डायबिटिक फुट के प्रकार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 26, 2011
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diabetic foot ke prakar

डायबिटीज यानी मधुमेह की स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं आपके पैर। इससे ना केवल आपके पैरों की खूबसूरती खत्म हो सकती है बल्कि वे अनेक बीमारियों से भी ग्रसित हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि डायबिटीज की शुरूआत में खून का प्रभाव पैरों तक ठीक तरह से नहीं पहुंच पाता। जिससे पैरों में आक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स यानी पौष्टिक तत्वों की कमी हो जाती है। इससे पैरों में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। वास्तव में इन बीमारियों को ही डायबिटीक फुट कहा जाता है। अब हमने ये तो जान लिया है कि डायबिटीक फुट क्या है। अब देखते हैं कि डायबिटीक फुट के प्रकार कितने तरह के होते हैं। आइए जानें  फोड़े एंव फुंसियां- डायबिटीज की स्थिति में पैरों में त्वचा की एक मोटी परत बन जाती है जो फोड़े और फुंसियों के रूप में बदल सकती है। ऐसा खासतौर पर तक होता है, जब पैर के किसी खास हिस्से पर दवाब बन रहा हो, या फिर वह किसी अन्य चीज से रगड़ खा रहा हो। ये फोड़े-फुंसियां संक्रमित हो सकते हैं।

  • छाले- पैरों में यदि जूतों के कारण पैरों का एक हिस्सा यदि बार-बार रगड़ खा रहा हो तो पैरों में छाले हो सकते हैं। ये छाले संक्रमण भी पैदा कर सकते हैं। इसीलिए  ऐसे जूते ना पहनें जो पैर में पूरी तरह फिट ना आ रहे हो, साथ ही जुराबों के बिना जूतें नहीं पहनने चाहिए।
  • सूखी और फटी त्वचा- डायबिटीज के कारण पैरों की त्वचा सूखने लगती हैं क्योंकि आपके पैरों की तंत्रिकाओं को यह संदेश नहीं मिलता कि उन्हें नर्म रहना है। त्वचा का ये सूखना, त्वचा के फटने के रूप में सामने आता है। इस फटी त्वचा में डायबिटीज के दौरान कीटाणुओं का प्रवेश आपको सक्रंमित कर सकता है।
  • इनग्रोन टोनेल (त्वचा के भीतर नाखूनों का जाना)- डायबिटीज के दौरान पैरों के नाखूनों का एक सिरा बाहर की बजाय त्वचा के अंदर की ओर बढ़ने लगता है। इसमें त्वचा लाल पड़ जाती है और संक्रमित हो जाती है। ऐसा तब होता है जब आप पैरों के नाखून के किनारों को काटते है। यही समस्या तब भी आ सकती है जब आपके जूते- चप्पल बहुत ज्यादा टाइट हो।
  • हाथी के पैर-  डायबिटीज के दौरान आपके पैरों में सूजन आना स्वाभाविक है। लेकिन सूजन के बाद आपके पैरों की शेप बिगड़ना, पैरों में चलते हुए दर्द होना, पैरों का टेढ़ा-मेढ़ा होने से पैर हाथी के पांव की तरह दिखने लगते हैं। जिसे हाथी के पैर के नाम से जाना जाता है।
  • एथलीट्स फुट- ये एक खास किस्म का फंगस होता है जिसके कारण त्वचा लाल पड़ जाती है, उसमें खुजली होती है और त्वचा फटने लगती है। अंगुलियों के बीच में पड़ने वाले क्रैक्स कीटाणुओं को शरीर के भीतर जाने का रास्ता देते हैं। यह आपके ब्लड में शुगर लेवल हाई है तो यह कीटाणुओं को बढ़ाने का काम करता है जिसके कारण संक्रमण बहुत ज्यादा हो सकता है।


पैरों की देखभाल के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए-

  • नियमित रूप से पैरों की जांच करें।
  • पैरों को गर्म पानी में ना डालें।
  • पैरों की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।
  • अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा सूखी है तो अच्छी क्वालिटी का माश्चराइजिंग लोशन और क्रीम लगाएं।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए नंगे पैर चलना अच्छा नहीं माना जाता।

 

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