इसके साथ विकासशील और अविकसित देशों में भी गैजेट्स का इस्तेमाल होता है और उससे भी बिजली का उत्पादन होता है। अब लगातार हो रहे बिजली उत्पादन से गलोबल वार्मिंग का बढ़ना लाज़िमी है। अब ये तो दुनिया के प्रत्येक इंसान को सोचना है कि उन्हें एडवांस गैजेट्स चाहिए या स्वस्थ वातावरण।

 

Read more articles on Mind-body in Hindi.

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES2 Votes 1257 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर