स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था के लिए 10 जरूरी टिप्‍स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 26, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मोटापे के कारण गर्भधारण और स्वस्थ गर्भवस्था दोनों में होती हैं मुश्किलें।
  • गर्भवती महिलाओं को होती है प्रतिदिन 300 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्‍यकता।
  • गर्भावस्‍था प्‍लानिंग करने से तीन महीने पहले से फोलिक एसिड लेना शुरू करें।
  • प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी को रोक कर उसे फुलाता है।

अगर मां स्‍वस्‍थ रहेगी तो बच्‍चा भी स्‍वस्‍थ होगा। मां के स्‍वास्‍थ्‍य पर ही होने वाले बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य निर्भर करता है। इसलिए गर्भधारण करने से पहले महिला को स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सभी समस्‍याओं को निपटारा कर लेना चाहिए। प्रेग्‍नेंसी की योजना बनाने से पहले जरूरी सभी जांच जैसे - ब्‍लड प्रेशर, थायराइड, हीमोग्‍लोबिन, डायबिटीज आदि करा लेनी चाहिए। इस लेख में गर्भावस्था के लिए जरूरी ऐसे ही दस टिप्स जानें। 

व्‍यायाम करती महिला

 

गर्भावस्‍था प्‍लानिंग करने से तीन महीने पहले फोलिक एसिड की गोलियां खाना शुरू कर देना चाहिए। यदि आपका वजन ज्‍यादा है तो उसे नियंत्रित कर लीजिए, बाहर का खाना खाने से परहेज कीजिए। अपने भोजन में दालों को शामिल कीजिए। साथ ही डॉक्‍टर की सलाह पर आयरन की गोलियां लीजिए। इस दौरान व्‍यायाम करने से आपको बहुत फायदा होता है। इसलिए व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्‍सा बनाइए। स्‍वस्‍थ प्रेग्‍नेंसी के लिए सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण 10 पहलुओं के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं।

हेल्‍दी प्रेग्‍नेंसी के लिए हेल्‍दी टिप्‍स


1 - प्रेग्‍नेंसी प्‍लान कर रही हैं तो सबसे पहले वजन पर ध्‍यान दीजिये। अगर आपका वजन ज्‍यादा है तो उसे नियंत्रित करना आपका लक्ष्‍य होना चाहिये। मोटापे के कारण न केवल गर्भधारण करना कठिन हो जाता है बल्कि गर्भावस्था भी मुश्किलों भरी हो सकती है। सामान्य भार वाली महिलाओं की अपेक्षा ज्‍यादा वजन वाली महिलाओं में जटिलताओं का खतरा ज्यादा रहता है।

 

2- यदि आपका शरीर फिट रहेगा तो होने वाला बेबी भी स्‍वस्‍थ होगा। इसलिए खुद को स्‍वस्‍थ और हेल्‍दी रखने के लिए नियमित रूप से व्‍यायाम कीजिए। गर्भधारण करने के बाद भी आप व्‍यायाम जारी रख सकती हैं।


3- खाने में कैलोरी की मात्रा बढा़ दीजिए, गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 300 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्‍यकता होती है। लेकिन कैलोरी की जरूरतों को पूरा करने के लिए वसा और शर्करा युक्त भोजन बिलकुल न लें। अतिरिक्त कैलोरी का स्रोत शुद्ध प्रोटीन हो सकता है। इसके अलावा भोजन की स्‍वच्‍छता पर पूरा ध्‍यान दीजिए।


4- गर्भावस्‍था प्‍लानिंग करने से तीन महीने पहले फोलिक एसिड लेना शुरू कर दीजिए। फोलिक एसिड बच्चे की रीढ़ की हड्डी के विकास में सहायक होता है और तन्त्रिका नलिकाओं को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा यह आपकी उंगलियों और बालों के स्वस्थ विकास में भी सहायक है। फोलिक एसिड के लिए टेबलेट ले सकती हैं, इसके अलावा यह पालक, अण्डे, फलियों आदि में पाया जाता है।

 

5- विटामिन डी मां और बच्‍चे के लिए बहुत जरूरी है, इसके लिए पर्याप्त दूध पियें। इससे आपके और होने वाले बच्चे के दांत मजबूत होंगे। इसके अलावा कैल्शियम भी बहुत जरूरी है। विटामिन डी और कैल्शियम के अन्य स्रोत दही, पनीर, सूरज की रोशनी, मोटी मछलियां और अण्डे हैं।

 

6- यदि धूम्रपान और एल्‍कोहल की आदत है तो उसे बिलकुल छोड़ दीजिए। गर्भावस्था से पूर्व धूम्रपान करने से मां और बच्‍चे को कैंसर हो सकता है। धूम्रपान के अलावा शराब पीने से गर्भस्थ शिशु को फीटल ऐल्कोहल सिंड्रोम के कारण अपरिवर्तनीय हानि हो सकती है। इससे बच्‍चे का विकास रुक सकता है।


7- यदि आप चाय और कॉफी की शौकीन हैं तो इसे कम कीजए, कैफीन की मात्रा को सीमित कर दीजिए। कॉफी, चाय, कोला और ऊर्जा पेय हल्के उत्तोजक होते हैं। इनका ज्‍यादा सेवन करने से गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा कैफीन की अधिक मात्रा से आपके होने वाले बच्चे का भार कम हो सकता है।


8- प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन गर्भावस्था के दौरान शरीर में पानी को रोक कर उसे फुलाता है। इस प्रक्रिया से प्राकृतिक रूप से लड़ने के लिये गर्भवती महिलाओं को ज्यादा पानी पीना चाहिये। ज्‍यादा पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद होता है।


9- गर्भावस्‍था से पहले और गर्भधारण के बाद मां को भरपूर आराम करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को हर रात 6 से 8 घण्टे अवश्य सोना चाहिये। दिन में भी थोड़ा सोने पर थकावट से राहत मिलती है।


10 - स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था के लिए सकारात्‍मक सोच बहुत जरूरी है। बेबी सेंटर डॉट कॉम के अनुसार, हाल में हुए कई अध्‍ययनों में यह बात सामने आई है कि गर्भवस्‍था के दौरान मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य का असर बच्‍चे पर पड़ता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को सकारात्‍मक सोच रखना चाहिए।


गर्भावस्‍था की प्‍लानिंग से पहले और गर्भवती होने के बाद नियमित रूप से चिकित्‍सक के संपर्क में रहिए, खाने में सारे पोषक तत्‍व लीजिए और आने वाले नये मेहमान के लिए तैयारियां कीजिए।

 

 

Read More Articles on Getting Pregnant in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES170 Votes 14364 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर