ब्‍लड टेस्‍ट से जुड़ी कुछ बातों को समझना जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 13, 2015
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • चुस्‍त और तंदुरुस्‍त रखने में ब्‍लड की महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है।
  • सफेद रक्त कोशिकाएं शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा है।
  • प्लेटलेट्स, थक्‍का बनकर ब्‍लड को रोकने में मदद करता है।
  • बीमारियों का निर्धारण करने के लिए ब्‍लड टेस्‍ट किया जाता है।

ब्‍लड हमें चुस्‍त, तंदुरुस्‍त और जीवित रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विभिन्‍न अंगों, मांसपेशियों और ऊतकों को पोषक तत्‍वों और ऑक्‍सीजन की आपूर्ति करता है और अपशिष्ट उत्पादों और कार्बन डाइऑक्साइड को दूर करता है। ब्‍लड प्रेशर, बॉडी एंगल और ब्‍लड टेस्‍ट के लिए 'महत्‍वपूर्ण संकेतों' में से एक माना जाता है और आपके स्‍वास्‍थ्‍य और तंदुरुस्ती के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

ब्‍लड टेस्‍ट क्‍यों किया जाता है, इस बात को समझने से पहले, इसके विभिन्‍न घटकों के बारे में जानना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। संख्या में कमी और वृद्धि, मात्रा में परिवर्तन, आकार में परिवर्तन असामान्‍यताएं का संकेत देता है।

blood test in hindi

रेड ब्‍लड सेल

रेड ब्‍लड सेल (लाल रक्त कोशिकाओं या एरिथ्रोसाइट्स) ब्‍लड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला सेल हैं। यह शरीर को हवा या आक्‍सीजन और खाना पहुंचाता है। हर कोशिका में एक प्रोटिन होता है, जिसे हीमोग्लोबिन कहते हैं, जो ब्‍लड में ऑक्‍सीजन ले जाता है।

 

व्हाईट ब्लड सेल

सफेद रक्त कोशिकाएं या ल्यूकोसाइट्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा है और संक्रमण के खिलाफ शरीर को रक्षा मदद करता है। ल्यूकोसाइट्स पांच विभिन्न और विविध प्रकार की होती हैं, न्यूट्रोफिल (neutrophil), लिम्फोसाईट (lymphocyte), मोनोसाईट (monocyte), इओसीनोफिल (eosinophil) और बेसोफिल (basophil)। लेकिन इन सभी की उत्पत्ति और उत्पादन अस्थि मज्जा की एक मल्टीपोटेंट, हीमेटोपोईएटिक स्टेम सेल से होती है। ल्यूकोसाइट्स पूरे शरीर में पाई जाती हैं, जिसमें रक्त और लसीका प्रणाली शामिल होती है।

 

प्लेटलेट्स

प्लेटलेट्स एक ऐसा सेल है जो चोट लगाने पर थक्‍का बनकर ब्‍लड को रोकने में मदद करता है। प्लेटलेट्स की कमी से रक्त जमता नहीं है। फिर चोट लगने पर, खून बहना नहीं रुकता है। कभी कभार अंदरूनी खून बह सकता है।

 

प्लाज्मा

ब्‍लड के थक्‍के के बनने में प्रोटीन, ग्लूकोज, खनिज आयनों, हार्मोन, कार्बन डाइऑक्साइड, प्लेटलेट्स और रक्त कोशिकाएं शामिल होती है। प्लाज्मा प्रोटीन भी रक्त में थक्‍के बनने में मदद करता हैं।

blood test in hindi

ब्‍लड टेस्‍ट के कारण

ब्‍लड टेस्‍ट आधुनिक चिकित्सा में निदान के लिए किया जाता है। इसमें डॉक्टर मदद के लिए आपकी नस से खून का नमूना लेते हैं। निम्‍न कारणों से ब्‍लड टेस्‍ट किया जाता है।

  • स्वास्थ्य की सामान्य स्थिति का आकलन
  • बीमारियों का निर्धारण
  • किडनी और लीवर जैसे अंगों के कार्य की जांच  
  • हृदय रोग के लिए जोखिम कारकों को पहचाना
  • कहीं आप दवाएं गलत तो नहीं लें रहे इसकी जानकारी  
  • आनुवंशिक परीक्षण के लिए डीएनए नमूना प्राप्त करना  

 

ब्‍लड टेस्‍ट कैसे किया जाता है?

ब्‍लड टेस्‍ट के दौरान, आपके शरीर से थोड़ा सा ब्‍लड लिया जाता है आमतौर पर सुई की मदद से आपकी हाथ की नस से ब्‍लड लिया जाता है। ब्लड टेस्‍ट करने के लिए सबसे पहले नस को ढूढ़ने के लिए आपकी बांह के चारों ओर तंग बैंड बंधा जाता है। फिर इंजेक्‍शन को एंटीसेप्टिक से पोंछकर साफ किया जाता है। और सुई को सिरिंज में लगाकर नस में सुई को डालकर विशेष प्रकार के ब्‍लड कंटेनर में ब्‍लड इकट्ठा किया जाता है। सिरिंज से ब्‍लड का सैंपल बाहर निकालने में मदद मिलती है। जरूरत के हिसाब से ब्‍लड लेने के बाद सुई को निकाल दिया जाता है। और रक्‍तस्राव को रोकने के लिए त्‍वचा पर इंजेक्‍शन वाली साइट में कुछ मिनट के लिए कॉटन से दबाव दिया जाता है। कई बार उस हिस्‍से को साफ रखने और संक्रमण को रोकने के लिए प्‍लास्‍टर भी लगाया जाता है। फिर ब्‍लड सैंपल को एक बोतल में नाम का लेबल लगाकर माइक्रोस्कोप के तहत जांच या केमिकल के साथ परीक्षण करने के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया जाता है।

blood test in hindi

क्‍या ब्‍लड टेस्‍ट में जोखिम होता है?

  • ब्‍लड टेस्‍ट के कुछ जोखिम होते हैं। हालांकि ब्‍लड टेस्‍ट के दौरान थोड़ी सी मात्रा में ब्‍लड निकाला जाता है, तो ब्‍लड की कमी से आपको बीमार महसूस नहीं होता। लेकिन ब्‍लड टेस्‍ट के बाद कुछ मामूली जटिलाताएं हो सकती है।   
  • अगर आप सुई के प्रति बहुत संवेदनशील हैं और ब्‍लड देखकर आपको डर लगता है तो ब्‍लड का सैंपल लेते समय आपको चक्‍कर महसूस हो सकते हैं। लेकिन सैंपल लेने के बाद कुछ देर बैठने या लेटने से यह कम किया जा सकता है।
  • ब्‍लड टेस्‍ट के बाद, सुई वाली त्‍वचा पर छोटी सी चोट जैसा महसूस हो सकता है। कई बार चोट के निशान के कारण त्‍वचा के नीचे खून बह सकता हैं। ऐसा होना दर्दनाक हो सकता है लेकिन हानिरहित होता है।     
  • ब्‍लड टेस्‍ट के दौरान दूषित सुई के प्रयोग के कारण एचआईवी / एड्स, हेपेटाइटिस बी या सी होने का खतरा रहता है। इसलिए यदि आप अपने ब्‍लड टेस्‍ट के लिए जा रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि नई सिरिंज का ही इस्‍तेमाल किया जा रहा हो।
  • अगर आप उस जगह पर सूजन या लाली दिखाई दें तो यह संक्रमण हो सकता है। तुरंत अपने चिकित्‍सक से संपर्क करें।


Image Courtesy : Getty Images

Read More Articles on Healthy Living in Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES13 Votes 4320 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर