नुस्खे जो मॉर्निंग सिकनेस से दिलाएंगे निजात

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 21, 2014
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भावस्था में शारीरिक रुप से सक्रिय रहना चाहिए।
  • बेड से कभी भी जल्दी में ना उठें।
  • सुबह नींबू पानी लेने से उल्टी की समस्या कम होती है।
  • हर तीन में से एक महिला इससे ग्रस्त होती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में शारीरिक बदलाव होने के साथ कई और समस्याएं होती हैं जिनमें से एक है मॉर्निंग सिकनेस। हर तीन में से एक महिला इस समस्या से ग्रस्त होती है।  गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस के कारण महिलाएं जी मिचलाने और उल्टी जैसी समस्या से ग्रस्त रहती हैं।

 

मॉर्निंग सिकनेस में सुबह–सुबह गर्भवती महिलाओं को सर चकराने और उल्टी होने जैसी कैफियत रहती है। अपवाद स्वरूप कभी–कभी मॉर्निंग सिकनेस के लक्षण इतने तीव्र हो जाते है, कि इसमें बार–बार उल्टियां होने लगती है और शरीर से अधिक मात्रा में पानी निकल जाता है। इस वजह से महिलाओं में बहुत ज्यादा थकावट और बैचैनी हो सकती है। इस तरह के गंभीर मॉर्निंग सिकनेस को हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम कहते है और इससे गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

 

इसमें बार–बार उल्‍टियां होने से शरीर से तरल पदार्थ और जल की मा़त्रा निकल जाती है। इस वजह से शरीर में निर्जलीकरण की स्‍थिति और वज़न कम होने की बीमारी हो जाती है। इस तरह की बीमारी होने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को बिगड़ने से बचाने के लिए उचित इलाज की आवश्‍यकता पड़ती है। मर्ज बढ़ने पर गर्भवती को अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है ।

 

morning sickness

 

गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिंकनेस में हाने वाली परेशानियां

गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से होने वाली मॉर्निंग सिकनेस कोई बीमारी नहीं है और यह गर्भावस्था के दौरान रीर में हाने वाले बदलाव का एक हिस्सा है। इससे गर्भवती मां के स्वास्थ्य  पर कोई गंभीर प्रभाव भी नहीं पड़ता है। लेकिन जब मॉर्निंग सिकनेस के दौरान बार–बार और अधिक मात्रा में गर्भवती को उल्टियां होने लगे और इस वजह से उसके पेट में कोई भी अन्य और पानी का रूकना मुश्‍किल हो जाए तो तत्काल इस पर ध्यान देना चाहिए।

अगर मॉर्निंग सिकनेस लम्बे समय तक बनी रहेगी तो इससे गर्भवती महिला का वजन लगातार कम होता जाएगा और उसे स्वस्थ्य होने में काफी समय लग जाएगा। इसके परिणामस्वरूप गर्भ में पलने वाले भ्रूण को भी उचित पोषण नहीं मिलेगा और समय से पहले शिशु के जन्म होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

मॉर्निंग सिकनेस का कारण

गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोन्‍स के परिवर्तन के कारण मॉर्निंग सिकनेस की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। आम तौर पर गर्भ नाल द्वारा स्रावित होने वाले हयूमैन कोरियोनिक गोनाडोट्रा‍फिन और एस्ट्रोजन नामक हार्मोन्‍स को मॉर्निंग सिकनेस का कारण माना जाता है।

 

बचाव


आराम करें


जब महिला गर्भवती हो, तो उसे भरपूर आराम करना चाहिये। इससे उसे और उसके बच्‍चे को आराम मिलेगा। गर्भावस्‍था में कम से कम आठ घंटे की नींद लेना चाहिये जिससे थकान दूर हो सके।

जल्दी में ना उठें

गर्भावस्‍था के दौरान कभी भी जल्दी से बेड से ना उठें। जगने के बाद थोड़ी देर बिस्तर पर ही बैठें और दस मिनट के बाद ही बेड से उतरें। अगर आपका रूम गर्म है तो अचानक से सर्दी में बाहर न निकलें। इससे मार्निंग सिकनेस की समस्या बढ़ जाती है।


पौष्टिक आहार लें

मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने के लिए वही खाएं जो अच्‍छा लगे। ज्‍यादा तीखा या चटपटा न खाएं पर मन को अच्‍छा लगने वाला खाएं। कोशिश करें कि आप सुबह - सुबह खाली पेट, चाय या कॉफी न पिएं, वरना इससे एसिड बनने की संभावना ज्‍यादा होती है।


शारीरिक गतिविधि  

गर्भावस्‍था के दिनों में खुद को एक्टिव रखें। बहुत भारी व्यायाम ना करें लेकिन टहलना जरूर शुरु करें। इससे आपकी मार्निंग सिकनेस की समस्या काफी कम हो सकती है। इसके अलावा आप चाहें तो घर के छोटे-छोटे काम भी कर सकती हैं जिससे आप शारीरिक रुप से सक्रिय रहेंगी और आपका शरीर भी फिट रहेगा। फीजिकल एक्टिव रहने के प्रसव के दौरान भी ज्‍यादा समस्‍या नहीं आती है।

 

benefits of yoga

 

अदकर और लिक्विड

मतली या उल्‍टी जैसी किसी भी समस्‍या में अदरक का जूस सबसे फायदेमंद होता है। अदरक के सेवन से पेट में होने वाली लगभग सभी तकलीफें दूर हो जाती हैं। गर्भावस्‍था में अदरक के जूस को आधा गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से आराम मिलता है। इससे शरीर में डिहाईड्रेशन भी दूर जाता है और महिला रिलैक्‍स हो जाती है।

नींबू पानी लें

मार्निंग सिकनेस से बचने के लिए आप सुबह-सुबह नीबू पानी ले सकती हैं। इसके लिए पानी ,नींबू के रस और पुदीने लें। इससे मार्निंग सिकनेस की समस्या में आपको काफी फर्क महसूस होगा।


सेब का सिरका  

एपल सिडर विनेगर से मार्निंग सिकनेस में काफी फायदेमंद माना जाता है। हर रोज सुबह नियमित रुप से एपल सिडर विनेगर को शहद के साथ लेने पर मार्निंग सिकनेस का इलाज आसानी से हो सकता है।

 

 


जब मोर्निंग सिकनेस में निम्न लक्षण दिखाई दे तो डाक्टरी सहायता लेनी चाहिए

  • तीव्र रूप सर चकराना और उल्टी होना
  • वजन में अचानक और तेजी से कमी
  • उल्टी में खून आना
  • दिल की धड़कन का अचानक बढ़ जाना

 

 

Read More Articles On Pregnancy In Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES24 Votes 46227 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर