पेट के कैंसर की चिकित्सा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 23, 2015
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Quick Bites

  • बड़ी आंत के कैंसर को कहते है पेट का कैंसर।
  • सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन ट्रीटमेंट होता है।
  • पेट के कैंसर की सर्जरी होती है गैस्ट्रेक्टोमी।
  • कीमो व रेडिएशन थेरेपी के होते है साइड इफेक्ट। 

पेट में किसी भी कोशिका के आसामान्य या अनियंत्रित तरीके से बढने को पेट का कैंसर कहा जाता है। ये पेट की भीतरी परतों में फैलता हुऔ बाहरी परतों तक पंहुच जाता है। पेट के कैंसर को बड़ी आंत का कैसर भी कहते है और यह पाचन तंत्र के निचले हिस्से में होता है। यह वह जगह है जहां भोजन से शरीर के लिए ऊर्जा पैदा की जाती है। साथ ही यह शरीर के ठोस अवशिष्ट पदार्थों को भी पचाता है इस रोग की शुरूआत अवस्था में लक्षण साफ नहीं होते है। इस रोग के उपचार के बारें में आगे पढ़ें।


  • पेट के कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी करवाई जा सकती है। इसके अलावा कीमोथेरेपी, रेडिएशन ट्रीटमेंट के माध्यम से पेट के कैंसर की चिकित्सा संभव हो सकती है।

 

  • पेट के कैंसर हेतु तीन मुख्य उपचार सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए वर्तमान में सिर्फ सर्जरी ही उपलब्ध है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल केवल लक्षणों को दूर करने और बीमारी की प्रगति को धीमा करने के लिए किया जाता है और इसमें कभी-कभी अधिक समय लग सकता है।

 

  • पेट के कैंसर की सर्जरी, जिसे गैस्ट्रेक्टोमी कहा जाता है इसमें पेट के भाग या फिर पूरे पेट को बाहर निकालना शामिल है। साथ ही लिम्‍ब ग्‍लैंड के पास वाले हिस्सों को भी हटाया जा सकता है।

 

  • कीमोथेरेपी में एन्टीकैंसर दवायें शामिल हैं जो मुंह द्वारा या सुई से नस में दी जाती हैं।

  • रेडिएशन थेरेपी में उच्च ऊर्जा वाला रेडिएशन शामिल है जिसका उपयोग कैंसर वाली सेल्स पर अटैक करने के लिए किया जाता है।

 

  • कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल अकेले या संयुक्त रूप से किया जा सकता है या कैंसर से प्रभावित सेल्‍स को प्रभावी तरीके से नष्ट कर सकते हैं। हालांकि दोनो ही थेरेपी स्वस्थ टिश्युओं को भी नष्ट करती हैं जिससे कई साइड इफेक्ट्स उत्पन्न हो सकते हैं।

 

  • कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के साथ साइड इफेक्ट्स जैसे कि थकान, जी मिचलाना, रक्त दाब में कमी और बालों का गिरना आदि का उपचार भी शामिल किया जाता है। पेट कैंसर के उपचार के लिए यह भी जरूरी है कि रोगी लगातार पौष्टिक भोजन लें।


पेट के कैंसर को कम करने के लिए जंकफूड छोड़कर, संतुलित भोजन खासकर तरल पदार्थ जूस, सूप, पानी इत्यादि की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। पेट का कैंसर महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक होता है। ज्यादातर लोगों में पेट के कैंसर का पता 60 वर्ष की उम्र के बाद चलता है।

 

 

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