इस तरह से इस्तेमाल करें अपने जीवन में अरोमाथैरेपी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 28, 2017
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

- अरोमाथैरेपी के फायदे
- अरोमाथैरेपी से खुद को महसूस कराएं रिलेक्स्ड
- अरोमाथैरेपी से दूर होगा स्ट्रेस

करीब 10 साल पहले, मैंने अरोमाथैरेपी और उससे पड़ने वाले प्रभाव के बारे में रिसर्च की थी। कई लोग इसे सुंदरता के लिए सहायक मानते हैं, तो कई इससे मसाज कराना पसंद करते हैं। यह तब की बात है, जब एक बड़ी मल्टी-नैशनल कंपनी ने मुझे सीएक्सओ-लेवल पर मेडिटेशन से एक डी-स्ट्रेसिंग प्रोग्राम उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया था।

aromatherapy

मेरी रिसर्च से मुझे पता चला कि अरोमाथैरेपी, जो एक प्रकार की साइंस है, हमारे साथ तब से जब से समय अति प्राचीन रहा है। यह एक फ्रेंच कैमिस्ट डॉ. रेने मॉरिस गैटेफॉसे ने शुरुआती 1900 के समय खोजी थी। अपनी प्रयोगशाला में काम करते समय गैटेफॉसे ने अपना हात जला लिया था। ऐसा होने के बाद उन्होंने अपने पास रखे अगले लिक्विड में अपना हाथ डुबा लिया था। वह भी यह देखकर चौंक गए थे कि उन्हें हाथ के जलने के बाद उसमें किसी भी तरह का दर्द या जलन महसूस नहीं हो रही थी। वह लिक्विड और कोई नहीं, बल्कि लैवेंडर ऑयल था। इसके बाद उन्होंने असेन्शल (इत्र) ऑयल्स में अपनी रिसर्च करनी शुरू कर दी थी।

इसे भी पढ़ेंः योग करने से पहले जरूर जान लीजिये ये बात

मेरा मानना है कि अरोमाथैरेपी का तात्पर्य खुशबू से है। मंदिर में जलने वाली धूप बत्ती की खुशबू से हमें शान्ति और सुख मिलता है। वहीं, ताज़ा फूलों की खुशबू से हमें उत्साह और खुशी मिलती है। क्या आपने कभी सोचा है कि जुखाम होने के समय हमें कुछ भी अच्छा क्यों नहीं लगता है? यह आसान है- आप बंद नाक होने की वज़ह से खाने की खुशबू नहीं ले पाते हैं। ऐसे ही पर्फ्यूम का तात्पर्य उसकी खुशबू से होता है, जो आपको अच्छा महसूस कराता है। क्या आप जानते हैं कि ग्रीक पहले ज़माने में जानवर के फैट और पर्फ्यूम को मिक्स करके एक छोटी कोन के आकार में तैयार किया करते थे, जिसे वह अपने सर के ऊपर रखा करते थे? जब वह अपने काम के लिए बाहर जाते थे, तो धूप की गर्मी से वह कोन पिघती थीं, जिसकी वज़ह से उनका पूरा शरीर महकता था, दोबारा अरोमाथैरेपी!

खुशबू का तात्पर्य

खुशबू का तात्पर्य हमारी साइकी की तरह महत्वपूरण होता है- पेड़, मसाले और हर्बस की खुशबू में चिकित्सकिय और शान्तिदायक प्रभाव होता है। क्योंकि हमारी जीवनशैली काफी स्ट्रेस से भरी है, इसलिए मैंने शान्ति और आराम के लिए एक ज़रिया ढूंढ़ा है। मेडिटेशन, वह भी अरोमा ऑयल के साथ, एक औषधीय इलाज है, जो न केवल दिमाग के लिए, बल्कि हमारे शरीर के लिए भी यह काफी अच्छा है। सालों की रिसर्च के बाद, मैं अब लोगों को अरोमैटिक ऑयल्स की मदद से इन्सॉमनिया से राहत दिलाती हूं, जो पहले नींद की गोलियां खाया करते थे।

इसे भी पढ़ेंः ब्रेस्‍ट मिल्‍क को तुरंत बढ़ता है ये आयुर्वेदिक नुस्‍खा

सही अरोमा तेल को मिक्स करके, अरोमा लैंप के पास बैठकर मेडिटेशन करने से आप अपने इनर सेल्फ पर फोकस कर सकते हैं। अपनी सांस लेने पर फोकस करते हुए तेल की खुशबू को अच्छी तरह इन्हेल करें (यह मेडिटेशन का गुण माना जाता है)। यह शुद्धता, ठहराव और भीतरी शान्ति को उत्पन्न करने में मदद करता है। मेडिटेशन करने का अपना एक तरीका होता है, जिसमें एक सही पॉश्चर लेना, पैरों की पालती मारकर बैठना, अपने आसपास के माहौल को बनाना आदि शामिल हैं। हालांकि, मुझे ऐसा लगता है कि आप मेडिटेट कहीं भी बैठकर कर सकते हैं- लेटकर, अपने ऑफिस की चेयर पर बैठकर, अपने ड्रॉइंग रूम के सोफा पर बैठकर या फिर गार्डन में बैठकर।

अरोमा तेल का मिक्षण

अरोमा लैंप का इस्तेमाल करना सबसे आसान तरीका है। इसके लिए आपको लैंप में पानी में आठ बूंद असेन्शल ऑयल की मिक्स करनी है और मेडिटेट करते हुए इसकी खुशबू को इन्हेल करना है। मैं आपसे वादा करती हूं कि यह कार्य आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगा।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Alternative Therapy Articles In Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES977 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर