सोने से पहले अगर आप भी करते है स्मार्टफोन का प्रयोग..तो हो जाएं सावधान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 19, 2016
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • अंधेरे में स्मार्टफोन का प्रयोग बना सकता है अंधा।
  • शोध नें दिया ट्रांजिएंट स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस नाम।
  • दोनो कार्निया के बीच नहीं बन पाता है सांमजस्य।
  • रात के अंधेरे में ना करें स्मार्टफोन का प्रयोग।

आज की जेनेरेशन ही नहीं बल्कि बड़े-बूढ़े तक सभी स्मार्टफोन के आदी हो चुके हैं। यहां तक कि रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी सोने से पहले एक बार स्मार्टफोन जरूर चेक करते हैं। पर क्या आपको अंदाजा है कि आपकी ये आदत आपकी आंखों पर कितना बुरा असर डालती है। एक शोध के मुताबिक बत्ती बुझने के बाद अंधेरे में स्मार्टफोन का प्रयोग आपको अंधा बना सकता है। इसलिए अगर आप रात के अंधेरे में चैटिंग, पढ़ने या विडियो आदि देखने जैसे काम करते है तो आपके अंधे होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

इसे भी पढ़े: स्मार्ट नहीं बुद्धु बना रहा है आपका फोन

  • न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दो महिलाओं में 'ट्रांजिएंट स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस' संक्रमण पाया गया। इसके अनुसार अंधेरे में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते वक्त उसकी स्क्रीन को लगातार देखने के कारण वे एक आंख में अंधेपन की शिकार हो चुकी थीं। डॉक्टर्स के मना करने के बावजूद इन्होंने सावधानी नहीं बरती जिसके चलते अब ये पूरी तरह आंखों की रोशनी गंवा चुकी हैं।
  • इन महिलाओं में पहली महिला इंग्लैंड की 22 वर्षीय युवती है, जिसे रोजाना सोने या नींद में जाने से पहले टकटकी लगाकर स्मार्टफोन पर काम करने एवं उसे चलाने की आदत थी। रिपोर्ट के अनुसार बायीं करवट सोते हुए स्मार्टफोन की रोशनी से दांयी आंख सीधे तौर पर प्रभावित होती गयी जिससे दाहिनी आंख में अंधापन महसूस किया गया।
  • वहीं इस बीमारी की दूसरी मरीज 40 वर्षीय एक महिला थी, जो इस बीमारी का शिकार तब हुई जब वो सुबह सूरज निकलने से पहले जागकर, उठने से पहले स्मार्टफोन पर खबरें पढ़ने की आदी थी। लगातार 1 साल तक इस आदत को दोहराने के बाद उन्होंने पाया कि उनकी आंखों की महत्वपूर्ण झिल्ली, कॉर्निया चोटग्रस्त हो चुकी थी।
  • महिलाओं की शिकायत थी कि बार-बार 15 मिनट के लिए उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा रहा है। उनके कई तरह के टेस्ट लिए गए, एमआरआई स्कैन और हार्ट टेस्ट भी किए गए। बावजूद इसके डॉक्टर्स को ऐसा कुछ नहीं मिला। आई स्पेशलिस्ट से मिलने के बाद ये समस्या सुलझी।

इसे भी पढ़े: क्या होता है एमआरआई स्कैन

  • आई स्पेशलिस्ट गॉर्डन प्लांट ने कहा, 'मैंने उनसे पूछा कि जिस वक्त यह हुआ, आप क्या कर रही थीं।' डॉक्टर ने बताया कि दोनों महिलाएं बिस्तर पर करवट लेकर लेटी हुई थीं और एक आंख से फोन की स्क्रीन पर देख रही थीं। उनकी दूसरी आंख तकिए में धंसी हुई थी।
  • जिसके चलते उनकी एक आंख स्मार्टफोन का सामना अधिक कर रही थी। ऐसी स्थिति में एक रेटिना प्रकाश के साथ सामंजस्य बना रहा था और दूसरा अंधेरे के साथ। ऐसे में दोनों आंखों के कार्निया के बीच सही सामंजस्य नहीं बन पाता, और एक आंख प्रत्यक्ष तौर पर प्रभवित होती है।



इस लिए रात में बिस्तर पर जाने या बत्ती बुझाने से पहले ही स्मार्टफोन के सारे काम निपटा लें।


Image Source-Getty

Read More Article on Healthy Living in Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES16 Votes 6872 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर