दस सदाबहार पौष्टिक आहार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 14, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

    • कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, विटामिस, मिनरल्स और फाइबर युक्त आहार है जरूरी।

 

    • हरी सब्जियां विटामिन ए, सी, के, कैल्‍शियम और मैगनीशियम का हैं अच्‍छा स्रोत।

 

  • जौ रखता है लीवर से सारी गंदगी साफ करने की क्षमता ।
  • कम मात्रा में वसा लेने पर शरीर को नहीं मिल पाते जरूरी विटामिन ए और ई।

आहार हमारे जीवन का आधार होता है। यूं तो जानकार मौसम के लिहाज से अपने आहार को बदलने की सलाह देते हैं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो हर मौसम में अपनी उपयोगिता बनाये रखते हैं। ये आहार मौसम और वक्‍त बदलने से बेअसर रहते हैं और हर मौसम में आपके खाने की थाली का हिस्‍सा बन सकते हैं।

बीमारी और सेहत दोनों का रास्‍ता हमारे खानपान से होकर गुजरता है। सही और पौष्टिक आहार के बारे में सही जानकारी हमें कई बीमारियों के संभावित खतरे से बचा सकती है। लेकिन, भागदौड़ भरी जिंदगी में पोषण कहीं पीछे छूटता जा रहा है। हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि सही आहार हमारे शरीर की गाड़ी के लिए किसी ईंधन की तरह है। इसलिए सही आहार और पोषण शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है।

 Healthy food

क्या होते हैं पौष्टिक आहार


जिस आहार में सभी पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, विटामिस, मिनरल्स और फाइबर समुचित अनुपात में हों, उसे सतुलित पौष्टिक आहार कहा जाता है। स्पष्ट है ये पोषक तत्व किसी एक या दो खाद्य पदार्थो में नहीं बल्कि विभिन्न खाद्य पदार्थो में पाये जाते हैं। पोषक तत्वों की ये मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की उम्र, शारीरिक सरचना और शारीरिक-मानसिक सक्रियता पर निर्भर करती है।’

 

 

क्या हैं सदाबहार पौष्टिक आहार


 

हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां

इन सब्‍जियों में एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो उम्र के असर को कम करता है।  विटामिन ए, सी, के, कैल्‍शियम और मैगनीशियम का अच्‍छा स्रोत माना जाता है।

 

नट्स

रोज एक मुठ्ठी भर नट्स खाने से आप दिनभर तरोताजा और एक्‍टिव महसूस करेंगे। नट्स में खासतौर पर बादाम और अखरोठ ज्‍यादा महत्‍व रखते हैं। बादाम खाने से दिमाग तेज होता है और खून भी बढता है। साथ ही बादाम को वर्यता दें। बादाम के अंदर अच्छा कोलैस्ट्रॉल और अच्छा वसा पाया जाता है जो शरीर के लिए बिल्कुल भी खराब नहीं होता। इसमें रेशा होता है जो शरीर से वसा को जला कर उसे स्वस्थ्य और एक्टिव बनाता है। अगर आपके पास बादाम हैं तो आपकी तोंद नहीं निकलेगी।

 

स्प्राऊट्स

अंकुरित अनाज सेहत के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यह पोषक एवं जीवंत आहार माना जाता है। यह तुरंत शरीर को ताकत व ऊर्जा देता है।  अंकुरित करने से अनाजों की पौष्टिकता बढ़ जाती है। मसलन सूखे बीजों में विटामिन ‘सी’ की मात्रा लगभग नहीं के बराबर होती है। इन बीजों के अंकुरित होने पर यही मात्रा लगभग दस गुना हो जाती है।  फाइबर से भरपूर अंकुरित अनाज  को आसानी से पचाया जा सकता है। इसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। और सबसे मजेदार बात तो ये हा कि इसे किसी भा मौसम में खाया जा सकता है।

 

