दिल्लीवालों को प्रदूषण की मार से बचाएंगे ये घरेलू नुस्खे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 07, 2016
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • दिल्‍ली के प्रदूषण में सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
  • प्रदूषण के असर को बेअसर किया जा सकता है।
  • नासिका छिद्र के आस-पास सरसों का तेल लगाये।
  • गुड और शहद को अपनी डाइट में शामिल करें।

दिल्‍ली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ता प्रदूषण ना सिर्फ वातावरण को दूषित कर रहा है बल्कि हवा में घुलता जहर हमारी सेहत के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो रहा है। दिल्‍ली के प्रदूषण में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। प्रदूषण बढ़ने से ना सिर्फ अस्थमा और सांस संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं बल्कि बच्चों को भी कई तरह की समस्याएं हो रही हैं! घर से बाहर निकलने पर आंखों में जलन भी शुरू हो जाती है। हालांकि हवा में फैले इस जहर को एक दम से कम नहीं किया जा सकता है, लेकिन इस प्रदूषण के असर को बेअसर किया जा सकता है। जी हां कुछ घरेलू नुस्‍खों में मौजूद औषधीय गुणों की मदद से हम अपने शरीर को बीमारियों से बचा सकते हैं। विश्‍वास नहीं हो रहा न तो आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से जानें।

home remedies in hindi

इसे भी पढ़ें : स्मॉग के कहर से कैसे बचें अस्थमा रोगी

सरसों के तेल का इस्‍तेमाल

दिल्ली की सड़कों पर आप निकलेंगे तो पॉल्यूशन से सामना होना लाजमी है लेकिन अगर आप अपनी नासिका छिद्र के आस-पास सरसों का तेल लगा लेते हैं, तो यह धूल के कणों को आपके फेफड़ों में प्रवेश करने से रोकता है। तो अब से आप जब घर से बाहर निकले तो अपनी नाक के छिद्र के आस-पास सरसों का तेल जरूर लगा लें।


गुड़ और शहद का जादू

बढ़ते स्मॉग की वजह से फॉग बड़ी मुश्किल खड़ी करता है। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है और बीमार लोगों के साथ ही सेहतमंद लोगों को भी तकलीफ हो सकती है। लेकिन अगर आप गुड और शहद को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो ये वायु प्रदूषण से हमारे शरीर को होने नुकसान से बचाता है। ऐसा करने से सेहत पर प्रदूषण का असर नहीं होता है। वैसे यह कोई नहीं बात नहीं है क्‍योंकि पुराने समय से ही गुड़ और शहद का इस्तेमाल शरीर को रोगों से बचाने के लिए किया जाता रहा है।


काली मिर्च साफ करे सारा कफ

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा और सांस संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इस समस्‍या से बचने के लिए आप काली मिर्च का इस्‍तेमाल कर सकते है। बहुत काम आने वाली हर किचन में मौजूद काली मिर्च को अगर आप मसल या कूटकर पाउडर बनाकर शहद के साथ लेते हैं तो छाती में जमा सारा कफ साफ हो जाता है।   

pollution in hindi


इसे भी पढ़ें : प्रदूषण की मार से त्वचा को कैसे बचाएं

लहसुन और हल्‍दी का सेवन  

सोते समय हल्दी को दूध में उबालकर पिएं। यह एंटी-एलर्जिक, एंटी-बॉयोटिक व एंटी-टॉक्सिन का काम करता है। जो आपकी इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाकर बहुत सारी बीमारियों से दूर रखता हैं। इसके अलावा लहसुन प्रदूषण के वजह से होने वाले कफ से आप के शरीर को बचाता है। इसमें एंटी-बॉयोटिक गुण पाये जाते हैं। लहसुन की कलियों को छिलकर अच्छे से मसलकर, एक चम्मच मक्खन में अच्छी तरह पका लें। फिर इसे खा लें और लेकिन ध्‍यान रहें इसके सेवन के बाद आधे घंटे तक पानी ना पिएं।


अन्‍य उपाय

दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर खतरनाक स्‍तर तक पहुंच गया है। ऐसे में अगर आप अपने आहार में विटामिन सी, ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे अलसी, अखरोट, तुलसी, अदरक, नींबू और मैग्‍नीशियम से भरपूर आहार लेते हैं तो यह प्रदूषण के असर कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा दिन में 4 लीटर तक पानी पीएं। प्यास लगने का इंतजार ना करें। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बनी रहेगी।  

इन उपायों के अलावा स्‍मॉग अक्सर सुबह या रात के वक्त ही होता है। इस समय बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर निकलना पड़े तो मास्क लगा लें। इन दिनों में धूप नहीं होती तो ज्यादा सावधानी बरतें। दमे के मरीज इन्हेलर लेकर ही निकलें। बच्चों को बाइक या स्‍कूटर पर लेकर ना जाएं। सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।  

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कॉमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty

Read More Articles On Home Remedies in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES3 Votes 1828 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर