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जब भी किसी व्यक्ति को पता चलता है कि वह डायबिटीज से पीडि़त है तो वह ये बात जानने का भी इच्छुक होता है कि उसे टाइप 1 डायबिटीज है या फिर टाइप 2 डायबिटीज। जब व्यक्ति डायबिटीज से पीडित होता है तो वह यह जानने का इच्छुक होता है कि वह कितना जीयेगा। हालांकि मृत्यु पर बात करना अच्छी बात नहीं होती ना ही इस पर बात करने से कोई खुश होता है लेकिन ये मनुष्य का स्वभाव है कि वह यह जानने का जरूर इच्छुक रहता है कि अब उसका जीवन कितने समय का और बचा है। हालांकि इस सवाल का जवाब भी मौजूद नहीं है क्योंकि यह बता पाना भी बहुत मुश्किल होता है कि डायबिटीज से पीडि़त व्यक्ति और कितने समय तक जीएगा। बहरहाल आइए जानें डायबिटीज टाइप 1 और आयु संभाविता मरीज की कितनी होती है।
डायबिटीज के दौरान कुछ कारण है जो कि जीवनकाल को कम करते हैं-
उच्च रक्त चाप- डायबिटीज मरीजों का यदि ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ा रहता है तो उनको किडनी से संबंधित बीमारियां, हार्ट से संबंधित बीमारियां और आंखों से संबंधित समस्याएं या फिर नर्वस सिस्टम पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। उच्च रक्त चाप बढ़ने का कारण हाई कॉलेस्ट्रॉल और असंतुलित खानपान, अत्यधिक तनाव लेने से हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों को ऐसा आहार नहीं लेना चाहिए जो कि उनकी डायबिटीज को बढ़ाए।
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