अंडा

यह एक तरह का प्रोटीन का खजाना माना जाता है। साथ ही इसमें 8 अमीनो एसिड भी होता है। यह बात कोई भी अंडा खाने वाला व्‍यक्ति जरुर जानता होगा कि अंडा खाने से शरीर को कितना जादा प्रोटीन मिलता है और पेट भरने में कितना काम आता है।

 

दूध

दूध एक संपूर्ण आहार है जिसमें मिनरल, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट औ विटामिन उच्‍च मात्रा में पाया जाता है। इसे या तो दही या पनीर के रूप में खाया जा सकता है या फिर केवल दूध ही पिया जा सकता है। यह दोनों ही प्रकार से लाभ पहुंचायेगा।

 

फल

आपको रोज सुबह शाम एक फल तो जरुर खाना चाहिये। यह बहुत जरुरी है कि आप हर प्रकार के फल खाएं क्‍योंकि हर फल में अपने ही गुण होते हैं। केला खाएं, केले से अच्छा कोई नाश्ता नहीं है इसे दूध में मैश करके खाए या ऐसे ही ये दोनों तरह से फायदा करेगा। केले में बहुत मात्रा पोटेशियम है जो उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है जिन्हें हाइपरटेंशन की शिकायत रहती है।

 

 

शहद

अगर वजन जल्द गायब करना है तो गर्म पानी में शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पिएं। इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो खाने को आसानी से हजम करता है और शूगर लैवल को बैलेंस भी करता है। कोशिश करें की चीनी की जगह पर हमेशा शहद का ही प्रयोग करें।

 

जौ

जौ लीवर से सारी गंदगी साफ करने की क्षमता रखता है। यह एक अच्छा फाइबर युक्त भोजन है। जौं के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर मजबूत भी बनता है। आप अपने रोटी बनाने वाले आटे में भी जौं के आटे को मिला कर खा सकते हैं।

 

टमाटर

टमाटर में विटामिन सी पाया जाता है, इसलिये यह लाइकोपीन में रिच होता है, जो कि एक प्रभावशाली एंटीऑक्‍सीडेंट हेाता है। इसलिये टमाटर का रस लीवर को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने में लाभदायक होता है।

 

आंवला

आंवला मे भी बहुत सारा विटामिन सी पाया जाता है। आप आमले को कच्‍चा या फिर सुखा कर खा सकते हैं। इसके अलावा इसे लीवर को साफ करने के लिये जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।

 

दही

दही आसानी से पच जाती है और यह पेट को प्रोबायोटिक प्रदान करती है। यह एक अच्‍छा बैक्‍टीरिया होता है जो जॉन्‍डिस से भी लड़ने में सहायक होता है। रोज खाने के साथ थोड़ी दही लें। इससे आपका पेट भी ठीक रहता है।

 

क्यों जरूरी हैं पौष्टिक आहार

कार्बोहाइड्रेट्स दैनिक कार्र्यो को करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन इस पोषक तत्व को ज्यादा मात्रा में लेने पर व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त हो सकता है। वहीं काफी कम मात्रा में लेने से व्यक्ति कमजोरी के कारण थकान महसूस करता है। प्रोटीन शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करता है और यह शारीरिक विकास के लिए आवश्यक तत्व है। वसा ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसमें घुलनशील विटामिन ए और विटामिन ई पाये जाते हैं।

अत्यंत कम मात्रा में वसा लेने पर शरीर के लिए जरूरी विटामिन ए और ई प्राप्त नहीं हो पाते। इसे भी अधिक मात्रा में लेने पर मोटापा बढ़ सकता है। विटामिन शरीर को बीमारियों से बचाकर उसे स्वस्थ बनाये रखने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। मिनरल्स में कैल्शियम और आयरन का विशेष महत्व है। कैल्शियम दातों, हड्डियों, मासपेशियों और स्नायुओं की मजबूती के लिए आवश्यक है। आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक है। सोडियम, पोटैशियम और क्लोरीन शरीर की मासपेशियों के सुचारु सचालन के लिए आवश्यक हैं। फाइबर पेट साफ रखने के लिए आवश्यक है।

 

 

Read More Articles On Nutrition in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES48 Votes 8060 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर