रातों रात हीमोग्लोबीन का लेवल बढ़ाती है किचन में रखी ये मामूली चीज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 30, 2018
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Quick Bites

  • हीमोग्लोबीन के कम होने का कारण खानपान में लापरवाही होता है।
  • इसमें शरीर लाल रक्‍त कोशिकाओं का उत्‍पादन बहुत कम करता है।
  • हीमोग्लोबिन की कमी होने पर रोगी हमेशा थका हुआ महसूस करता है।

शरीर में हीमोग्लोबीन का स्तर सामान्य होना एक स्वस्थ जीवन के लिए बहुत जरूरी है। हीमोग्लोबीन की कमी कई रोगों को निमंत्रण देती है। असल में शरीर में हीमोग्लोबीन के कम होने का कारण अक्सर खानपान में लापरवाही बरतने के चलते होता है। इसके अलावा शरीर में फोलिक एसिड, आयरन व विटामिन-बी12 की कमी के कारण भी ये रोग होता है। ये रोग होने पर शरीर से रेड ब्‍लड सेल्‍स का लेवेल सामान्‍य से कम हो जाता है।

इसमें शरीर लाल रक्‍त कोशिकाओं का उत्‍पादन बहुत कम करता है, जिनका मुख्‍य कार्य मस्तिष्‍क और शरीर के अन्‍य हिस्‍सों के लिए ऑक्‍सीजन ले जाना होता है। इसके होने का सबसे बड़ा कारण है, शरीर में खून की कमी होना। हीमोग्लोबिन की कमी होने पर रोगी हमेशा थका हुआ महसूस करता है जिससे कार्यक्षमता प्रभावित होती है। रोगी को ज्यादा से ज्यादा आयरन युक्त आहार लेने की सलाह दी जाती है। इससे खून की कमी को जल्दी पूरा किया जा सकता है। बढ़ते बच्चों, स्तनपान कराने वाली महिलाओं व बीमार व्यक्तियों में एनीमिया का खतरा ज्यादा होता है।

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हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का सबसे महत्वपूर्ण घटक है, यह एक प्रोटीन है जिसका मुख्य कार्य रक्त के माध्यम से फेफड़ों से शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन ले जाना है। शरीर में आयरन की कमी के कारण शरीर ऑक्सीजन ले जाने के लिए पर्याप्त हीमोग्लोबिन का उत्पादन नहीं कर पाता जिसके परिणामस्‍वरूप व्‍यक्ति थका हुआ महसूस करता है। आयरन की कमी के कारण एनीमिया की समस्‍या से आसानी से बचा जा सकता है।

तुलसी है हीमोग्लोबिन का सबसे अच्छा स्त्रोत

तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसकी हिंदू धर्म में पूजा भी की जाती है और इसे काफी पवित्र भी माना जाता है। तुलसी में कई रोगों का समाधान होता है। रोजाना तुलसी का सेवन करने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है। जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाए तो तुलसी के पत्तों का सेवन करना बहुत अच्छा रहता है। रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी की 2 से 3 पत्तियां चबाने से काफी फर्क पड़ता है। इसके अलावा अगर हीमोग्लोबिन की कमी वाला व्यक्ति चाय का शौकीन है तो उसे चाय में भी तुलसी की पत्तियां डालकर पीनी चाहिए। इसके अलावा तुलसी के पत्तों का पेस्ट को शहद के साथ मिलाकर लेने से भी काफी फर्क दिखता है। यानि कि हम कहते हैं कि शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सामान्य करने के लिए तुलसी सबसे अच्छा और सस्ता विकल्प है।

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ये चीजें बढ़ाती हैं हीमोग्लोबिन की मात्रा

  • इसमें आयरन के तत्‍व ज्‍यादा मात्रा में होते हैं। यह खून में हीमोग्लोबीन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता को बढ़ाता है। चुकंदर से ज्‍यादा लौह तत्‍व इसकी पत्तियों में होता है। 
  • अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबीन की कमी नहीं होती। 
  • आम खाने से हमारे शरीर में रक्त अधिक मात्रा में बनता है, एनीमिया में यह फायदेमंद होता है। सेब एनीमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। सेब खाने से शरीर में हीमोग्लोबीन बनता है।
  • अंगूर में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। जो शरीर में हीमोग्लोबीन बनाता है। इसके अलावा अंगूर हीमोग्लोबीन की कमी से होने वाली बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है। 
  • शरीर में हीमोग्लोबीन बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। इसके अलावा तिल, पालक, अंडा, नारियल, गुड़, जामुन, नाशपाती, दलिया आदि खाने से हीमोग्‍लोबिन की मात्रा बढ़ती है।

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